श्रीलंका में नई राजनीतिक हलचल, इस्तीफ़ा दे सकते हैं महिंदा राजपक्षे

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने शुक्रवार शाम ट्वीट करके एलान किया है कि उनके पिता महिंदा राजपक्षे शनिवार को देश के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे सकते हैं.

नमल राजपक्षे ने अपने ट्वीट में लिखा है, "देश में स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने शनिवार को देश को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है. एसएलपीपी (राजपक्षे के नेतृत्व वाली पार्टी), एसएलएफ़पी और अन्य पक्ष मिलकर राष्ट्रपति सिरिसेना के साथ विस्तृत राजनीतिक गठबंधन बनाने पर काम करेंगे."

श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने संसद भंग करने के राष्ट्रपति के फ़ैसले को असंवैधानिक क़रार दिया था.

राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना ने अक्तूबर के अंत में प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्ख़ास्त कर उनकी जगह महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री बना दिया था.

इस फ़ैसले का विरोध होने के बाद उन्होंने संसद भंग कर दी थी.

संसद ने किया विक्रमसिंघे का समर्थन

संसद पहले ही राजपक्षे के विरोध में दो अविश्वास प्रस्ताव पारित कर चुकी है.

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के संसद भंग करने के आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी थी जिसके बाद संसद की बैठकें बुलाई गई थीं.

बुधवार को संसद ने रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री मानते हुए उनके समर्थन में एक विश्वास मत भी पारित किया था.

संसद में विक्रमसिंघे की पार्टी और उनकी सहयोगी पार्टियों का बहुमत है.

राजनीतिक संकट जारी

श्रीलंका में राजनीतिक संकट 26 अक्तूबर को शुरू हुआ जब राष्ट्रपति सिरिसेना ने सबको चौंकाते हुए प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे को बर्ख़ास्त कर दिया. उसके बाद से श्रीलंका में सरकार ठप चल रही है.

मगर पिछले सप्ताह एक दूसरी अदालत ने 122 सांसदों की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजपक्षे के प्रधानमंत्री बनने पर रोक लगा दी थी.

उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य मामले में फ़ैसला सुनाते हुए राष्ट्रपति के संसद भंग करने को असंवैधानिक क़रार दिया.

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