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वाक़ई प्रेमिका ने सिकंदर को पनडुब्बी में डूबने छोड़ दिया था?
सिकंदर का नाम इतिहास के सबसे बड़े सैन्य कमांडरों में दर्ज है. सिकंदर को दुनिया सिकंदर महान, या 'अलेक्ज़ेंडर द ग्रेट' कहती है.
उनका जन्म 356 ईपू के दौरान मेसेडोनिया के शाही परिवार में हुआ था.
सिकंदर को महान इसलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने बहुत कम उम्र में यूरोप से लेकर एशिया तक अपनी सत्ता का विस्तार कर लिया था.
उनका साम्राज्य ग्रीस से लेकर तुर्की, सीरिया, मिस्र, ईरान, इराक, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और भारतीय सीमा तक फैला था.
उस वक्त ग्रीस की संस्कृति और भाषा दुनिया के कई इलाकों तक पहुंची. सिकंदर को कई शहरों की स्थापना करने का श्रेय भी दिया जाता है.
इतिहास की किताबों में उनका नाम एक महान विजेता और एक ऐसे शख्स के रूप में दर्ज है जो धरती की सबसे रहस्यमयी और अनदेखी जगहों पर गया.
समंदर की गहराईयों में जाने वाले पहले शख़्स?
सिकंदर ने कई बड़े युद्ध लड़े. अपनी पूरी ज़िंदगी में उन्होंने कई ऐसे काम किए जिन्हें महान कहा जाता है. लेकिन इस बीच उन्होंने रोमांच के लिए भी जगह रखी.
वो समंदर के अंदर की दुनिया को देखना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने समुद्र की गहराईयों में जाने का फ़ैसला किया.
कहा जाता है कि दार्शनिक और सिकंदर के उस्ताद अरस्तू ने ही पहली बार चौथा शताब्दी ईसा पूर्व में पनडुब्बी का ज़िक्र किया था. जिस घटना का उन्होंने ज़िक्र किया था वो सिकंदर महान से जुड़ी थी.
लेकिन ऐसी ज़्यादातर घटनाओं का ज़िक्र मध्यकालीन युग में आता है. उस वक्त के कई हस्तलेख और चित्र भी मौजूद हैं.
इनमें कई कहानियां हैं, कुछ में कहा जाता है कि सिकंदर की जिज्ञासा उन्हें वहां ले गई. वो समंदर के नीचे की दुनिया को देखना चाहते थे.
वहीं कई दूसरों का कहना है कि ये उनकी सैन्य रणनीति का हिस्सा था. वो आक्रमण करने के लिए समुद्र के रास्ते होकर जाया करते थे.
जब सिकंदर की प्रेमिका ने दिया धोखा
सिकंदर के समुद्री रोमांच से जुड़ा एक किस्सा काफ़ी दिलचस्प है. कहते हैं एक बार सिकंदर कांच के एक बड़े से जार में बैठकर समुद्र के नीचे गए. वो जार बिल्कुल बंद था. उसमें पानी नहीं जा सकता था और कांच होने की वजह से सिकंदर उसके पार देख सकते थे.
वो अपने साथ एक कुत्ते, एक बिल्ली और एक मुर्गे को भी लेकर गए थे.
कांच का ये जार एक ज़ंजीर से जुड़ा था. इस ज़ंजीर की मदद से ही वो दोबारा बाहर आ सकते थे.
वो ये ज़ंजीर अपने सबसे विश्वस्त व्यक्ति के हाथ में देना चाहते थे. उन्होंने ये ज़ंजीर अपनी प्रेमिका को दी और खुद पानी में उतर गए.
जैसे ही सिकंदर कांच के जार में बैठकर समुद्र की गहराई में चले गए, तभी उनकी प्रेमिका के एक नए प्रेमी ने आकर प्रस्ताव दिया कि वो ये ज़ंजीर पानी में फेंक दे और उनके साथ भाग चले.
उस शख़्स ने वो ज़ंजीर सिकंदर की प्रेमिका के हाथ से लेकर समुद्र में ही फेंक दी.
जंजीर अब समुद्र में गिर चुकी थी और सिकंदर को खुद ही समुद्र से बाहर निकलना था पर वे निकल आए.
कांच का जार
एक और कहानी कई अध्ययनों के बाद सामने आई है. कहते हैं सिकंदर ने ट्रॉय द्वीप पर चढ़ाई कर दी थी. लेकिन ट्रॉय के सैनिकों ने सिकंदर को द्वीप में घुसने ही नहीं दिया.
कई महीनों की कोशिश के बाद सिकंदर ने अपने सैनिकों को एक समुद्री रास्ता बनाने का निर्देश दिया.
इस समुद्री रास्ते के ज़रिए सिकंदर ने ट्रॉय द्वीप पर चढ़ाई की. कहते हैं सिकंदर को रोकने वाले ट्रॉय के हज़ारों लोगों को बाद में मार डाला गया या गुलाम के तौर पर बेच दिया गया.
लेकिन एक मध्यकालीन हस्तलेख के मुताबिक, ट्रॉय की लड़ाई के दौरान सिकंदर महान ने कांच का एक बड़ा सा जार बनवाया था, जिसके ज़रिए वो कुछ देर के लिए पानी में उतरते और बिना गीले हुए वापस आ जाते.
हस्तलेख के मुताबिक सिकंदर के जहाज़ों का बेड़ा ऊपर होता और वो नीचे कांच के जार में बैठकर सफ़र तय करते. वो जार उन्हें इतना पसंद आया कि चढ़ाई के दौरान उन्होंने अपने सैनिकों के लिए भी कई सारे वैसे ही जार बनवा दिए.
हालांकि इन चित्रों की कोई प्रमाणिकता नहीं है. ये बहुत ही पुराने हैं, हो सकता है इन्हें ऐसे ही बनाया गया हो.
लेकिन इस तरह का कांच का जार कोई साहित्यिक आविष्कार नहीं था. इस तरह के उपकरण एजियन समुद्र में जाने वाले मछुआरे सदियों से इस्तेमाल करते रहे थे.
दूसरी बात सिकंदर वो पहले शख़्स थे जिसने इतिहास की पहली पनडुब्बी का इस्तेमाल किया. देखना होगा कि ये दावा कितना सच है, लेकिन एक बात ज़रूर है कि सिकंदर के समुद्री रोमांच और सैन्य रणनीति से जुड़ी कई बेहतरीन किस्से कहानियां हमें सुनने को मिली हैं.
सिकंदर महान ने सिर्फ़ 32 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था. उनकी ज़िंदगी की तरह ही उनकी मौत को लेकर भी कई किस्से कहानियां हैं.
कुछ का कहना है कि उन्हें ज़हर देकर मारा गया था. लेकिन कई इतिहासकार कहते हैं कि उनकी लंबी बीमारी (मलेरिया) से मौत हुई थी.
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