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पाकिस्तानः नवाज़ शरीफ की तरह विदेश मंत्री अयोग्य करार
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के हाई कोर्ट ने विदेश मंत्री और मुस्लिम लीग नवाज़ के वरिष्ठ नेता ख़्वाजा आसिफ को उम्रभर के लिए चुनाव लड़ने के लिए आयोग्य करार दिया है.
बीबीसी संवाददाता शहज़ाद मलिक के अनुसार अदालत की तीन सदस्यी बेंच ने सर्वसम्मति से ये फैसला सुनाया है.
ख़्वाजा आसिफ को संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई का वर्क परमिट रखने के कारण अदालत ने ये फैसला सुनाया है.
इमरान खान के नेतृत्व वाली पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक नेता उस्मान डार की याचिका पर अदालत यह सुनवाई कर रहा था.
साल 2013 में ख़्वाजा आसिफ ने उस्मान डार को संसदीय चुनावों में शिकस्त दी थी.
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ये फैसला सुनाया था कि किसी के आयोग्य करार दिए जाने पर वो जिंदगी भर चुनाव नहीं लड़ सकेगा.
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ये बात साबित हो गई है कि ख़्वाजा आसिफ चुनाव के समय एक विदेशी कंपनी में स्थायी कर्मचारी थे और जब वो मंत्री बने तब भी उस कंपनी के लिए काम कर रहे थे.
अदालत के अनुसार ये सीधे तौर पर हितों के टकराव का मामला है, जिसके कारण उनकी संसदीय सदस्यता रद्द की गई है.
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने आगे ये कहा कि संसद के सदस्य और मंत्री बनने के समय ख़्वाजा आसिफ ने जो शपथ ली थी, उन्होंने उसका भी उल्लंघन किया है.
अदालत ने अपने फैसले में कहा, "हम ये स्पष्ट करना चाहते हैं कि ये किसी भी अदालत के लिए खुशी की वजह नहीं होती है जब किसी निर्वाचित व्यक्ति की सदस्यता रद्द की जाती है."
"जब राजनीतिक पार्टियां राजनीतिक तौर पर समस्या का समाधान नहीं करती हैं और अदालत का दरवाजा खटखटाती है तो इसका सभी संवैधानिक संस्थाओं पर बुरा असर पड़ता है."
अदालत ने चुनाव आयोग को ख़्वाजा आसिफ की सदस्यता रद्द करने के लिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.
ख़्वाजा आसिफ का कहना है कि चुनाव के समय नामांकन पत्र में उन्होंने यूएई में अपने कार्यरत होने के दस्तावेज सौंपे थे.
लेकिन याचिकाकर्ता का तर्क था कि जब पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को इसी आधार पर आयोग्य करार दिया गया था तो फिर ख़्वाजा आसिफ को क्यों नहीं अयोग्य करार दिया जा सकता है.
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