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थाईलैंड: ज़िंदगी बचाने गए थे मगर ख़ुद ज़िंदगी हार गए समन गुनन
थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 बच्चों और उनके फुटबॉल कोच को बचाने की कोशिश में लगे एक गोताखोर की मौत हो गई है.
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक 38 साल के समन गुनन लापता समूह को ऑक्सीजन की टंकी पहुंचाने के बाद वापस आते वक़्त बेहोश हो गए थे.
उनके सहकर्मी उन्हें होश में नहीं ला सके. समन गुनन ने थाई नौसेना के पूर्व गोताखोर थे. उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी लेकिन बचाव अभियान में शामिल होने के लिए वो लौट आए थे.
कॉलेज में समन गुनन को पढ़ाने वाले उनके शिक्षक कैप्टन पनपोंग ने बीबीसी थाई सेवा से कहा, "जब फोन पर मुझे यह जानकारी मिली तो मैं सन्न रह गया. वो बहुत ही बेहतरीन खिलाड़ी थे. मेरे प्रिय शिष्यों में से एक. वो मरीन में ग्रेजुएट थे. उसी वक़्त मैं उनसे मिला था."
"वहीं उन्होंने गोताखोरी सीखी थी. कोर्स ख़त्म होने के बाद हमलोगों ने कुछ दिनों तक साथ काम भी किया था. उसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी."
बेहतरीन खिलाड़ी थे समन गुनन
समन गुनन एक बेहतरीन खिलाड़ी थे. साइकिल चलाना उन्हें काफी पसंद था. साल 2009 में उन्होंने साइकिलिंग चैम्पियनशिप भी जीती थी.
नौसेना में रहते हुए वो अपने साथी रुआंग सीरी के काफ़ी नजदीक आए. दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी. दोनों साथ में साहसिक यात्राओं पर साथ जाते थे.
रुआंग सिरी बताते हैं, "वो बहुत ही खुशमिजाज इसांन थे. अपने काम को संजीदगी से करने वाले. हम लोगों ने साथ में बहुत सारी साहसिक खेल यात्राएं की थी. उन्हें दूसरों की मदद करना अच्छा लगता था. जो भी काम उन्हें दिया जाता था, वो बहुत ही तल्लीन होकर उसे करते थे."
समन गुनन की मौत पर थाईलैंड के लोगों ने संवेदना प्रकट की है. सोशल मीडिया पर भी उनके लिए संदेश लिखे गए हैं.
वेबसाइट द सन के मुताबिक़, थाईलैंड के राजा ने समन गुनन को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा की है.
कितना मुश्किल है गुफा से बच्चों को निकालना
समन गुनन की मौत ने इस अभियान के ख़तरों को भी उजागर कर दिया है. घुप्प अंधेरा, पानी से भरी गुफा, तंग-संकरा रास्ता और भूस्खलन की आशंका इसे और खतरनाक बनाती है.
गुफा में बच्चे 23 जून से फँसे हैं और सोमवार को इनके सुरक्षित होने की ख़बर आई. ऊपर के ग्राफिक्स से आप समझ सकते हैं कि बच्चों को गुफा से निकालना कितना मुश्किल भरा काम है. इस छोटी जगह में 13 लोग फँसे हैं.
यह गुफा प्रवेश द्वार से दो किलोमीटर लंबी और 800 मीटर से एक किलोमीटर तक गहरी है. समस्या यह है कि गुफा कई इलाकों से पूरी तरह से कटी हुई है.
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