You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
एक अमरीकी राजनेता जो वियतनाम युद्ध का हीरो था
अमरीकी सीनेटर और राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार जॉन मैक्केन का 81 साल की उम्र में निधन हो गया है. मैक्केन अमरीकी नौसेना के बमवर्षक विमान के पायलट, एक युद्धबंदी, सीनियर सीनेटर और राष्ट्रपति के उम्मीदवार रहे थे.
उन्हें अमरीका में किसी हीरो की तरह देखा जाता था. मैक्केन अमरीकी राज्य अरिज़ोना के प्रभावी नेता थे. उन्होंने ख़ुद को प्लेन क्रैश में बचाया था, लेकिन बीमारी से ख़ुद को नहीं बचा पाए.
मैक्केन स्किन कैंसर से पीड़ित थे. जुलाई 2017 में पता चला कि वो मस्तिष्क में ट्यूमर की समस्या से भी जूझ रहे हैं. इसके बाद उन्हें वॉशिंगटन में इलाज के लिए शिफ़्ट किया गया था.
अरिज़ोना से मैक्केन छह बार सीनेटर चुने गए. वो 2008 में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति के उम्मीदवार भी बनाए गए. मैक्केन के पिता और दादा दोनों नेवी में ऐडमिरल थे.
वियतनाम युद्ध
वियतनाम युद्ध में वो लड़ाकू विमान के पायलट थे. इस युद्ध में मैक्केन के विमान को जब मार गिराया गया तो वो ख़ुद को बचाने में कामयाब रहे थे. वो वियतनाम में पांच सालों तक युद्धबंदी भी रहे थे. युद्धबंदी के दौरान उन्हें कई तरह की प्रताड़ना का भी सामना करना पड़ा था.
राजनीति में आने के बाद मैक्केन ने रूढ़िवादी रुख़ अपनाया. मैक्केन गर्भपात का विरोध करते थे और रक्षा पर बजट के बड़े हिस्से को खर्च करने की वकालत करते थे. मैक्केन ने 2003 में इराक़ पर अमरीकी हमले का समर्थन किया था.
सीरिया के गृह युद्ध में अमरीका के हस्तक्षेप नहीं करने पर मैक्केन ने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना की थी.
हालांकि मैक्केन ने अपनी राय रखने में पार्टी लाइन की भी परवाह नहीं की. वो ट्रंप की भी ख़ूब आलोचना करते थे. मैक्केन ट्रंप की सख़्त प्रवासी नीति के ख़िलाफ़ थे.
मैक्केन का जन्म दूसरे विश्व युद्ध के ठीक पहले हुआ था और वो अमरीका के सुपरपावर बनने के दौर के साथ पले-बढ़े. वियतनाम युद्ध में लड़ने वाले मैक्केन के शरीर के कई अंगों को नुक़सान हुआ था.
इस दर्द के साथ मैक्केन जीवन भर रहे और अमरीका को भी दक्षिण एशिया के इस छोटे से देश में युद्ध को जीत नहीं पाने का दर्द भूलना पड़ा. अमरीकी राजनीति में मैक्केन का उभार तेज़ी से हुआ और इसी के दम पर रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार भी बने. लेकिन ओबामा ने उनको पटखनी दे दी. आख़िर के दिनों में मैक्केन अंतराष्ट्रीयतावाद के समर्थक हो गए थे.
युद्धबंदी से रिहाई
वियतनाम युद्ध नंवबर 1955 में शुरू हुआ था और यह 1975 तक चला था. 14 मार्च 1973 की वो तस्वीर आज भी याद है. वो तस्वीर थी जॉन मैक्केन की. 36 साल के मैक्केन वियतनाम में युद्धबंदी से रिहा हुआ थे.
मैक्केन की वो तस्वीर देखने के बाद यही लग रहा था कि भूख की मार से उनका शरीर बुरी तरह से टूट चुका है.
उनके जिस्म पर अस्त-व्यस्त कपड़े थे. वो बाक़ी के अमरीकी युद्धबंदियों के साथ अमरीकी सैनिकों के प्लेन में सवार होने जा रहे थे. पांच सालों तक वियताम की जेल में रहने के कारण वो दिखने में अपनी उम्र से कहीं ज़्यादा बड़े दिख रहे थे.
मैक्केन के प्लेन को जब हनोई से ज़मीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल से मार गिराया गया था तो उनके बाल काले थे. युद्धबंदी से रिहाई के बाद उनके बाल सफ़ेद हो गए थे.
वो लंगड़ाते हुए बढ़ रहे थे. जब वियतनाम ने प्लेन पर मिसाइल दागी थी तो उस वक़्त भी उन्हें शारीरिक नुक़सान हुआ था और युद्धबंदी बनने के बाद भी उन्हें जेल में मारा-पीटा गया था.
एक महीने बाद व्हाइट हाउस में मैक्केन के स्वागत में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने एक समारोह का आयोजन किया.
इस समारोह में मैक्केन एक बैसाखी के सहारे पहुंचे थे. मैक्केन अपने ज़ख़्म से कभी उबर नहीं पाए. वो जीवन भर अपने हाथ सिर से ऊपर ले जाने में असमर्थ रहे.
2008 में राष्ट्रपति के चुनावी कैंपेन का एक वाक़या मैक्केन के राजनीतिक सलाहकार ने बताया था. मैक्केन न्यू हैंपशर में एक रैली से पहले अपनी गाड़ी के पीछे इंतजार कर रहे थे. उन्होंने मैक्केन के बाल में कंघी की थी.
मैक्केन कंघी के बाद भीड़ की तरफ़ बढ़े तो रोने लगे थे. वियतनाम से लौटने के बाद भी मैक्केन आठ सालों तक सेना में रहे. मैक्केन ने अपने परिवार से सेना में जाने की परंपरा को जारी रखा था. जॉन मैक्केन कई बार वियतनाम भी गए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)