You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
चीन जा रहे अपने नागरिकों को चेतावनी क्यों दे रहा है अमरीका
चीन में कई हाई प्रोफ़ाइल अमरीकी नागरिकों की गिरफ़्तारी के बाद अमरीका के विदेश विभाग ने चीन जाने वाले अपने नागरिकों से और अधिक सतर्कता बरतने के लिए कहा है.
ताज़ा सलाह में कहा गया है कि चीन में अमरीकी नागरिकों को देश के बाहर जाने से रोका जा रहा है.
कनाडा के दो नागरिकों के चीन की हिरासत में होने के समय ये चेतावनी जारी की गई है.
पूर्व राजनयिक माइकल कोवरिग और व्यापारी माइकल स्पावोर को बीते महीने हिरासत में लिया गया था.
दोनों देशों के बीच रिश्ते भी हाल के महीनों में ख़राब हुए हैं.
इन दोनों लोगों पर चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए गए हैं. गुरुवार को चीन के एक शीर्ष अभियोजक ने कहा था कि इस बात में कोई शक़ नहीं है कि दोनों ने क़ानून तोड़ा है.
दूसरी ओर नवंबर में तीन अमरीकी नागरिकों पर आर्थिक अपराध करने के आरोप लगाए गए थे और उन्हें देश छोड़ने से रोक दिया गया था.
रिपोर्टों के मुताबिक देश से फ़रार एक उद्योगपति की संतानों विक्टर और सिंथिया लियू और उनकी मां सांड्रा हान को इस साल जून में हिरासत में लिया गया था.
ताज़ा यात्रा सलाह में क्या कहा गया है?
नई सलाह में उन यात्रा प्रतिबंधों के बारे में चेतावनी दी गई है जो विदेशी नागरिकों को चीन से बाहर जाने से रोकते हैं.
इसमें कहा गया है कि इन यात्रा प्रतिबंधों को ज़बरदस्ती लागू करके लोगों को देश में रखा जा रहा है.
साथ ही ये भी कहा गया है कि अमरीकी नागरिकों को देश से बाहर जाने के इन प्रतिबंधों के दौरान प्रताड़ित भी किया गया है.
सलाह में कहा गया है कि अमरीकी नागरिकों को बिना क़ानूनी मदद के विकल्प के और उनके अपराध के बारे में जानकारी दिए बिना हिरासत में रखा जा सकता है.
नई सलाह में उन लोगों को भी चेताया गया है जिनके पास चीन और अमरीका दोनों देशों की नागरिकता है.
चीनी क़ानून के तहत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है और अमरीकी विदेश विभाग ने चेताया है कि अमरीकी-चीनी नागरिकों को चीन में हिरासत में रखा जा सकता है और उन्हें अमरीकी मदद लेने से रोका जा सकता है.
चीन की यात्रा कर रहे लोगों से कहा गया है कि वो वैध चीनी वीज़ा के साथ अमरीकी पासपोर्ट पर ही यात्रा करें और हिरासत में लिए जाने या गिरफ़्तार होने की स्थिति में तुरंत अमरीकी दूतावास को सूचना देने की सलाह दी गई है.
चीन में अवैध रूप से काम करने के आरोप में गिरफ़्तार की गईं कनाडा की टीचर सारा मैकआइवर को बीते सप्ताह रिहा कर दिया गया था.
चीन और कनाडा दोनों ने ही कहा था कि ये मामला कोवरिंग और स्पावोर के मामलों से अलग है. इन दोनों पर ही राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने के आरोप हैं.
इन दोनों प्रमुख लोगों को कनाडा के वैनकूवर में चीन की ख़्वावे (Huawei) कंपनी की मुख्य वित्तीय अधिकारी मेंग वांगझू को गिरफ़्तार किए जाने के बाद गिरफ़्तार किया गया था.
वांगझू पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं और उन्हें अमरीका प्रत्यर्पित किया जा सकता है. वांगझू इन आरोपों का खंडन करती रही हैं. ये आरोप ईरान पर लगे अमरीकी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन से जुड़े हैं.
चीन ये बात ज़ोर देकर कहता रहा है कि इन दोनों लोगों की गिरफ़्तारी कनाडा में हुई वांगझू की गिरफ़्तारी से जुड़ी हुई नहीं है. लेकिन कई विश्लेषकों का मानना है कि चीन ने जबावी क़दम उठाते हुए कनाडा के इन लोगों को गिरफ़्तार किया है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)