यूरोपीय संघ से बाहर जाएगा ब्रिटेन, प्रस्तावित ड्राफ्ट पर कैबिनेट की मुहर

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ब्रितानी सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने पांच घंटे की लंबी चर्चा के बाद ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर जाने से संबंधित समझौते के प्रस्तावित मसौदे पर मुहर लगा दी है.
लंदन में हुई इस बैठक में कैबिनेट ने भविष्य में ब्रिटेन और यूरोपीय देशों के बीच के रिश्तों के संबंध में एक राजनीतिक घोषणापत्र पर भी मुहर लगाई है.
इसकी जानकारी देते हुए 10 डाउनिंग स्ट्रीट के सामने प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने कहा कि ये एक निर्णायक फ़ैसला है और उन्हें पूरा भरोसा है कि ये देश के हित में है.
टेरीज़ा मे ने कहा कि इस समझौते से देश में नौकरियां बचेंगी और देश की सुरक्षा और संवैधानिक एकजुटता के लिए ये मददग़ार होगा. इससे ब्रिटेन को अपनी सरहदों और क़ानूनों पर नियंत्रण हासिल होगा.
उन्होंने कहा कि इस समझौते पर विचार करते वक्त मुश्किल सवाल सामने आए जैसे उत्तरी आयरलैंड और आयरलैंड के बीच की सीमा के संबंधित नियमों से जुड़े सवाल.
गुरुवार को टेरीज़ा मे ब्रितानी संसद में इस फै़सले पर बयान देंगी.
हालांकि, इस मसौदे को लेकर प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे को विरोध का भी सामना करना पड़ा है. विपक्षी पार्टियों के कुछ मंत्रियों ने प्रस्तावित मसौदे की आलोचना की है.
लेबर पार्टी के मंत्री जेरेमी कॉर्बिन का कहना है, "सदन में ये मामला आधे रास्ते पर ही रुक सकता है."
यूरोपीय संघ की प्रतिक्रिया

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इससे पहले ब्रसेल्स में हो रही यूरोपीय संघ में शामिल 27 देशों के राजदूतों की एक अहम बैठक ब्रेक्सिट समझौते के प्रस्तावित मसौदे पर बिना चर्चा किए ही ख़त्म हो गई थी.
लेकिन, अब ब्रितानी कैबिनेट के इस फ़ैसले के बाद ब्रेक्सिट पर यूरोपीय संघ के मुख्य मध्यस्थ माइकल बार्नियर ने कहा है कि ये दोनों पक्षों के हित में होगा.
हालांकि उन्होंने कहा कि "2020 जुलाई तक ऐसा करना संभव नहीं हो पाएगा और इसके लिए समयसीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है. और अगर तक ये प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी तो हमें बैक-अप प्लान को लागू करना होगा."
इसका मतलब है कि यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ को "एक ही कर क्षेत्र" के रूप में देखा जाएगा जहां सीमाओं पर सीमाशुल्क नहीं लगाए जाएंगे.
उत्तरी आयरलैंड यूरोपीय संघ के एक बाज़ार नियमों के तहत ही रहेगा "और ये ज़रूरी है कि सीमाओं को और मुश्किल नहीं बनाया जाए."
इस महीने के आख़िर में इस विषय पर 27 देशों के नेताओं की बैठक हो सकती है जहां मसौदे पर चर्चा की जाएगी. इस पर सहमति बनने के बाद ही ब्रेक्सिट के समझौते ब्रिटेन और यूरोपीय संघ की संसद में पेश किया जाएगा.
देश के भीतर ब्रेक्सिट पर प्रतिक्रिया
इधर पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का कहना है कि प्रस्तावित ब्रेक्सिट समझौते से किसी भी पक्ष को कोई फायदा नहीं होगा. उनका मानना है कि मौजूदा प्रधानमंत्री को ये सवाल एक बार फिर देश की जनता के सामने ले कर जाना चाहिए.
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कंज़रवेटिव पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य ने बीबीसी को बताया कि गुरुवार को मौजूदा प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ विश्वासमत साबित करने का प्रस्ताव लाया जा सकता है. हालांकि, अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
लेकिन सूत्रों का कहना है कि ब्रेक्सिट का विरोध करने वाले कई मंत्री पार्टी की 1922 में बनी कमिटि में इस संबंध में लिख सकते हैं और टेरीज़ा मे के इस्तीफ़े की मांग रख सकते हैं.
इधर टेरीज़ा मे सरकार का समर्थन करने वाली उत्तरी आयरलैंड की डेमोक्रेटिक यूनियन पार्टी ने चेतावनी दी है कि "अगर यूनाइटेड किंगडम के टुकड़े करने के प्रयास किए गए" तो इसके इसके गंभीर परिणाम होंगे.
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