ट्रंप ने मेक्सिको दीवार के मुद्दे पर 'राष्ट्रीय आपातकाल' लगाने की धमकी दी

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह संसद की मंज़ूरी के बिना मेक्सिको सीमा पर दीवार खड़ी करने के लिए राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर सकते हैं.

वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसदों से मुलाक़ात के बाद ट्रंप ने ये धमकी दी है. डेमोक्रेट सांसदों से मेक्सिको सीमा पर दीवार खड़ी करने लिए फंड को मंज़ूरी देने की ट्रंप ने गुज़ारिश की थी.

ट्रंप के इस क़दम को, सरकार को दीवार बनाने के लिए ज़रूरी धन जारी करने के लिए विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है.

ट्रंप ने ये भी कहा है कि सरकार का आंशिक कामकाज बंद करने के लिए वह तैयार हैं - अमरीका में कामबंदी का दौर तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है.

संघीय सरकार के लगभग आठ लाख कर्मचारी 22 दिसंबर से बिना वेतन के काम कर रहे हैं.

ट्रंप के सहयोगी और सांसद एक बार फिर शनिवार को मुलाक़ात करेंगे और मामले को सुलझाने की नए सिरे से कोशिश करेंगे.

डेमोक्रेट्स के साथ बैठक में क्या हुआ

रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य, राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में डेमोक्रेट्स के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चली इस मुलाक़ात को शुरुआत में बेहद सकारात्मक बताया, लेकिन बाद में ये पूछे जाने पर कि क्या वो फंड के लिए संसद की अनुमति नहीं लेने और राष्ट्रपति के आपात अधिकारों का इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं, ट्रंप ने कहा कि वो ऐसा कर सकते हैं.

ट्रंप ने कहा, "मैं ऐसा कर सकता हूँ. हम राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर सकते हैं और सीमा पर जल्दी से दीवार खड़ी कर सकते हैं. ऐसा करने का ये एक और तरीक़ा है."

उन्होंने कहा, "जो कुछ मैं कर रहा हूँ, मुझे उस पर गर्व है. मैं इसे शटडाउन नहीं मानता. मैं इसे अपने देश की सुरक्षा और इसके फ़ायदे के लिए उठाया गया कदम कहूँगा."

अमरीकी संसद की स्पीकर नेन्सी पेलोसी ने कहा है कि शुक्रवार की बैठक आगे भी जारी रहेगी, हालाँकि सांसद चक शूमर ने कहा, "हमने राष्ट्रपति से कहा है कि सरकार को इस संबंध में खुला रुख़ अपनाना चाहिए, लेकिन उन्होंने इससे इनकार किया."

क्या ट्रंप इमर्जेंसी घोषित कर सकते हैं?

वॉशिंगटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता एंथनी ज़र्चर का कहना है कि ट्रंप ने ये धमकी तो दी है कि मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने के लिए वो राष्ट्रीय आपातकाल तक घोषित कर सकते हैं, लेकिन सवाल ये है कि वह ऐसा करने के लिए आगे क्यों नहीं बढ़ रहे हैं?

संघीय कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने की पीड़ा क्यों झेलनी पड़ रही है, दूसरी कई एजेंसियों को भी ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

जवाब ये है कि इसका समाधान इतना आसान नहीं है. अमरीकी क़ानून में ये प्रावधान है जंग के दौरान या राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में राष्ट्रपति को सैन्य परियोजनाओं का काम सीधे तौर पर करने का अधिकार हासिल है, लेकिन ये रकम रक्षा मंत्रालय के बजट से आती है, जिसे संसद की मंज़ूरी मिली होती है.

नैन्सी पेलोसी ने कहा कि बॉर्डर पर दीवार बनाना 'अनैतिक' है. डोनल्ड ट्रंप कहते हैं कि जब तक दीवार के लिए फ़ंड नहीं मिलता, तब तक वह सरकार का कामकाज शुरू करने वाले किसी भी विधेयक का समर्थन नहीं करेंगे.

यह अरबों-खरबों डॉलर के लिए होने वाली लड़ाई से बढ़कर है. दरअसल यह राजनीतिक मसला है.

इससे कुछ लोग कयास लगा रहे हैं कि शटडाउन कुछ महीनों तक और खिंच सकता है. वैसे, ऐसा होना मुश्किल है लेकिन इसका असर बढ़ता जा रहा है.

एक तरफ तो सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा, ऊपर से ऐसी नौबत भी आ सकती है कि जो अमरीकी अपना इनकम टैक्स फ़ाइल कर रहे हैं, उन्हें रिफ़ंड न मिले. इससे सरकारी कर्मचारियों से इतर और लोगों में भी नाराज़गी बढ़ सकती है.

नैन्सी पेलोसी का कहन है कि कभी न कभी सरकार को समझौता करना ही होगा. इसका समाधान कुछ ऐसे निकल सकता है कि कोई भी पक्ष हारा हुआ नज़र न आए.

ऐसा तभी हो सकता है जब सीमा की सुरक्षा और 'बाड़ लगाने' के लिए फ़ंड मंज़ूर कर दिया जाए मगर कंक्रीट की दीवार के लिए नहीं.

शायद बदले में डेमोक्रैट्स को यह आश्वासन दिया जाए कि जो लोग बचपन में अवैध ढंग से अमरीका आए थे, उन्हें सामान्य दर्जा दिया जाएगा.

इस तरह से दोनों पक्ष जीत का दावा करेंगे और दोनों ही (एक तरह से) सही भी होंगे. हालांकि, फिलहाल दोनों पक्ष इस लड़ाई को लंबा खींचने में ज़्यादा इच्छुक नज़र आ रहे हैं.

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