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तेलुगू बोलते हैं तो अमरीका में आपका स्वागत है
- Author, बीबीसी रिएल्टी चेक टीम, बीबीसी तेलुगू
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
अमरीका में अंग्रेजी के अलावा सबसे आम बोली जाने वाली भाषाओं के बारे में अगर सोचें तो शायद ही तेलुगू का नाम दिमाग़ में आए.
दावा: अमरीका में तेलुगू सबसे तेज़ी से बढ़ती भाषा है.
नतीजा: हाँ, ये दावा एक अमरीकी थिंक टैंक के अध्ययन के मुताबिक़ है. पिछले सात वर्षों में अमरीका में दक्षिण भारतीय भाषा तेलुगू बोलने वालों की संख्या 86 फ़ीसद बढ़ी है. हालांकि, ये अभी भी अंग्रेजी के अलावा सबसे व्यापक स्तर पर बोली जाने वाली प्रमुख 20 भाषाओं की सूची में जगह नहीं बना पाई है.
वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के एक ऑनलाइन वीडियो के मुताबिक़ तेलुगू बोलने वाले अमरीकियों की संख्या साल 2010 और 2017 के बीच 86 फ़ीसद बढ़ी है.
इस वीडियो में अमरीका स्थित सेंटर फॉर इमिग्रेशन के एक अध्ययन के हवाले से ये जानकारी दी गई है. वहीं, अमरीका में बोली जाने वाली भाषाओं के स्तर का आकलन करने के लिए जनगणना डेटा का विश्लेषण किया गया है.
भारत में चौथे नंबर पर तेलुगू
तेलुगू मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बोली जाती है. इन राज्यों की संयुक्त आबादी साढ़े आठ करोड़ के क़रीब है. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक़ ये भारत में चौथी सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली भाषा है.
अमरीका में बोली जाने वाली भाषाओं पर किए गए अध्यनन में अमरीकी कम्यूनिटी सर्वे का डेटा इस्तेमाल किया गया और उन लोगों की संख्या की तुलना की गई जिनका कहना था कि उन्होंने 2010 और 2017 में अंग्रेज़ी के अलावा कोई और भाषा भी बोली थी.
पिछले साल अमरीका में चार लाख से ज़्यादा तेलुगू भाषी थे. 2010 की तुलना में ये संख्या दोगुनी है.
अमरीका में तेज़ी से बढ़ रही शीर्ष 10 भाषाओं में से सात दक्षिण एशिया की भाषाएं हैं.
तो तेलुगू ही क्यों?
अमरीका में एक गैर-लाभकारी संगठन तेलुगू पीपुल्स फाउंडेशन के संस्थापक प्रसाद कुनिसेट्टी कहते हैं कि इसका कारण हैदराबाद और अमरीकी इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के बीच संबंध हो सकता है. कुनिसेट्टी 2001 में आईटी क्षेत्र में करियर की तलाश में अमरीका आए थे.
उन्होंने बताया कि 90 के दशक में आईटी के तेज़ी से बढ़ने की वजह से सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की भी मांग बढ़ी.
हैदराबाद से बहुत से लोगों को नौकरी मिली जो कि तेलुगू भाषियों का सबसे बड़ा शहर है. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों तेलुगू भाषी राज्यों में 800 से ज़्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज हैं.
हैदराबाद भारत में टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग इंडस्ट्री का प्रमुख केंद्र बन गया है और बहुत से छात्र यहां से अमरीका जाते हैं.
सालों से तेलुगू भाषी अमरीकी लोग आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को नौकरी दे रहे हैं.
भारतीयों को एच-1बी वीज़ा योजना से भी फ़ायदा हुआ है जिसकी वजह से हर साल हज़ारों विदेशियों को टेक्नोलॉजी क्षेत्र में काम मिल रहा है. वीज़ा हासिल करने वालों में भारतीयों की संख्या 70 फ़ीसदी होती है. ये वीज़ा धारक परमानेंट रेज़िडेंसी स्टेटस के लिए अप्लाई कर पाते हैं.
अमरीका में जाने माने तेलुगू भाषियों में मिस अमरीका नीना दावुलूरी और वर्तमान माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्य नडेला शामिल हैं.
तेलुगू बोलने वालों वृद्धि प्रतिशत महत्वपूर्ण है, लेकिन ये अन्य भाषाओं की तुलना में बहुत कम है.
सेंटर फॉर इमिग्रेशन के अनुसार, 2010 और 2017 के बीच स्पैनिश (क़रीब 40 लाख से ज़्यादा), चीनी, अरबी और हिंदी के नए वक्ता बड़ी संख्या थे.
32 करोड़ की कुल आबादी में छह करोड़ से अधिक लोग जो अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषा बोलते हैं, उनमें सबसे ज़्यादा स्पेनिश बोलने वाले हैं.
सबसे ज़्यादा बोली जाने वाली दक्षिण एशियाई भाषाओं में हिंदी पहले नंबर पर है. इसके बाद उर्दू, गुजराती और फिर तेलुगू है.
घर पर फ्रांसीसी और जर्मन बोलने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है. पिछले दशक में इतालवी बोलने वालों की संख्या दो लाख कम हो गई है.
सर्वे में तेलुगू भाषियों में से 80 फ़ीसद ने कहा कि वे अंग्रेजी अच्छी तरह से बोलते हैं.
हालांकि, जॉर्ज मेसन विश्वविद्यालय में भाषा विज्ञान की प्रोफेसर जेनिफर लीमन कहती हैं कि जनगणना के आंकड़ों की एक कमी ये है कि जवाब देने वालों से पूछा जाता है कि वे अंग्रेजी कितनी अच्छी बोलते हैं लेकिन अन्य भाषाओं के बारे में नहीं पूछा जाता.
"उन लोगों की गैर-अंग्रेजी भाषा की कुशलता को जानना मुश्किल है, जो अच्छी तरह से अंग्रेजी बोलते हैं. ख़ासकर की वो लोग जो अमेरिका में पैदा हुए थे या बचपन में यहां आकर बसे थे."
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