2018 में खींची गई अंतरिक्ष की सबसे खूबसूरत तस्वीरें

अंतरिक्ष देखने की चाहत किसे नहीं होती.

दूसरे ग्रहों की ज़मीन कैसी होती है. सभी ग्रहों पर ज़मीन होती भी है या नहीं? ऐसी उत्सुकताएं हमारे मन में होती हैं.

हर साल दुनिया के सबसे क़ाबिल फ़ोटोग्राफ़र कई दिन लगाकर अंतरिक्ष से जुड़ी तस्वीरें खींचकर हमारे सवालों का जवाब तलाशते हैं.

वो जो तस्वीरें लेते हैं वो प्रतियोगितायों में भी शामिल होती हैं.

रॉयल ऑब्ज़र्वेटरी ग्रीनविच की वार्षिक प्रतियोगिता के इस साल के नतीज़े आ गए हैं.

इस प्रतियोगिता में अमरीकी फ़ोटोग्राफ़र ब्राड गोल्डपेंट को पहला स्थान मिला है.

गोल्डपेंट की खींची हुई तस्वीर में दाईं ओर मिल्कीवे गैलेक्सी दिखती है तो वहीं दूसरी ओर अरमागेडॉन गैलेक्सी.

गोल्डपेंट को इस तस्वीर के लिए दस लाख रुपये इनाम मिला है.

इस प्रतियोगिता में जज की भूमिका निभाने वाले विल गेटर ने कहा, "मेरे लिए ये शानदार तस्वीर हर उस चीज़ की परिचायक है जो बताती है कि आप अंतरिक्ष की तस्वीरें खींचने वाले फ़ोटोग्राफ़र हैं. इस तस्वीर में अंधेरे और रोशनी का शानदार मिश्रण है. पथरीली ज़मीन की संरचनाएं और तारों से भरा आसमान है."

जीवंत तारे

वेस्ट ससेक्स में खींची गई ये तस्वीर बताती है कि प्रदूषण की वजह से हम इस बात के कितने आदी हो गए हैं कि हमें अब रात के आसमान देखने की ज़रूरत का अहसास ही नहीं होता है.

इस तस्वीर में एक बुझा हुआ स्ट्रीट लैंप दिखा रहा है कि किसी रात एकटक तारे देखने से कितना सुकून हासिल किया जा सकता है.

ख़त्म होते रास्ते सी रात

फिनलैंड में जब उस रात के आसमान ने कुछ अजीब सी रंगत दिखाना शुरू किया तो निकोलस लेफौडक्स ने अपने कैमरे में ये तस्वीर कै़द कर ली.

इसे देखने से लगता है कि जैसे क्षितिज पर जाकर कोई सड़क ख़त्म हो रही हो.

जब चांदनी रोशनी में नहाया जहां

प्रतियोगिता में दूसरे नंबर पर ये तस्वीर रही. इसे देखकर लगता है कि जैसे पहाड़ के पीछे से रोशनी निकल रही हो. जबकि ये भी आसमान की एक रंगत ही है. इस तस्वीर को मैथ्यू जेम्स टर्नर ने लिया है और इस जगह का नाम है कासलरिग स्टोन सर्कल.

गैलेक्सी की तस्वीरों में अवॉर्ड जीतने वाले स्टीवन मोहर ने पृथ्वी से लगभग 26 मिलियन प्रकाशवर्ष दूर स्थित तारों के समूह लियो की स्पायरल गैलेक्सी NGC 3521 की तस्वीर खींची है.

इस गैलेक्सी के इतने चमकदार होने की वजह ये है कि इस गैलेक्सी में यलो और रेड स्टार की उम्र बढ़ रही है. वहीं, ब्लू और व्हाइट स्टार तेजी से जल रहे हैं.

इसके साथ ही तमाम निहारिकाओं से निकलने वाला प्रकाश इस गैलेक्सी में अलग-अलग रंग भरता है.

ये तस्वीर 24 तस्वीरों का मिश्रण है और मिराच तारे के दोनों तरफ मेसियर 31 और मेसियर 33 गैलेक्सियों को दिखाती है.

ये तस्वीर हमारे चांद है लेकिन ये बात तय है कि शायद ही इससे पहले चांद को किसी ने इस तरह देखा होगा.

चमकती हुई धरती

सूर्य ग्रहण के दौरान खींची गई पृथ्वी की ये तस्वीर सूर्य के कोरोना के साथ-साथ चांद को भी दिखाती है.

अमरीका में खींची गई ये तस्वीर सूर्य की है. लेकिन ये उस समय की तस्वीर है जब सूर्य ग्रहण के दौर से गुज़र रहा था.

सूर्य के बाईं ओर ब्लू स्टार रेगुलस है और दाईं ओर लाल ग्रह मंगल है. इस तस्वीर को खींचने में लगभग 120 अलग-अलग तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है.

आग की आंधियां

इस तस्वीर में फ़ोटोग्राफ़र ने एक विशालकाय सोलर फ़्लेयर के बाद उठता हुआ आग का तूफ़ान कैद किया है.

मार्टिन लेविस ने ये तस्वीर खींचते हुए मोनोक्रोम डिज़िटल वीडियो कैमरा का इस्तेमाल किया है.

इसके बाद इस तरह खींचे गए वीडियो को प्रोसेस करके तस्वीर में से धुंधलापन हटाया गया जो कि पृथ्वी के वातावरण से पैदा होता है.

फ़ोटोग्राफ़र मार्टिन लेविस ने ही अपने सौरमंडल के सभी ग्रहों को एक ही तस्वीर में उतारने की कोशिश की है.

ख़ास बात ये है कि इस तस्वीर में ये ग्रह ठीक वैसे दिख रहे हैं जैसे कि एक टेलिस्कोप में दिखते हैं.

चीन में खींची गई ये तस्वीर चंद्र ग्रहण को दिखाती है.

फ़ोटोग्राफ़र ने चार घंटे के एक्सपोज़र सेट करके ये तस्वीर खींची है. ये तस्वीर चांद के ग्रहण से पहले, उसके दौरान और बाद में रोशनी की स्थिति दिखाता है.

13 साल की आस्ट्रेलियाई बच्ची लोगन निकोल्सन ने ये तस्वीर खींची है जिसमें सबसे बड़ा और चमकदार नेबुला दिखाई दे रहा है.

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