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'इस्तांबुल की आंख' की यादगार तस्वीरें
तुर्की के सबसे चर्चित फ़ोटो पत्रकारों में से एक अरा गुलेर का 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. तुर्की की सरकारी समाचार सेवा अनादोलू के मुताबिक उनका निधन दिल की बीमारी की वजह से बुधवार को अस्पताल में हुआ.
उन्हें इस्तांबुल की आंख कहा जाता था. लीका कैमरे से खींची उनकी श्याम-श्वेत तस्वीरें इस शहर का उदास रूप दिखाया.
अर्मीनियाई मूल के परिवार में पैदा हुए गुलेर ने अपना करियर तुर्की के अख़बारों से शुरू किया था. 1950 के दशक में टाइम-लाइफ़ पत्रिका ने उन्हें नियर नॉर्थ ईस्ट करॉस्पोंडेंट नियुक्त किया था.
बाद में वो मार्क रिबॉड और हेनरी कार्टियर ब्रेसन जैसे मशहूर पत्रकारों से मिले और फ़ोटो एजेंसी मैगनम ने उनसे अनुबंध कर लिया.
उन्होंने तेज़ी से बदलते इस्तांबुल शहर को अपनी तस्वीरों में क़ैद किया. शहर की मशहूर इमारतों और आम लोगों की उन्होंने यादगार तस्वीरें लीं. उनका काम उन्हें दुनियाभर में ले गया.
एक बार उन्होंने कहा था, "लोग मुझे इस्तांबुल का फ़ोटोग्राफर कहते हैं लेकिन मैं पूरी दुनिया का नागरिक हूं. "
गुलेर ने दुनिया के कुछ महान नेताओं की तस्वीरें भी लीं. इनमें दूसरे विश्वय युद्ध के समय ब्रितानी प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल और भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, फ़िल्म निर्देशक अल्फ़्रेड हिचकॉक, कलाकार पाबलो पिकासो और दार्शनिक बर्टरैंड रसेल शामिल हैं.
गुलेर ने साल 2015 में तुर्की के राष्टर्पति रेचेप तेयेप अर्दोआन की तस्वीरें भी ली थीं. उनके निधन की ख़बर के बाद राष्ट्रपति ने उनके परिवार से संपर्क करके शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा.
इसी साल गुलेर के नाम पर इस्तांबुल में एक फ़ोटोग्राफी म्यूज़ियम भी खुला था. गुलेर के 90वें जन्मदिन पर यहां केक भी काटा गया था.
सभी तस्वीरें कॉपीराइट के अधीन हैं.
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