You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
जैश-ए-मोहम्मद के मदरसे को पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने अपने नियंत्रण में लिया
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने बहावलपुर में प्रतबिंधत संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मदरसे को अपने नियंत्रण में ले लिया है.
पंजाब के गृह मंत्री के एक प्रवक्ता के मुताबिक़, पंजाब सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वॉर्टर समझे जाने वाले मदरेसातुल असाबर और जामा ए मस्जिद सुब्हानअल्लाह को क़ब्ज़े में ले लिया है और इस सिलसिले में वहां एक सरकारी प्रशासक भी तैनात कर दिया है.
इसके बारे में पाकिस्तान सरकार ने ट्वीट करके भी जानकारी दी है.
वहीं, देर रात मदरसे को नियंत्रण में लिए जाने की पुष्टि पाकिस्तान के सूचना प्रसारण मंत्री चौधरी फ़वाद हुसैन ने ट्वीट के माध्यम से की. उन्होंने कहा कि भारत इस मदरसे को लेकर यह प्रचार कर रहा है कि यह जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वॉर्टर है, शनिवार को पंजाब सरकार मीडिया के प्रतिनिधियों को इस मदरसे में लेकर जाएगी और दिखाएगी कि यह मदरसा कैसे काम कर रहा था.
फ़वाद हुसैन ने इसके बाद साफ़ किया कि यह कार्रवाई पुलवामा हमले के बाद नहीं की जा रही है बल्कि यह नेशनल एक्शन प्लान के तहत किया जा रहा है.
पंजाब के गृह मंत्री के प्रवक्ता के अनुसार, "70 शिक्षकों वाले इस परिसर में फिलहाल 600 छात्र पढ़ते हैं. पंजाब पुलिस इस परिसर की सुरक्षा देख रही है."
बहावलपुर में मौजूद बीबीसी उर्दू के संवाददाता उमर दराज़ नंगियाना ने बताया कि मदरसे के कर्मचारियों ने मदरसों को प्रतिबंधित किए जाने की पुष्टि की है और मदरसे के बाहर पंजाब पुलिस के जवान भी तैनात हैं. हालांकि उन्होंने मदरसे का नियंत्रण अपने हाथों में लेने के फ़ैसले पर कुछ नहीं बोला.
भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ के काफ़िले पर 14 फ़रवरी को हुए हमले में 40 से अधिक जवानों की मौत हो गई थी. इस हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.
अभी यह साफ़ नहीं है कि जैश-ए-मोहम्मद के ख़िलाफ़ यह हालिया कार्रवाई पुलवामा हमले के बाद उस पर लगने वाले आरोपों के बाद ली गई है या नहीं. हालांकि पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस कार्रवाई का फ़ैसला गुरुवार को प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के नेतृत्व में हुए राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सम्मेलन में लिया गया था.
इसी सम्मेलन के बाद हाफ़िज़ सईद के संगठन जमात-उद-दावा और फ़लाह-ए-इंसानियत फ़ाउंडेशन को प्रतिबंधित करने का फ़ैसला लिया गया था.
बहावलपुर में मसूद अज़हर?
प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलान मसूद अज़हर के बारे में माना जाता है कि वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में हैं.
भारत कई बार पाकिस्तान से मसूद अज़हर को उसके हवाले करने के लिए कह चुका है लेकिन पाकिस्तान उनके ख़िलाफ़ सबूत न होने का हवाला देता रहा है.
अक्टूबर 2001 में भारत की संसद भवन पर हुआ चरमपंथी हमला हो या 2002 में अमरीकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या, इन घटनाओं में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ माना जाता है.
संयुक्त राष्ट्र में जैश-ए-मोहम्मद को 'आंतकी संगठनों' की सूची में शामिल करवाने के बाद भारत कई बार मसूद अज़हर को भी चरमपंथियों की सूची में शामिल करने की कोशिश कर चुका है लेकिन पाकिस्तान का क़रीबी सहयोगी चीन हमेशा इसके ख़िलाफ़ वीटो का प्रयोग कर देता है.
ये भी पढ़ें:
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)