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मोदी की जीत पर आशावान पाकिस्तानः उर्दू प्रेस रिव्यू
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते पाकिस्तान को आईएमएफ़ से मिलने वाले बेलआउट पैकेज, ईरानी विदेश मंत्री का पाकिस्तान दौरा और भारत के आम चुनाव में मोदी की जीत से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.
सबसे पहले बात भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आम चुनाव में शानदार जीत की.
भारत में हुए लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की पार्टी बीजेपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक शानदार जीत हासिल की है. मोदी की इस जीत का ज़िक्र पाकिस्तान के सभी अख़बारों के पहले पन्ने पर है.
अख़बार जंग ने सुर्ख़ी लगाई है, ''मोदी कामयाब, क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए इमरान से सहमत.''
अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान ने मोदी को जीत की मुबारकबाद दी और कहा कि दक्षिण एशिया में शांति और विकास के लिए उनके साथ मिलकर काम करना चाहता हूं. मोदी ने इमरान ख़ान का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा इस क्षेत्र में शांति को प्राथमिकता दी है.
अख़बार दुनिया ने सुर्ख़ी लगाई है, ''मोदी का क्लीन स्वीप''. अख़बार नवा-ए-वक़्त ने लिखा है, ''मोदी फिर जीत गए.''
अख़बार जंग में सुहैल वडाएच ने एक संपादकीय लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि मोदी के दोबारा लौटने से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बेहतरी आएगी. लेख के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में जब भी कोई सकारात्मक क़दम उठा है उस समय भारत में बीजेपी की सरकार रही है.
कॉलम में वाजपेयी का लाहौर दौरा और परवेज़ मुशर्रफ़ के आगरा दौरे का हवाला दिया गया है.
लेख में अंत में कहा गया है कि बीजेपी की अतिवादी नीतियों के बावजूद पाकिस्तान से संबंधों में बेहतरी की उम्मीद की जा सकती है.
अब बात पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि पाकिस्तान की जनता को केवल दो महीने मुश्किलों से गुज़रना होगा उसके बाद आर्थिक हालात बेहतर हो जाएंगे.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार इमरान ख़ान ने कराची में शौकत ख़ानम अस्पताल के लिए आयोजित फंडरेज़िंग भोज में आए मेहमानों को संबोधित करते हुए कहा, ''हमारे लिए सिर्फ़ दो महीने और मुश्किल हैं. जब क़ौम एकजुट हो जाती है तो वो किसी भी चीज़ का मुक़ाबला कर सकती है. हमारे दो महीने मुश्किल इसलिए हैं कि जो दस साल इस मुल्क में हुआ और जिस तरह की लूट मार हुई और इस मुल्क को क़र्ज़ में धकेल दिया गया तो बुरा वक़्त आना ही था.''
अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान इतनी तरक़्क़ी करेगा कि वो दिन दूर नहीं जब बाहर से लोग पाकिस्तान नौकरियां ढूंढने आएंगे.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए आईएमएफ़ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) ने एक बेलआउट पैकेज पर पाकिस्तान से समझौता किया है.
लेकिन इस समझौते की शर्ते इतनी सख़्त हैं कि रोज़मर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीज़ों की क़ीमत आसमान छू रही हैं और बाज़ार गिरता जा रहा है.
अख़बार के अनुसार समझौते के तहत पाकिस्तान क़रीब 750 अरब रुपए के नए टैक्स लगाएगा.
पाकिस्तानी रुपए की हालत ख़राब
डॉलर के मुक़ाबले पाकिस्तानी रुपए की क़ीमत भी गिरती जा रही है और वो एक डॉलर 150 पाकिस्तानी रुपए के बराबर हो गया है.
पाकिस्तान की करेंसी इस समय एशिया की सबसे कमज़ोर करेंसी हो गई है. अख़बार कहता है कि अफ़ग़ानिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश की करेंसी भी पाकिस्तानी रुपए से ज़्यादा मज़बूत है.
लेकिन आईएमएफ़ ने बेलआउट पैकेज की शर्तों का बचाव किया है.
पाकिस्तानी मीडिया के ज़रिए आईएमएफ़ को भेजे गए कई सवालों का जवाब देते हुए आईएमएफ़ के प्रवक्ता गैरी राइस ने कहा कि इस बेलआउट पैकेज से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था स्थिर होगी.
अख़बार दुनिया के अनुसार गैरी राइस का कहना था, ''बेलआउट पैकेज का असल उद्देश्य पाकिस्तान में अर्थव्यवस्था के असंतुलन को बेहतर करना, क़र्ज़ों के बोझ में कमी लाना और पाकिस्तान को एक स्थिर आर्थिक विकास की राह पर लाना है.''
राइस ने कहा कि पाकिस्तान में आर्थिक सुधार लागू किए जाने के बाद सरकार के पास जनता के लिए की जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धन होगा.
ईरान के विदेश मंत्री जव्वाद ज़रीफ़ ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान का दौरा किया था.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार जव्वाद ज़रीफ़ ने अपनी पाकिस्तानी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री इमरान ख़ान, सेना प्रमुख जनरल जावेद क़मर बाजवा और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से मुलाक़ात की.
अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने ईरानी विदेश मंत्री से कहा कि जंग किसी के भी हित में नहीं है.
ईरानी विदेश मंत्री ने ऐसे समय में पाकिस्तान का दौरा किया है जब पूरे खाड़ी में ईरान और अमरीका के बीच रिश्ते बहुत ही तनावपूर्ण हैं और जंग जैसे हालात लग रहे हैं.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा, ''इस क्षेत्र में किसी तरह का तनाव किसी के हित में नहीं है. पाकिस्तान किसी भी समस्या को राजनयिक तौर पर हल करने का पक्षधर है.''
इस मौक़े पर ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की वो सराहना करते हैं.
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