You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कैलिफ़ोर्निया की आग इतनी भयंकर कैसे हो गई?
अमरीका के कैलिफ़ोर्निया प्रांत में लगी अब तक की सबसे भीषण आग में कम से कम 42 लोग मारे गए हैं.
अधिकारियों के मुताबिक पूरी तरह जल चुके पैराडाइज़ शहर के आसपास के इलाक़ों में तेरह और शव मिले हैं. आग फैलना जारी है.
अब तक कम से कम 228 लोग लापता बताए जा रहे हैं. आग की वजह से 7200 इमारतें तबाह हो गई हैं और 15,500 इमारतों पर ख़तरा मंडरा रहा है.
इससे पहले कैलिफ़ोर्निया में सबसे भीषण आग साल 1933 में ग्रीफ़िथ में लगी थी जिसमें 31 लोग मारे गए थे.
बट्टे काउंटी के शेरिफ़ कोरी होनिया ने एक प्रेस वार्ता में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि की है और लापता लोगों का अधिकारिक आंकड़ा बताया है.
दक्षिणी कैलिफ़ोर्निया में भी जंगलों में आग लगी है और जानमाल का नुक़सान हो रहा है.
आग की वजह से कैलिफ़ोर्निया के अलग-अलग हिस्सों में तीन लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने राज्य में आपदा घोषित कर दी है जिसके बाद संघीय मदद मिलने लगेगी.
लोगों की मौत कैसे हुई?
बीते गुरुवार को भड़की इस आग की वजह से पेराडाइज़ शहर और आसपास का इलाक़ा तबाह हो गया है.
आग ने कई वाहनों को तबाह कर दिया. जब आग लगी तो लोग जल्दबाज़ी में अपने घर छोड़कर जा रहे थे. कुछ शव जले हुए वाहनों में मिले हैं.
जान बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में कामयाब रहीं, पेराडाइज़ में रहने वाली सोरेल बॉबरिंक ने बीबीसी को बताया कि उन्हें एक दोस्त ने आग के बारे में जानकारी दी थी.
दृश्य को बताते हुए उन्होंने कहा, "ये ऐसा था जैसे फ़िल्मों में दुनिया का अंत दिखाया जाता है."
उन्होंने कहा कि आसमान में काला धुआं उठ रहा था, लपटें धधक रही थीं और उन्हें नहीं मालूम था कि वो मौत से बचकर भाग रही हैं या मौत के मुंह में जा रही हैं.
उन्होंने बताया, "मुझे आग के बीच से गाड़ी निकालनी पड़ी. ये डरावना था. ये मेरे जीवन का सबसे भयावह अनुभव था."
बीबीसी के न्यूज़डे कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "ये बहुत पीड़ादायक था, हम इस पीड़ा को लंबे समय तक महसूस करेंगे. हमारा पूरा समुदाय पीड़ा में है. अब मैं इस आग के वीडियो भी नहीं देख पा रही हूं क्योंकि मैंने ये सब देखा है."
मारे गए कई लोग बुज़ुर्ग हैं या वो हैं जिन्हें चलने फिरने में समस्याएं थीं. आग से बच निकलना इनके लिए मुश्किल था.
पैराडाइज़ की जली हुई इमारतों में और लोगों की तलाश में फ़ोरेंसिक विशेषज्ञ जुटे हुए हैं. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसमें कई सप्ताह तक का समय लग सकता है.
शवों की तलाश में खोजी कुत्तों को भी लगाया गया है.
आग की वजह से 1,11,000 एकड़ इलाक़ा तबाह हो गया है. अधिकारियों का कहना है कि अभी तक आग के 25 फ़ीसदी हिस्से पर ही काबू पाया जा सका है.
दक्षिण में लगी आग का क्या हाल है?
थाउज़ैंड ओक्स इलाक़े के पास वूज़्ली में बीते गुरुवार से आग भड़की हुई है. ये लॉस एजेंलिस से क़रीब चालीस मील दूर उत्तर-पश्चिम में है.
85,500 एकड़ इलाक़े में फैली इस आग ने 177 इमारतें नष्ट कर दी हैं. इस आग के दस फ़ीसदी हिस्से पर ही अभी तक काबू पाया जा सका है.
मालीबू द्वीप में बने लग्ज़री घर इस आग की चपेट में आए हैं जहां कई सेलिब्रिटी के घर भी बर्बाद हो गए हैं.
पास ही के कालाबासास इलाक़े को भी खाली करा लिया गया हैं. यहां भी सिने जगत से जुड़े कई सेलिब्रिटी रहते हैं.
ये आग इतनी ख़तरनाक क्यो हैं?
ऐतिहासिक रूप से कैलिफ़ोर्निया के जंगलों में गर्मी में आग लगती है और ये सिलसिला बरसात आने तक चलता है. लेकिन अब विशेषज्ञों का कहना है कि आग का ख़तरा साल भर है और ये कभी भी लग सकती हैं.
कैलिफ़ोर्निया पब्लिक यूटिलिटी कमीशन आग की इन ताज़ा घटनाओं के कारणों की जांच कर रहा है. कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि आग लगने के स्थानों के पास बिजली कंपनियों के कुछ फॉल्ट हुए हैं. हालांकि इनकी पुष्टि नहीं की जा सकी है.
कम नमी, संता एना की गर्म हवाएं, सूखी ज़मीन और महीनों तक बारिश न होने की वजह से आग भड़कने का ख़तरा बढ़ गया है.
कैलिफ़ोर्निया प्रांत में क़रीब चार करोड़ लोग रहते हैं. 1970 के दशक में ये आबादी आधी थी. अब लोग आग के ख़तरे वाले जंगलों के अधिक करीब रह रहे हैं. यही वजह है कि नुक़सान भी ज़्यादा हो रहा है.
जलवायु परिवर्तन भी एक वजह है. हाल के वर्षों में तापमान ने ऊंचाई के रिकार्ड छुए हैं, बसंत पहले आ रहा है और बारिश पर अब भरोसा नहीं रहा है.
गर्म होते वातावरण की भूमिका बताते हुए प्रांत के गवर्नर जैरी ब्राउन ने कहा था, "ये एक नया सामान्य वातावरण नहीं है बल्कि ये नया आसामान्य वातावरण है."
कैलिफ़ोर्निया के जंगलों में धधक रही इस विनाशकारी आग को बुझाने में हज़ारों दमकलकर्मी लगे हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)