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डोनल्ड ट्रंप ने कहा, कई सालों तक कामबंदी के लिए तैयार हूं
अमरीका में सरकारी कामकाज आंशिक रूप से ठप हुए दो हफ़्तों से ज़्यादा का समय हो चुका है मगर राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है ये कामबंदी कई सालों तक बनी रहे तो वह उसके लिए भी तैयार हैं.
शीर्ष डेमोक्रैट नेताओं से मुलाक़ात के बाद ट्रंप ने कहा है कि वह अमरीका और मेक्सिको के बीच दीवार बनाने के लिए कांग्रेस को नज़रअंदाज़ करते हुए राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा भी कर सकते हैं.
ट्रंप ने ज़ोर दिया कि जब तक दीवार के लिए फ़ंडिंग नहीं मिलती, तब वह किसी विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे. डेमोक्रैटिक पार्टी इस दीवार के लिए फ़ंड मंज़ूर किए जाने का विरोध कर रही है.
इस गतिरोध के कारण पैदा हुए हालात के चलते लगभग 8 लाख संघीय कर्मचारियों को पिछले 22 दिसंबर से वेतन नहीं मिला है.
इस मामले को सुलझाने के लिए व्हाइट हाउस में शुक्रवार को हुई बैठक के बारे में रिपब्लिकन राष्ट्रपति ने शुरू में सकारात्मक बातें कही थीं और इसे बहुत सकारात्मक बताया था.
लेकिन बाद में ट्रंप ने एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा कि उन्होंने धमकी दी है कि ज़रूरी हुआ तो वह संघीय एजेंसियों को कई सालों तक बंद रखने के लिए तैयार हैं.
क्या है ट्रंप का रवैया
शटडाउन या कामबंदी यानी सरकारी कामकाज के ठप होने को लंबे समय तक जारी रहने देने की धमकी दिए जाने के बारे में किए गए सवाल के जवाब में डोनल्ड ट्रंप ने कहा, "मैंने ऐसा कहा, वाकई ऐसा कहा. मुझे नहीं लगता है कि ऐसा होगा मगर मैं तैयार हूं."
"जो कुछ मैं कर रहा हूं, उसपर मुझे गर्व है. मैं इसे कामबंदी नहीं मानता. मैं मानता हूं कि ये ऐसा काम है जो देश की सुरक्षा और फ़ायदे के लिए ज़रूरी है."
उनसे यह भी पूछा गया कि क्या उन्होंने फ़ंडिंग की अनुमति के लिए कांग्रेस को बाइपास करते हुए राष्ट्रपति के आपातकालीन अधिकारों का इस्तेमाल करने पर विचार किया है. इसका जवाब उन्होंने 'हां' में दिया.
"मैं ऐसा कर सकता हूं. हम राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर सकते हैं. यह इस काम को करने का एक दूसरा रास्ता है."
खिंच रहा है विवाद
प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने कहा कि गतिरोध ख़त्म करने के लिए शुक्रवार को हुई बैठक 'विवादग्रस्त' रही.
सीनेट में डेमोक्रैटिक नेता चक शूमर ने पत्रकारों से कहा, "हमने राष्ट्रपति से कहा कि हम चाहते हैं कि सरकार का कामकाज शुरू हो जाए. मगर उन्होंने विरोध किया."
शूमर ने ट्रंप को लेकर कहा, "उन्होंने तो ये कहा कि वह लंबे समय तक सरकार का काम बंद रखेंगे. महीनों या फिर सालों तक."
शटडाउन को लेकर व्हाइट हाउस और शीर्ष डेमोक्रैट नेताओं के बीच इस सप्ताह की शुरुआत में भी बैठक हुई थी.
सदन में डेमोक्रैट्स अब बहुमत में है और उन्होंने गुरुवार को सरकार का कामकाज शुरू करने के लिए खर्च संबंधित विधेयक पास कर दिए, जिसमें 8 फ़रवरी तक 1.3 अरब डॉलर का बॉर्डर सिक्यॉरिटी फंड भी शामिल है.
मगर यह विधेयक तब तक प्रभावी नहीं हो सकता, जब तक रिपब्लिकन के बहुमत वाली सीनेट में पारित नहीं होता.
क्या है हल
यह मामला फ़िलहाल तो हल होता नज़र नहीं आ रहा. मगर इसका संभावित हल क्या हो सकता है, इस पर वॉशिंगटन में मौजूद बीबीसी न्यूज़ संवाददाता एंथनी ज़र्चर की राय पढ़ें-
अमरीका में सरकार का कामकाज आंशिक रूप से ठप हुए दो हफ़्ते हो चुके हैं और अब तीसरे हफ़्ता शुरू होने पर भी दोनों पक्ष अड़े हुए हैं.
नैन्सी पेलोसी ने कहा कि बॉर्डर पर दीवार बनाना 'अनैतिक' है. डोनल्ड ट्रंप कहते हैं कि जब तक दीवार के लिए फ़ंड नहीं मिलता, तब तक वह सरकार का कामकाज शुरू करने वाले किसी भी विधेयक का समर्थन नहीं करेंगे.
यह अरबों-खरबों डॉलर के लिए होने वाली लड़ाई से बढ़कर है. दरअसल यह राजनीतिक मसला है.
इससे कुछ लोग क़यास लगा रहे हैं कि शटडाउन कुछ महीनों तक खिंच सकता है. वैसे, ऐसा होना मुश्किल है लेकिन इसका असर बढ़ता जा रहा है.
एक तो सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा, ऊपर से ऐसी नौबत भी आ सकती है कि जो अमरीकी अपना इनकम टैक्स फ़ाइल कर रहे हैं, उन्हें रिफ़ंड न मिले. इससे सरकारी कर्मचारियों से इतर और लोगों में भी नाराज़गी बढ़ सकती है.
कभी न कभी समझौता तो करना ही होगा. इसका समाधान कुछ ऐसे निकल सकता है कि कोई भी पक्ष हारा हुआ नज़र न आए.
ऐसा तभी हो सकता है जब सीमा की सुरक्षा और 'बाड़ लगाने' के लिए फ़ंड मंज़ूर कर दिया जाए मगर कंक्रीट की दीवार के लिए नहीं. शायद बदले में डेमोक्रैट्स को यह आश्वासन दिया जाए कि जो लोग बचपन में अवैध ढंग से अमरीका आए थे, उन्हें सामान्य दर्जा दिया जाएगा.
इस तरह से दोनों पक्ष जीत का दावा करेंगे और दोनों ही (एक तरह से) सही भी होंगे. हालांकि, फिलहाल दोनों पक्ष इस लड़ाई को लंबा खींचने में ज़्यादा इच्छुक नज़र आ रहे हैं.
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