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किम जोंग-उन की वो बातें जो आपको नहीं पता होंगी
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की तस्वीरें दुनियाभर के अख़बारों में अक्सर छाई रहती हं लेकिन उनकी निज़ी ज़िंदगी अब तक दुनिया के लिए एक रहस्य की तरह है.
उदाहरण के लिए, दुनिया अभी भी ये नहीं जानती है कि किम जोंग-उन की उम्र क्या है.
लेकिन उनके सहपाठी और उत्तर कोरिया छोड़कर भागे हुए लोग उनके निजी जीवन के बारे में अहम जानकारियां देते रहते हैं.
ऐसी ही जानकारियों से निकली हैं किम जोंग-उन के बारे में पांच अहम बातें जो शायद आप नहीं जानते होंगे.
1 - राजकुमारों जैसी लेकिन अकेली ज़िंदगी
विशेषज्ञों के मुताबिक़, किम जोंग-उन का जन्म 1982 से 1983 के बीच हुआ होगा. और उनका बचपन राजकुमारों की तरह बीता है.
एनके लीडरशिप वॉच नाम की वेबसाइट के निदेशक माइकल मेडन ने बीबीसी को बताया है, "वे बड़े-बड़े बंगलों में रहते थे, उन्होंने एक विलासता से भरी ज़िंदगी जी है लेकिन एक तरह के अकेलेपन के साथ."
किम-जोंग-उन के पिता किम जोंग-उल के पूर्व सुरक्षाकर्मी ने अमरीकी न्यूज़ ग्रुप एबीसी के साथ बात करते हुए भी इसी तरह का वर्णन किया था.
साल 2017 में टोरंटो में ली कहते हैं, "मैं बहुत तनाव में था, उनके साथ खेलने के लिए कोई हमउम्र नहीं था. वहां पर सभी व्यस्क थे जो उन्हें शिक्षा देते थे और उनके साथ खेलते थे."
उत्तर कोरियाई सरकार ने किम जोंग-उन की जो तस्वीरें जारी की हैं, उनमें वह बेहद छोटी उम्र से ही सैन्य पोशाक में दिखाई देते हैं जो उनके पद की पहचान बताती है.
मेडन कहते हैं, "किम के परिवार में किसी से उनकी आज्ञा के बिना कोई संपर्क नहीं कर सकता था. इसकी सज़ा जेल या मौत थी. उन्हें बच्चों की सुरक्षा करनी होती थी क्योंकि उनका अपहरण किया जा सकता था."
2. स्विटजरलैंड में हुई पढ़ाई
किम जोंग-उन ने अपनी पढ़ाई स्विटजरलैंड की बर्फीली वादियों में स्थित एक जर्मन स्कूल से की.
साल 1996 से 2000 तक किम जोंग-उन की पढ़ाई यूरोप में हुई. शुरुआत में वह अपनी मौसी के साथ के साथ रहे जो साल 1998 में अमरीका चली गईं. और एक दूसरा नाम धारण कर लिया.
इस दौरान किम ने एक उपनाम के साथ अपनी ज़िंदगी जी.
द वॉशिंगटन पोस्ट के साथ इंटरव्यू में उनकी मौसी को यंग सक ने कहा है, "वह समस्याएं पैदा करने वाला बच्चा नहीं था लेकिन वह चिड़चिड़ा था और उसमें सहनशीलता की कमी थी."
किम के साथ पढ़ने वाले कहते हैं कि वे लोग उसे दूतावास में काम करने वाले किसी कर्मचारी का बच्चा समझते थे, वह शर्मीला लेकिन एक अच्छा दोस्त था.
3. बास्केटबॉल के प्रति दीवानगी
एक समय में किम जोंग-उन के साथ बास्केटबॉल खेलने वाले मार्को इमहॉफ़ कहते हैं, "वह ज़्यादातर समय एक शर्मीले लड़के की तरह रहते थे लेकिन बास्केटबॉल खेलते हुए वह आक्रामक हो जाते थे लेकिन एक सकारात्मक अंदाज में."
