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पाकिस्तानः इमरान ने काटा टिकट तो उम्मीदवार को पड़ा दौरा
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.
पाकिस्तान में 25 जुलाई को संसद और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनाव होंगे.
चुनाव आयोग ने मतदान के वक़्त में एक घंटे का इज़ाफ़ा कर दिया है. अख़बारएक्सप्रेस के मुताबिक़ चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी कर कहा है कि 25 जुलाई को सुबह आठ बजे से लेकर शाम छह बजे तक वोट डाले जा सकेंगे.
अख़बार लिखता है कि चुनाव आयोग ने ये क़दम इसलिए उठाया है ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग मतदान में हिस्सा ले सकें.
पहले सुबह आठ से शाम पांच बजे तक मतदान होता था. ऐसा पहली बार हुआ है कि चुनाव आयोग ने चुनाव के दिन से पहले ही इस तरह के आदेश जारी कर दिए हैं.
इमरान ख़ान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ ने कुछ दिनों पहले चुनाव आयोग से अपील की थी कि मतदान का समय सुबह आठ बजे से लेकर शाम आठ बजे तक कर दिया जाए.
आयोग ने उनकी मांग जस-की-तस तो नहीं मानी, लेकिन मतदान के समय में एक घंटे का इज़ाफ़ा कर दिया.
शनिवार को ही चुनाव में हिस्सा लेने वाले सभी उम्मीदवारों के चुनावी निशान भी फ़ाइनल कर दिए गए.
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाकान अब्बासी को चुनाव लड़ने की इजाज़त दे दी है.
इससे पहले, चुनाव एपेलेट ट्राइब्यूनल ने शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी के चुनाव लड़ने पर आजीवन पाबंदी लगा दी थी.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार लाहौर हाईकोर्ट ने ट्राइब्यूनल के फ़ैसले को ख़ारिज करते हुए उन्हें चुनाव लड़ने की इजाज़त दे दी है.
अदालत के फ़ैसले के बाद अब्बासी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को विवादों से मुक्त होना चाहिए, इसी से लोकतंत्र मज़बूत होता है.
उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं ऐसा नहीं होता है कि तकनीकी कारणों से किसी का नामांकन रद्द कर दिया जाए. उनका कहना था कि 25 जुलाई को जनता की अदालत अपना फ़ैसला सुनाएगी.
इमरान की पार्टी में टिकट के लिए घमासान
उधर, तहरीक-ए-इंसाफ़ के प्रमुख इमरान ख़ान ने कहा कि अगर टिकटों का मसला समाप्त हो जाए तो वो चैन की सांस ले सकेंगे और ऊपर वाले (भगवान) का शुक्रिया अदा करेंगे.
अख़बार दुनिया के अनुसार इमरान ख़ान की पार्टी में टिकट को लेकर काफ़ी घमासान मचा हुआ है. टिकट नहीं मिलने या फिर किसी और को टिकट मिलने से नाराज़ पार्टी नेता और कार्यकर्ता इमरान ख़ान के निवास के पास धरना दे रहे हैं.
एक उम्मीदवार को पहले टिकट मिलने और फिर टिकट वापस लेने के कारण दिल का दौरा पड़ गया.
अख़बार जंग के मुताबिक़ पंजाब विधानसभा की सियालकोट सीट से पहले आबिद जावेद को इमरान ख़ान की पार्टी ने टिकट दिया था, लेकिन फिर पार्टी ने उन्हें सिंबल देने से मना कर दिया.
इसका उनपर इतना गहरा असर पड़ा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और फ़ौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया. फ़िलहाल वो ख़तरे से बाहर हैं.
शुक्रवार को इमरान ख़ान ने कई नाराज़ नेताओं से मुलाक़ात कर इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन अभी भी बहुत से लोग नाराज़ चल रहे हैं.
उधर, नवाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग (नून) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री चौधरी निसार ने नवाज़ शरीफ़ पर हमला करते हुए कहा कि नवाज़ शरीफ़ ने 34 साल की दोस्ती भुला दी और उनके साथ बेवफ़ाई की.
नवाज़ शरीफ़ ने उनका टिकट काट लिया था जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार की हैसियत से चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है.
अख़बार जंग के अनुसार चौधरी निसार ने कहा कि इमरान ख़ान उनके अच्छे दोस्त हैं और चाहते तो उनकी पार्टी से टिकट मांग सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया क्योंकि उन्होंने अपने पांव पर खड़े होना ज़्यादा बेहतर समझा.
अख़बार के मुताबिक़ चौधरी निसार का दावा है कि 25 जुलाई को पूरा पाकिस्तान देखेगा कि मत पेटियों से क्या निकलता है.