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किम और मून की मीटिंग में जादूगर का क्या काम
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के बीच प्योंगयांग में चल रहा शिखर सम्मेलन कई मायनों में ख़ास है.
इस मुलाक़ात के दूसरे दिन ही उत्तर कोरिया ने अपने प्रमुख मिसाइल परीक्षण केंद्रों को बंद करने के लिए हामी भर दी है.
लेकिन दिलचस्प बात ये है कि इस शिखर सम्मेलन में एक जादूगर ने भी शिरकत की है.
आइए नज़र डालते हैं इस शिखर सम्मेलन से जुड़ी ऐसी ही बातों पर.
मून जे इन के साथ जादूगर
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग एक प्रतिनिधि मंडल के साथ गए हैं.
इस मीटिंग में वह अपने साथ दक्षिण कोरियाई जादूगर चोई ह्यून-वू तो भी ले गए हैं.
उत्तर कोरिया जाने से पहले सीबीएस रेडियो से बात करते हुए चोई ने कहा था, "मुझे नहीं पता कि मैं कब और कहां अपनी कला का प्रदर्शन करूंगा क्योंकि मेरे जाने की ख़बर अचानक मेरे पास आई है."
चोई का कहना था कि जब भी वह अपना जादू दिखाएंगे तो उसमें किम जोंग उन को भी शामिल करेंगे.
हंक्योराह वेबसाइट पर 17 सितंबर को छपी ख़बर के मुताबिक़, इस प्रतिनिधि मंडल में कैंग क्यूंग-व्हा भी शामिल हैं जो कि अधिकारिक दौरे पर प्योंगयांग पहुंचने वाले पहले दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्री हैं.
वेबसाइट कहती है, "कैंग को बुलाया जाना बताता है कि शांति और सह-अस्तित्व मून और किम के लिए एकीकरण से ज़्यादा अहम है."
इसके साथ ही प्रतिनिधि मंडल में इस्थर ली और किम क्यू-येओन नाम के दो छात्रों को भी बुलाया गया है.
उत्तर कोरिया का मज़ाक उड़ाते किम जोंग उन
दक्षिण कोरियाई न्यूज़ एजेंसी योनहैप के मुताबिक़, किम जोंग उन को मून जे इन के साथ बात करते हुए ये कहते सुना गया, "राष्ट्रपति जे (मून जे इन) कई देशों की यात्राएं करते हैं. विकसित देशों के मुक़ाबले हमारी हालत थोड़ी कमज़ोर है, लेकिन हमने अपने स्तर पर आपके रहने और यात्रा के इंतज़ाम करने की पूरी कोशिश की है. ये लो स्टैंडर्ड हो सकते हैं, लेकिन उम्मीद है कि आप हमारी मेहमाननवाज़ी को दिल से स्वीकार करेंगे."
ख़ास बात ये है कि किम जोंग उन ने अपने देश के आधारभूत ढांचे के जर्जर होने पर पहली बार बात नहीं की है.
इससे पहले जब अप्रैल में वह पनमुनजोम में मून जे इन से मिले थे तो उन्होंने उत्तर कोरिया में ख़राब ट्रांसपोर्ट का मज़ाक उड़ाया था.
जब नज़र आई किम की बहन
किम जोंग उन का परिवार लाइम लाइट से दूर ही रहता है, लेकिन इस शिखर सम्मेलन में उनकी बहन किम यो-जोंग कैमरे से बचती हुई नज़र आईं.
लेकिन इस शिखर सम्मेलन के दौरान उन्हें फ़ोन पर लोगों को निर्देश देते हुए देखा गया.
इससे पहले भी किम जोंग उन की राजनीतिक बैठकों में किम यो-जोंग ज़रूरी इंतज़ाम संभालने का काम कर चुकी हैं.
जब लहराया कोरियाई झंडा
उत्तर कोरियाई राजधानी प्योंगयांग पहुंचने के बाद किम जोंग उन ने मून जे इन का स्वागत किया.
लेकिन इसके साथ ही सैकड़ों उत्तर कोरियाई लोग कोरियाई प्रायद्वीप का झंडा लेकर उनका स्वागत करने पहुंचे.
मून जे इन, जो कि एक उत्तर कोरियाई रिफ़्यूजी के बेटे हैं, उन्होंने भी झुककर उन लोगों को सलाम किया और उनसे हाथ मिलाए.
दक्षिण कोरियाई न्यूज़ एजेंसी योनहैप ने इसे एक तटस्थ झंडा करार दिया.
कुत्ते के बिना प्योंगयांग पहुंचे मून जे इन
प्योंगयांग आने से पहले मून जे इन और उनकी पत्नी को अपने घर के बाहर उनके कुत्ते के साथ देखा गया था.
द कोरिया हेरल्ड के मुताबिक़, "मून और उनकी पत्नी किम जोंग-शुक ने अपने कुत्ते के सिर पर हाथ फेरा, लेकिन वह दुखी होकर देखता रहा, उसे पता भी नहीं है कि मून-जे-इन और उनकी पत्नी के कंधों पर कितनी बड़ी ज़िम्मेदारी है."
दक्षिण कोरियाई टीवी चैनलों ने किम जोंग-शुक को यात्रा पर निकलने से पहले अपने कुत्ते मारू को टहलाते हुए दिखाया.
क्या मून को मिलेंगे मशरूम?
दक्षिण कोरियाई मीडिया के मुताबिक़, उत्तर कोरिया की ओर से निर्यात किया जाने वाला पाइन मशरूम मून जे इन को तोहफ़े के रूप में दिया जा सकता है.
सियोल स्थित डेली एनके वेबसाइट ने 17 सितंबर को ख़बर दी थी कि हाल ही में हेम्गयोंग प्रांत से एक बड़ा शिपमेंट प्योंगयांग भेजा गया था.
एक सूत्र ने इस वेबसाइट को बताया है, "इससे पहले भी प्योंगयांग के आलीशान होटलों के लिए पाइन मशरूम भेजे गए हैं. लेकिन अधिकारी सबसे अच्छे मशरुमों को चुनने में बहुत समय लगा रहे हैं और जरूरत से ज़्यादा मशरूम भेज रहे हैं."
इससे पहले साल 2000 और 2007 में उत्तर कोरिया चिलबोसान पाइन मशरूम दक्षिण कोरिया को भेज चुका है.
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