ब्रिटेन: टेरीज़ा मे के ख़िलाफ़ पार्टी सांसदों का अविश्वास प्रस्ताव

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे को ब्रेक्सिट मुद्दे पर एक और बड़ी परीक्षा से गुज़रना पड़ रहा है.

उनकी कंज़र्वेटिव पार्टी के कई सांसदों ने ब्रेक्सिट मुद्दे पर टेरीज़ा मे के रवैए पर सवाल उठाया था, जिसके बाद पार्टी में अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को मतदान कराया जाएगा.

सांसदों ने अगर नेतृत्व परिवर्तन का फ़ैसला किया तो टेरीज़ा मे को गद्दी छोड़नी पड़ सकती है.

मतदान स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे से आठ बजे तक (भारतीय समयानुसार रात साढ़े 11 बजे से रात डेढ़ बजे तक होगा) और नतीजे एक घंटे बाद आ जाने की संभावना है.

चुनौती

टेरीज़ा मे को बुधवार को आयरलैंड की राजधानी डबलिन में वहाँ के प्रधानमंत्री लियो वराडकर से मिलना था, लेकिन उन्होंने विश्वास प्रस्ताव की वजह से अपना दौरा रद्द कर दिया.

उन्होंने कहा है कि वो अपने नेतृत्व को मिली इस चुनौती का यथाशक्ति सामना करेंगी.

उन्होंने कहा है कि अभी किसी तरह के नेतृत्व परिवर्तन से देश का भविष्य ख़तरे में पड़ सकता है.

टेरीज़ा मे के नेतृत्व को लेकर ये अविश्वास मत ऐसे समय आ रहा है, जब ब्रेक्सिट फ़ैसले को लागू होने में तीन महीने का वक़्त बचा है.

स्थिति कमज़ोर

संवाददाताओं का कहना है कि टेरीज़ा मे अगर ये विश्वास मत जीत भी जाती हैं तो भी इस चुनौती से पार्टी में उनकी स्थिति काफ़ी कमज़ोर हो जाएगी.

टेरीज़ा मे अगर ये प्रस्ताव जीत जाती हैं, तो कम-से-कम अगले एक साल तक दोबारा उनके नेतृत्व को चुनौती नहीं दी जा सकेगी.

लेकिन अगर वो विश्वास मत हार जाती हैं तो पार्टी में नए नेता का चुनाव होगा जिसमें वो उम्मीदवार नहीं हो सकतीं.

टेरीज़ा मे 2016 में ब्रेक्सिट पर हुए जनमत संग्रह के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री बनी थीं जिसमें ब्रिटेन के मतदाताओं ने यूरोपीय यूनियन से अलग होने के पक्ष में मतदान किया.

आलोचना

मगर पिछले कुछ समय से उनकी ब्रेक्सिट योजना की उनकी पार्टी के भीतर ही आलोचना हो रही थी.

ब्रिटेन में ब्रेक्सिट मुद्दे पर 23 जून 2016 को जनमत संग्रह हुआ था.

टेरीज़ा मे ने प्रधानमंत्री बनने के बाद 29 मार्च 2017 को ब्रेक्सिट की प्रक्रिया शुरू कर दी और यूरोपीय यूनियन के क़ानून के तहत ब्रिटेन को ठीक दो साल बाद यानी 29 मार्च 2019 को यूरोपीय यूनियन से अलग हो जाना पड़ेगा.

हालाँकि अगर यूरोपीय संघ के सभी 28 सदस्य सहमत होते हैं तो ये तारीख़ आगे भी की जा सकती है. मगर अभी सभी पक्ष 29 मार्च 2019 को ही वो दिन मान रहे हैं जब ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा.

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