कोरिया वार्ताः उत्तर कोरियाई मीडिया में छायी ऐतिहासिक मुलाक़ात

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उत्तर कोरिया के मीडिया ने शुक्रवार को हुई उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की वार्ता को ऐतीहासिक बताते हुए कहा है कि इससे एक नए युग की शुरुआत होगी.
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त करने पर सहमति जतायी है.
एक दुर्लभ क़दम के उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी और अधिकारिक समाचार सेवा केसीएनए ने दोनों नेताओं के बीच वार्ता और पूर्ण परमाणु मुक्त उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्धता की तारीफ़ की है.
उत्तर कोरिया की ओर से युद्ध उन्माद से भरे बयानों के आने के कुछ महीने बाद ही ये सम्मेलन हुआ है.
इसी के साथ किम जोंग उन 1953 के कोरियाई युद्ध के बाद से दक्षिण कोरिया की ज़मीन पर पैर रखने वाले पहले उत्तर कोरियाई नेता भी बन गए हैं.
किम जोंग-उन और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन ने पनमुनजोम में एक-दूसरे से हाथ मिलाया और मुस्कुराए.
इसके बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने भी अपने कदम बढ़ाए और उत्तर कोरिया की तरफ़ पड़ने वाली सीमा पर अपना पैर रखा.
दोनों नेताओं के बीच शिखर वार्ता पनमुनजोम में बने पीस हाउस में हुई जो दक्षिण कोरिया में पड़ने वाले असैन्य क्षेत्र में मौजूद है.
पनमुनजोम कोरियाई प्रायद्वीप की अकेली ऐसी जगह है जहां उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया और अमरीकी सैनिक एक दूसरे से रूबरू होते हैं. साल 1953 के बाद से यहां युद्ध विराम लागू है.

उत्तर कोरिया सालों से कहता रहा है कि वो अपने परमाणु हथियारों को कभी नहीं छोड़ेगा. उत्तर कोरिया दावा करता रहा है कि उसे अमरीकी आक्रमण से बचने के लिए परमाणु हथियारों की ज़रूरत है.
सियोल में मौजूद बीबीसी की लौरा बाइकर का मानना है कि उत्तर कोरिया के अख़बारों में 'परमाणु मुक्ति' शब्द का इस्तेमाल ही दक्षिण कोरिया के लिए बड़ी जीत जैसा है.
दोनों नेताओं ने ये भी कहा कि वो कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए अमरीका और चीन से भी वार्ता करेंगे. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच 1953 में युद्ध विराम लागू किया गया था लेकिन युद्ध कभी समाप्त नहीं हुआ.
परमाणु मुक्ति के प्रति प्रतिबद्धता में ये स्पष्ट नहीं किया गया है कि उत्तर कोरिया अपनी परमाणु गतिविधियां रोकेगा बल्कि ये कहा गया है कि कोरियाई प्रायद्वीप को पूरी तरह परमाणु हथियारों से मुक्त किया जाएगा.

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बयान में कहा गया है कि चरणबद्ध तरीके से ये लक्ष्य हासिल किया जाएगा लेकिन इसे लेकर कोई स्पष्ट योजना या समयसीमा नहीं बतायी गई है.
उत्तर कोरिया ने जहां गर्मजोशी और सकारात्मकता दिखाई है वहीं कई विश्लेषक उत्तर कोरिया के इस उत्साह और गर्मजोशी को लेकर शक़ भी ज़ाहिर कर रहे हैं.
दोनों कोरिया के बीच हुए अब तक के समझौते उत्तर कोरिया के अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को फिर से शुरू करने के साथ रद्द हुए हैं. वहीं दक्षिण कोरिया में अधिक रूढ़िवादी राष्ट्रपति पद पर आते रहे हैं.
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