किम अमरीकी बास्केटबॉल खिलाड़ी माइकल जॉर्डन के दीवाने हुआ करते थे. और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता बनने के बाद भी बास्केटबॉल के प्रति उनकी दीवानगी कम नहीं हुई है.
अमरीकी खिलाड़ी डेनिस रोडमेन कई बार उत्तर कोरिया की यात्रा कर चुके हैं और दोनों के बीच की दोस्ती विवादों के घेरे में रही है.
रोडमेन ने एक टीवी कार्यक्रम द लेट शो में स्टीफ़न कोलबर्ट के साथ बात करते हुए कहा था, "मुझे समझ नहीं आता कि लोग कैसे ये कह देते हैं कि यह व्यक्ति पागल है. शायद ऐसा संभव हो लेकिन मैं इसे इस तरह नहीं देखता हूं."
4. व्हिस्की और एनिमेशन फिल्में
किम जोंग-उन की शराब पीने की आदत पर भी कई कयास लगाए जाते हैं.
एनके लीडरशिप वॉच वेबसाइट के मुताबिक़, किम जोंग-उन ने 15 साल की उम्र में शराब पीना शुरू किया था और वह भी जॉनी वॉकर व्हिस्की के साथ.
माइकल मेडन बताते हैं, "उत्तर कोरियाई लोगों के लिए ये अस्वाभाविक बात नहीं है."
किम जोंग-उन के बारे में एनके लीडरशिप वॉच वेबसाइट कहती है कि उन्हें जापानी एनिमेशन फिल्में बेहद पसंद हैं और माइकल जेक्सन से लेकर मडोना का संगीत पसंद है.
ऐसा बताया जाता है कि किम जोंग-उन की पसंद उनके पिता और बड़े भाई से उनमें आई है. किम के बड़े भाई किम जोंग-चोल को साल 2015 में लंदन में एक म्युज़िक कंसर्ट के दौरान देखा गया था.
यही नहीं, किम जोंग-उन ने छोटी उम्र से ही वाद्य यंत्र बजाना सीख लिया था और वह बेहतरीन अंदाज में गिटार बजाते हैं.
5. किम का दयालुपन
एक समय में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उल के शेफ रहे एक जापानी व्यक्ति ने किम जोंग-उन के व्यक्तित्व के उदारवादी पहलू को सामने रखा है.
किम जोंग-उन के पिता के साथ एक दशक से ज़्यादा समय तक रहने वाले इस व्यक्ति ने 2001 में उत्तर कोरिया छोड़ दिया था.
केंजी फुजीमोतो उपनाम से कई किताबें लिखने वाला ये शख़्स एक तीर्थ यात्रा के दौरान जापान से भाग गया था. हालांकि, इससे पहले भी वह लग्जरी सामान खरीदने के लिए विदेश यात्रा कर चुका था. लेकिन उत्तर कोरिया से भागने के बाद उसे डर था कि उत्तर कोरियाई एजेंट उससे बदला लेंगे.
लेकिन किम जोंग उन ने उसे उत्तर कोरियाई सरकार का एक दूसरा ही चेहरा दिखाया.
साल 2012 में किम जोंग-उन के निमंत्रण पर प्योंगयोंग पहुंचने पर ये शख़्स काफी अचंभित था.
केंजी कहते हैं, "मैं फूट-फूटकर रोने लगा (जब मैं किम जोंग-उन को देखने पहुंचा)."
वॉशिंगटन पोस्ट के साथ इंटरव्यू में वह बताते हैं, "मैंने किम जोंग उन से कोरियाई भाषा में कहा - मैं फुजीमोतो - गद्दार, वापस आ गया हूं."
इसके बाद युवा नेता ने ठीक है, ठीक है कहते हुए उन्हें गले से लगा लिया.
हालांकि, केंजी फुजीमोतो की कई कहानियों पर सवालिया निशान लगाया जाता है लेकिन एक बात पर विशेषज्ञ उनसे सहमत होते हैं.
और वो बात ये है कि केंजी फुजीमोतो ने बताया था कि किम जोंग-उन अगले शासक बनेंगे, वह अपने पिता के चहेते थे.
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