You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
ट्रंप ने किम जोंग उन के साथ मुलाक़ात रद्द की
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ होने वाली बैठक रद्द कर दी है. उन्होंने कहा है कि इस समय इस बैठक का होना उचित नहीं है.
ट्रंप ने कहा कि ये फ़ैसला उन्होंने उत्तर कोरिया के हालिया ''बेहद नाराज़गी भरे और भड़काऊ'' बयान के बाद लिया है.
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा वो उनसे ''किसी दिन'' मिलने के लिए बेहद उत्सुक थे.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मैं वहां आपसे मिलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था. लेकिन आपके हाल के बयान में ज़ाहिर हुई गंभीर नाराज़गी और शत्रुता को देखते हुए मुझे लगता है कि इस वक़्त ऐसी योजनाबद्ध मुलाकात उचित नहीं."
"आप अपनी परमाणु क्षमता की बात करते हैं, लेकिन हमारी क्षमता इतनी ज़्यादा और शक्तिशाली है कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें कभी इस्तेमाल करने का अवसर न आए."
उत्तर कोरिया का रुख
इससे पहले गुरुवार को उत्तर कोरियाई अधिकारी चो सोन हुई ने अमरीकी उप राष्ट्रपति माइक पेंस के बयान को बकवास कहते हुए ख़ारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर कोरिया "लीबिया की तरह ख़त्म" हो जाएगा.
लीबियाई नेता मुआमार गद्दाफ़ी साल 2011 में परमाणु हथियारों को ख़त्म करने के बाद विद्रोहियों द्वारा मार दिए गए थे.
उत्तर कोरियाई अधिकारी चो पिछले दशक में अमरीका के साथ कई कूटनीतिक वार्ताओं में शामिल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया वार्ता के लिए अमरीका के सामने ''गिड़गिड़ाएगा'' नहीं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कूटनीति नाकाम होती है तो परमाणु क्षमता दिखाई जाएगी.
उत्तर कोरिया ने नष्ट की सुरंगें
इससे पहले गुरुवार को ही उत्तर कोरिया ने अपने एक मात्र परमाणु परीक्षण स्थल में मौजूद सुरंगों को ध्वस्त कर दिया था.
कहा जा रहा था कि उत्तर कोरिया ने ये क़दम कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करने के लिए उठाया है.
परमाणु परीक्षण स्थल के पास मौजूद कई विदेशी पत्रकारों का कहना था कि उन्होंने एक बड़ा विस्फोट देखा है.
अधर में लटकी कूटनीति
बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता जोनाथन मार्कस का विश्लेषण
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उत्तर कोरिया दोनों नेताओं की मुलाकात की तैयारियों में पर्याप्त उत्साह नहीं दिखा रहा था. इससे इस पर भी संदेह पैदा हो रहा था कि अगर मुलाकात होती है तो उसका परिणाम सकारात्मक होगा या नहीं.
बड़ा सवाल ये है कि अब आगे क्या होगा?
उत्तर और दक्षिण कोरिया के रिश्तों में आए सुधार से पहले उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच जिस तरह की भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल हो रहा था, उससे कोरियाई प्रायद्वीप में संघर्ष की आशंका पैदा हो रही थी. लेकिन उत्तर और दक्षिण कोरिया के रिश्तों में आई नरमाहट ने ट्रंप और किम जोंग उन के बीच मुलाकात का रास्ता साफ़ किया था.
तो क्या अब उत्तर कोरिया फिर से लंबी दूरी के बलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण शुरू करेगा? क्या एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी की फिर से शुरुआत होगी? या फिर कूटनीतिक संबंधों को मामूली रूप से ही बनाए रखने की कहीं कोई संभावना बची है?
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पिछले महीने ही किम जोंग उन से मुलाकात करने वाले दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन ट्रंप के एलान के बाद अपने सुरक्षा अधिकारियों से बात कर रहे हैं.
योनहैप न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक दक्षिण कोरियाई सरकार के प्रवक्ता किम इयू कियोम ने कहा है कि, "हम इस बात का अंदाज़ा लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप का इरादा क्या है और इस क़दम का सही अर्थ क्या है."
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वार्ता रद्द होने से वो गंभीर रूप से चिंतित हैं.
"मैं दोनों पक्षों से आग्रह करता हूं कि वो संवाद जारी रखें ताकि कोरियाई प्रायद्वीप को शांतिपूर्ण तरीके से परमाणु मुक्त करने के लिए रास्ते की तलाश की जा सके."
इसे भी पढ़ें-
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)