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ब्रेक्सिटः ईयू से कब अलग होगा ब्रिटेन?
ब्रिटेन गुरुवार 29 मार्च को औपचारिक तौर पर यूरोपीय संघ से अलग होने की प्रक्रिया शुरु करने जा रहा है.
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे संघ के ब्रसेल्स स्थित मुख्यालय को एक चिट्ठी भेजने जा रही हैं जिससे लिस्बन संधि का आर्टिकल 50 लागू हो जाएगा. उन्होंने इस पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
ब्रिटेन क्यों, कैसे और कब हो रहा है यूरोपीय संघ से अलग? ब्रेक्सिट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँः
ब्रेक्सिट क्या है?
ब्रेक्सिट (Brexit), ब्रिटेन (Britain) और एक्ज़िट (exit) शब्द से मिलकर बना एक शब्द है जिसका इस्तेमाल ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर जाने के लिए किया जाता है.
ब्रिटेन यूरोपीय संघ से क्यों अलग हो रहा है?
ब्रिटेन में 23 जून 2016 को इस सवाल पर जनमत संग्रह करवाया गया था जिसमें फ़ैसला यूरोपीय संघ से अलग होने का आया.
51.9% मतदाताओं ने संघ से अलग होने के पक्ष में मत डाला. 48.1% फ़ीसदी लोगों ने विरोध किया.
इसके बाद ब्रिटेन में क्या बदला?
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बदल गया. डेविड कैमरन ने जनमत संग्रह के फ़ैसले के बाद कुर्सी छोड़ने की घोषणा की. पूर्व गृहमंत्री टेरीज़ा मे नई प्रधानमंत्री बनीं.
यूरोपीय संघ क्या है?
यूरोपीय संघ, जिसे अक्सर ईयू कहा जाता है, 28 यूरोपीय देशों का एक संघ है. इसका निर्माण दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहले 1957 आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया था.
इसकी अपनी मुद्रा है - यूरो - जो 19 सदस्य देश इस्तेमाल करते हैं. इसकी अपनी संसद भी है. लेकिन ब्रिटेन की मुद्रा पाउंड ही है.
ब्रिटेन कब अलग होगा?
इसके लिए ब्रिटेन को लिस्बन संधि के आर्टिकल 50 को लागू करना होगा जिसके बाद दोनों पक्षों को दो साल के भीतर अलग होने की शर्तों पर सहमत होना होगा.
यानी अगर ब्रिटिश प्रधानमंत्री 29 मार्च को इस प्रक्रिया को लागू करती हैं तो ब्रिटेन 2019 की गर्मियों तक ईयू से बाहर निकल सकता है.
हालाँकि ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री और वर्तमान सरकार में वित्त मंत्री फ़िल हैमंड का मानना है कि ब्रिटेन को ईयू से बाहर निकलने वाली सारी वार्ताओं को पूरा करने में छह साल तक का वक़्त लग सकता है.
उनके अनुसार सदस्यता छोड़ने की शर्तों पर 27 सदस्य देशों की संसदों की सहमति लेनी ज़रूरी है जिसमें कई साल लग सकते हैं.
आर्टिकल 50 क्या है?
आर्टिकल 50 किसी ऐसे देश को ध्यान में रखकर बनाई गई एक योजना है जो यूरोपीय संघ छोड़ना चाहता है.
ये लिस्बन संधि का हिस्सा है जिसके तहत यूरोपीय संघ को संवैधानिक दर्जा मिला. ये संधि एक दिसंबर 2009 को लागू हुई थी.
इससे पहले किसी देश के यूरोपीय संघ से अलग होने की कोई औपचारिक प्रक्रिया निर्धारित नहीं थी.
आर्टिकल 50 काफ़ी छोटा दस्तावेज़ है. इसमें केवल पाँच पैराग्राफ़ हैं. इसका इस्तेमाल आज तक नहीं हुआ है.
क्या कोई और सदस्य यूरोपीय संघ से अलग हुआ है?
कोई देश अलग नहीं हुआ है.
मगर डेनमार्क के एक ओवरसीज़ क्षेत्र ग्रीनलैंड ने 1982 में जनमत संग्रह करवाया था जिसके बाद वो यूरोपीय संघ से अलग हो गया. पर ग्रीनलैंड अलग देश नहीं है.
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