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जो ईरान से व्यापार करेगा, वो हमसे व्यापार नहीं कर पाएगा: ट्रंप
ईरान पर फिर से लागू हुए अमरीकी आर्थिक प्रतिबंधों के बाद दुनिया भर के देशों पर अमरीकी दबाव है कि वो ईरान से दूरी बना लें.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्रंप ने ट्वीट कर कहा है कि जो देश ईरान के साथ व्यापारिक संबंध जारी रखेंगे वो अमरीका के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे.
ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ''ईरान पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह अब तक का सबसे कड़ा प्रतिबंध है. नवंबर महीने में यह पाबंदी और बढ़ेगी. जो ईरान के साथ संबंध जारी रखना चाहते हैं वो अमरीका के साथ अपने संबंधों को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे. मैं दुनिया से शांति के लिए ऐसा कह रहा हूं, इससे कम कुछ भी नहीं.''
ओबामा ने 2015 में ईरान के साथ एक परमाणु समझौता किया था, जिसके तहत ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम सीमित करना था और उसके बदले वो अपने तेलों का निर्यात करता था.
ट्रंप के आने के बाद से ही इस समझौते के रद्द होने की तलवार लटकी हुई थी, क्योंकि ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान में इस समझौते की कड़ी आलोचना की थी.
इस समझौते का इसराइल और सऊदी अरब जैसे देश भी विरोध कर रहे थे. अपने वादों के मुताबिक़ ट्रंप ने इस समझौते को तोड़ दिया और एक बार फिर से ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लागू हो गया.
'ट्रंप से सहमति नहीं'
हालांकि यूरोपीय संघ ट्रंप के रुख़ से सहमत नहीं था, लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति ईरान को लेकर झुके नहीं. उधर ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने आर्थिक पाबंदी लगाए जाने की कड़ी आलोचना की है. रूहानी ने कहा है कि है यह एक मनोवैज्ञानिक युद्ध है जो ईरानियों को बाँटने के लक्ष्य से छेड़ा गया है.
ट्रंप की यह चेतावानी कि ईरान के साथ संबंध रखने वाले अमरीका से संबंध नहीं रख पाएंगे, भारत के लिए धर्मसंकट की स्थिति है. हाल ही में संसद में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि भारत इराक़ के बाद सबसे ज़्यादा तेल ईरान से आयात करता है.
इससे पहले सऊदी अरब दूसरे नंबर पर था. ईरान भारत को तेल आयात पर कई तरह की सुविधाएं देता है. वो डॉलर के बदले भारतीय मुद्रा रुपए लेकर ही तेल दे देता है, लेकिन अब ट्रंप की इस चेतावनी के बाद भारत के लिए ईरान से तेल आयात करना आसान नहीं होगा.
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद में कहा था कि भारत की सरकारी तेल कंपनियों ने अप्रैल से जून के बीच सऊदी की तुलना में ईरान से ज़्यादा तेल आयात किया. इराक़ अब भी भारत को तेल बेचने के मामले में पहले नंबर पर है.
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