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पाकिस्तान हमले की 'भारी क़ीमत' चुकाएगा: ईरान
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा ज़िले में चरमपंथी हमले के बाद पाकिस्तान को भारी क़ीमत चुकाने की चेतावनी दी थी.
अब ईरान ने भी पड़ोसी पाकिस्तान को भारी क़ीमत चुकाने की धमकी है. ईरान का कहना है कि पाकिस्तान में पनाह लिए चरमपंथियों ने इस हफ़्ते उसके रिवॉल्युशनरी गार्ड्स के 27 जवानों पर आत्मघाती हमला कर उनकी जान ले ली थी.
ईरान के रिवॉल्युशनरी गार्ड्स प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफ़री ने इस हमले में सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर सुन्नी समूहों को मदद करने का आरोप लगाया है.
ईरान ने कड़े लहज़े में चेतावनी दी है कि इस हमले की क़ीमत चुकानी होगी. हालांकि पाकिस्तान, सऊदी अरब और यूएई ने इस हमले में शामिल होने से इनकार किया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक जाफ़री ने लाइव टेलीविजन पर कहा, ''पाकिस्तानी सेना और सुरक्षाबलों ने हमारे रिवॉल्युशनरी गार्ड्स के दुश्मनों को क्यों पनाह दी है? इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान को इसकी भारी क़ीमत चुकानी होगी.''
जाफ़री बुधवार को 27 सैनिकों की अंत्येष्टि में उमड़ी भीड़ को संबोधित कर रहे थे.
ईरानी सैनिकों पर हमला दक्षिणी-पूर्वी इलाक़े में हुआ था. इस इलाक़े में ईरानी सैनिकों पर अल्पसंख्यक सुन्नी चरमपंथियों की ओर हमले लगातार हो रहे हैं.
जाफ़री ने मुल्क के सेंट्रल सिटी इसफ़ाहन में मारे गए सैनिकों के शोकाकुल परिजनों से कहा, ''पिछले साल ही छह से सात आत्मघाती हमलों को नाकाम किया था लेकिन वो इस बार कामयाब रहे.''
सुन्नी समूह जैश अल अद्ल ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. यह समूह ईरान में अल्पसंख्यक बलूचों की हालत में सुधार और ज़्यादा अधिकारों की मांग कर रहा है.
जाफ़री ने कहा, ''सऊदी और यूएई की विश्वासघाती सरकारों को जान लेना चाहिए कि ईरान का सब्र ख़त्म हो गया है और हमलोग इन ग़ैरइस्लामिक अपराधियों को मिल रही गोपनीय मदद लंबे समय तक नहीं रहने देंगे.''
उन्होंने कहा, ''हम अपने शहीदों के ख़ून का बदला सऊदी, संयुक्त अरब अमीरात से ज़रूर लेंगे. हम राष्ट्रपति हसन रूहानी से मांग करेंगे कि वो हमें छूट दें ताकि जवाबी कार्रवाई कर सकें.'' जाफ़री जब ऐसा कह रहे थे तो लोग अल्लाहु अकबर का नारा लगा रहे थे.
ईरान के शिया मुस्लिम अधिकारियों का कहना है कि चरमपंथी समूहों के लिए पाकिस्तान सुरक्षित ठिकाना बन गया है और वो लगातार मांग कर रहे हैं कि इनके ठिकाने ध्वस्त किए जाएं.
जाफ़री का यह बयान तब आया है जब मध्य-पूर्व के तनाव पर पोलैंड की राजधानी वारसा के सम्मेलन में इसराइल और अरब के देश शामिल हो रहे हैं.
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