ज़ाकिर नाईक को भारत नहीं भेजेगा मलेशिया

ज़ाकिर नाईक

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इमेज कैप्शन, ज़ाकिर नाईक ने साल 2016 में भारत छोड़ दिया था

मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि धर्मगुरू ज़ाकिर नाईक को वापस भारत नहीं भेजा जाएगा.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक राजधानी क्वालालंपुर के बाहर स्थित प्रशासनिक राजधानी पुतराज्य में एक प्रेस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने एक सवाल के जवाब में कहा, "जब तक वो कोई समस्य नहीं पैदा कर रहे हैं तब तक हम उन्हें वापस नहीं भेजेंगे और उनका परमानेंट रेज़ीडेंसी यानी स्थायी निवासी का दर्जा भी बरक़रार रहेगा."

ज़ाकिर नाईक भारत के चर्चित इस्लामी विद्वान है जो अपनी कट्टरपंथी विचारधारा की वजह से विवादों में रहे हैं.

वीडियो कैप्शन, ‘ज़ाकिर नाईक को अपना नाम साफ़ करना चाहिए’

ज़ाकिर नाईक ने साल 2016 में भारत छोड़ दिया था. वो भारत में पैसों के अवैध लेनदेन और चरमपंथ से जुड़े आरोपों में वांछित हैं.

कई देशों में रहने के बाद ज़ाकिर नाईक मलेशिया पहुंचे हैं जहां उन्होंने स्थायी निवासी का दर्जा मिला हुआ है.

हाल के दिनों में आई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि भारत ने मलेशिया से ज़ाकिर नाईक को भारत प्रत्यर्पित करने के लिए कहा है.

ज़ाकिर नाईक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

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इमेज कैप्शन, भारत में हिंदूवादी समूहों ने ज़ाकिर नाईक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन भी किए थे

वहीं मलेशिया के स्थानीय अख़बार मलय मेल के मुताबिक गुरुवार को मलेशिया के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मोहम्मद फूज़ी हारून ने कहा था कि ज़ाकिर नाईक को वापस नहीं भेजा जा रहा है.

वहीं 52 वर्षीय ज़ाकिर नाईक ने एक बयान जारी कर भारतीय मीडिया की रिपोर्टों को आधारहीन बताते हुए कहा है कि उनकी भारत वापस लौटने की कोई योजना नहीं है.

समाचार एजेंसी पीटीआी के मुताबिक एक बयान में उन्होंने कहा, "मेरे भारत लौटने की ख़बर पूरी तरह झूठी और आधारहीन है. मेरी तब तक भारत लौटने की कोई योजना नहीं है जब तक मैं अपने आप को अनुचित अभियोजन से सुरक्षित नहीं समझूंगा."

उन्होंने कहा, "जब मुझे लगेगा कि सरकार मेरे साथ बिना पक्षपात के न्याय करेगी तब मैं अपने वतन ज़रूर लौटूंगा."

भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने नाईक पर 2016 में चरमपंथ विरोधी क़ानून के तहत मुक़दमा दर्ज किया था. उन पर धार्मिक समूहों के बीच नफ़रत फैलाने के आरोप भी लगे हैं.

एनआईए और मुंबई पुलिस ने ज़ाकिर नाईक और उनके संस्थान से जुड़े कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी.

भारत के गृह मंत्रालय ने ज़ाकिर नाईक की संस्था को भी प्रतिबंधित कर दिया है.

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