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इंडोनेशिया पुलिस ने गुनाह कबूल करने के लिए गले में डाल दिया सांप
अपराधियों से गुनाह कबूल करवाने के लिए दुनियाभर में पुलिस क्या-क्या तरीके नहीं अपनाती. इंडोनेशिया में एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, जिसमें चोरी के एक संदिग्ध को डराने के लिए एक सांप का इस्तेमाल किया गया है.
तकरीबन डेढ़ मिनट के इस वीडियो में दिख रहा है कि एक गहरे भूरे रंग का सांप जो कि तकरीबन दो मीटर लंबा है को एक व्यक्ति के गले में लपेटा गया है. इस व्यक्ति के हाथ कमर के पीछे हथकड़ी से बंधे हैं और सांप लगातार उसके शरीर पर चल रहा है. यही नहीं एक व्यक्ति जो संदिग्ध चोर के पास है वो सांप को उस व्यक्ति के चेहरे के पास ले जाते हुए दिख रहा है.
वीडियो में दिख रहा है कि इस दौरान संदिग्ध व्यक्ति बुरी तरह आतंकित है और सांप से बचने के लिए ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहा है. जबकि सांप से डराने वाले शख्स (ये व्यक्ति पुलिस की वर्दी में नहीं है) हंस रहा है.
हिरासत में लिए गए इस व्यक्ति को पापुआ क्षेत्र का बताया जा रहा है.
सांप का डर
एक पुलिसकर्मी, जिसे पहचाना नहीं जा सका है, संदिग्ध व्यक्ति पर चिल्लाता है और पूछता है, "तुमने कितनी बार मोबाइल फ़ोन चुराए हैं?"
वीडियो में दिख रहा है कि संदिग्ध इसका जवाब देता है, "सिर्फ़ दो बार."
स्थानीय पुलिस प्रमुख ने माना है कि पुलिस का ये रवैया एकदम ग़ैर पेशवर है. पुलिस प्रमुख टोनी आनंद स्वादया ने एक बयान जारी कर कहा, "हमने संबंधित व्यक्ति के ख़िलाफ़ कड़े कदम उठाए हैं."
हालाँकि उन्होंने कहा कि पुलिस ने व्यक्ति के साथ मार-पीट नहीं की है.
पुलिस प्रमुख ने अपने सहयोगी का बचाव करते हुए कहा कि ये सांप पालतू था और ज़हरीला नहीं था, लेकिन उन्होंने ये नहीं बताया कि ये सांप किस प्रजाति का था.
पुलिस प्रमुख ने माना कि स्थानीय पुलिस ने गुनाह कबूल करने का ये तरीका खुद निकाला था और वो चाहते थे कि संदिग्ध अपना गुनाह जल्द से जल्द कबूल करे.
ये वीडियो मानवाधिकार कार्यकर्ता वेरोनिका कोमान ने ये वीडियो ट्वीट किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि पापुआ की आज़ादी के लिए लड़ रहे एक कार्यकर्ता को भी इंडोनेशिया की पुलिस ने लॉक-अप में डाला और सांप से डराया.
पूरे वीडियो में देखा जा सकता है कि सांप को संदिग्ध के मुंह और पैंट के अंदर डालने की धमकी दी जा रही है.
पापुआ में मानवाधिकार उल्लंघन के कई मामले सामने आए हैं, जहां अलगाववादी पापुआ की स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ रहे हैं. प्राकृतिक संसाधनों की भरमार वाला ये इलाक़ा पापुआ न्यू गिनी से जुड़ा है और 1969 में इंडोनेशिया का हिस्सा बना था.
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