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इमरान ख़ान ने कहा साहिबा और खड़ा हो गया हंगामाः उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते इमरान ख़ान का ईरान और चीन का दौरा, इमरान और मोदी की मुलाक़ात की अटकलों से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रही.
सबसे पहले बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ईरान दौरे की. इमरान ख़ान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार ईरान का दौरा किया.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार दो दिनों की यात्रा के दौरान इमरान ख़ान ने ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी और वहां के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयातुल्लाह ख़ामेनेई से मुलाक़ात की.
बाद में रूहानी और इमरान ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईरान और पाकिस्तान की दोस्ती के बीच कोई तीसरी ताक़त नहीं आ सकती है.
दोनों ने कहा कि पाकिस्तान और ईरान की सीमा की सुरक्षा के लिए संयुक्त सेना का गठन किया जाएगा.
इसके लिए दहशतगर्दी से निपटने के लिए भी संयुक्त रैपिड एक्शन फ़ोर्स का गठन होगा. दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने और ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन बनाने पर भी सहमति जताई गई.
ईरान से लौटने के बाद इमरान ख़ान ने चीन का दौरा किया.
चीन की राजधानी बीजिंग में वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) फ़ोरम की बैठक में हिस्सा लेने के लिए इमरान ख़ान चीन पहुंचे.
इस मौक़े पर इमरान ख़ान ने कहा कि चीन और पाकिस्तान सीपेक (चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर) के अगले फ़ेज़ में बढ़ रहे हैं. इमरान ने कहा कि चीन की मदद से पाकिस्तान का ग्वादर बंदरगाह दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक हब बन रहा है.
इमरान और बिलावल भुट्टो
इमरान ख़ान का बिलावल भुट्टो के संबोधन के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द विवादों में घिरा.
क़बायली इलाक़े में एक रैली को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो को साहब की जगह साहिबा कह कर संबोधित कर दिया.
फिर क्या था, इस पर हंगामा खड़ा हो गया, विपक्षी पार्टियों के अलावा सोशल मीडिया पर भी लोग इस पर बातचीत करने लगे.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार बिलावाल भुट्टो ने इमरान ख़ान के ज़रिए साहिबा कहे जाने पर सख़्त प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने सेलेक्टेड (चुने गए) प्राइम-मिनिस्टर का हैशटैग लगाते हुए ट्वीट किया और पूछा बड़े ओहदों पर छोटे आदमी की बात किसके लिए कही गई थी.
बिलावल भुट्टे के प्रवक्ता मुस्तफ़ा नवाज़ खोखर ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा कि इमरान ख़ान ने एक रैली में जो बातें कहीं वो सदन के अंदर बोल कर दिखाएं.
वहीं सांसद शेरी रहमान ने कहा कि इमरान ख़ान का पूरा व्यक्तित्व अपने आप में एक लतीफ़ा है.
शेरी रहमान का कहना था, ''इस तरह की जुमलेबाज़ियां प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे आदमी को शोभा नहीं देतीं. काश इनको प्रधानमंत्री सेलेक्ट करने वाले लोग पहले इन्हें मियांवाली का काउंसलर बना देते.''
नेता प्रतिपक्ष और मुस्लिम लीग (नवाज़) के अध्यक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने इसे अफ़सोसनाक क़रार देते हुए कहा, ''सेलेक्टेड प्राइम मिनिस्टर इस ओहदे के लिए पूरी तरह अनफ़िट हैं.''
सूचना मंत्रालय की सलाहकार फ़िरदौस आशिक़ आवान ने इमरान ख़ान का बचाव करते हुए कहा कि इमरान ख़ान की ज़ुबान फिसल गई थी.
पढ़ें-
अख़बार दुनिया के अनुसार फ़िरदौस ने कहा कि इमरान ख़ान लिखा हुआ भाषण नहीं पढ़ते. उन्होंने जानबूझकर ऐसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया बल्कि उनकी ज़ुबान फिसल गई थी.
इमरान-मोदी की मुलाक़ात
क्या और जल्द ही इमरान ख़ान और नरेंद्र मोदी की मुलाक़ात हो सकती है.
अख़बार जंग में छपी ख़बर के अनुसार इमरान ख़ान जून में ब्रिटेन का दौरा करेंगे.
उस दौरान ब्रिटेन में क्रिकेट विश्व कप चल रहा होगा. इमरान ख़ान कम से कम पाकिस्तान के दो मैच देखेंगे.
अख़बार के मुताबिक़ भारतीय अधिकारियों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि जून में भारत के नए प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री क्रिकेट विश्व कप के मैच देखने ब्रिटेन जाएंगे.
भारत में इस वक़्त आम चुनाव हो रहे हैं लेकिन 23 मई को चुनावी नतीजे आ जाएंगे और उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में नई सरकार बन जाएगी.
अख़बार के मुताबिक़ इस वक़्त भारत से चुनावों के जो रुझान मिल रहे हैं उनके मुताबिक़ उम्मीद है कि नरेंद्र मोदी सरकार बनाने में कामयाब होंगे अलबत्ता उनकी जीत की मार्जिन पिछले चुनाव की तुलना में कम होगी.
अख़बार के अनुसार ब्रितानी अधिकारी इस बात में दिलचस्पी रखते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच दोबारा बातचीत की शुरूआत हो.
इसके लिए ब्रिटेन पूरी कोशिश करेगा कि जब मोदी और इमरान दोनों ही लंदन में हों तो उन दोनों की मुलाक़ात हो.
अख़बार के मुताबिक़ भारत में चुनाव का बुख़ार उतर जाने के बाद भारतीय नेतृत्व भी पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हो जाएगा.
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