अमरीका-दक्षिण कोरिया के सैन्याभ्यास से किम भड़केंगे तो नहीं!

कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करने की लगातार कोशिशें हो रही हैं.

उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया और अमरीका, रिश्तों पर जमी बर्फ़ को पिघलाने में जुटे हैं.

इन कोशिशों के बीच अमरीका और दक्षिण कोरिया की सेनाएं पहली अप्रैल से सैन्य अभ्यास करने जा रही हैं.

हालांकि दोनों देशों का कहना है कि इस अभ्यास को उत्तर कोरिया भड़कावे की कार्रवाई की तरह ना देखे.

ये सैन्य अभ्यास मार्च में शुरू किया जाना था, लेकिन विंटर ओलंपिक के आयोजन के दौरान राजनयिक रिश्तों में आई नरमी को देखते हुए इसकी तारीख़ आगे बढ़ा दी गई.

बड़े स्तर का सैन्य अभ्यास

दक्षिण कोरिया का कहना है कि वो आपसी माहौल बेहतर करने के लिए इसी महीने पॉप गायकों और दूसरे कलाकारों का एक ग्रुप पड़ोसी देश उत्तर कोरिया भेजेगा.

160 कलाकारों की टीम प्योंगयांग में दो शो करेगी. इन कलाकारों में बैंड रेड वेलवेट और गायक चो योंग-पिल जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

एक अप्रैल से तीन लाख से ज्यादा सुरक्षाबल भारी मात्रा में सैन्य साजो-सामान के साथ अभ्यास करेंगे.

पूर्व में उत्तर कोरिया अमरीका और दक्षिण कोरिया के बीच इस तरह के सैन्य अभ्यास को अपने ऊपर आक्रमण की तैयारी के तौर पर देखता था.

इसी महीने की शुरुआत में अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग-उन के मुलाकात के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया था.

तनाव कम करने की कोशिशें

उनके इस कदम ने पूरी दुनिया को चौंका दिया. इसे कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करने की अभूतपूर्व राजनयिक कोशिश के तौर पर देखा गया.

दक्षिण के अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने ये भी कहा कि वो अपने परमाणु हथियारों को छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.

इससे ज़्यादा कोई जानकारी सामने नहीं आई है - और उत्तर कोरिया की तरफ़ से इसपर किसी तरह की सीधी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है.

लेकिन अगर बातचीत आगे बढ़ती हैं तो ऐसा पहली बार होगा कि कोई मौजूदा अमरीकी राष्ट्रपति उत्तर कोरिया के नेता से मुलाकात करेगा.

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग-हो इस हफ्ते की शुरुआत में स्वीडन में थे, कहा जा रहा है कि अमरीका और उत्तर कोरिया के नेताओं की मुलाकात यहीं हो सकती है.

कई लोगों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री मुलाकात की तैयारी के लिए ही वहां पहुंचे थे.

'सैन्य अभ्यास का मकसद भड़काना नहीं'

अमरीका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यास की तारीख़ पहले दक्षिण कोरिया में हुए विंटर ओलंपिक की तारीख़ के साथ टकरा रही थी.

लेकिन दक्षिण कोरिया ने जनवरी में सैन्य अभ्यास की तारीख़ों को आगे के लिए टालने का फ़ैसला किया.

मंगलवार को रक्षा मंत्री ने कहा कि अभ्यास एक अप्रैल से किया जा सकता है और अभ्यास का स्तर वही रहेगा जो पिछले सालों में रहा है.

पेंटागन के कहा है कि उत्तर कोरिया को इस फ़ैसले के बारे में जानकारी दे दी गई है.

पेंटागन ने ये भी साफ़ किया कि ये अभ्यास सुरक्षा के लिहाज से किया जा रहा है और उत्तर कोरिया इसे भड़काने की कार्रवाई के तौर पर ना देखे.

'आग में घी डालने वाला'

दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने वॉशिंगटन में बोलते हुए कहा कि किम जोंग-उन ने कथित तौर पर कहा है कि वो समझते हैं कि ड्रिल होनी चाहिए.

उत्तर कोरिया के नेता का ये बयान उनके बदले मिज़ाज को दिखाता है.

इससे पहले हुए सैन्य अभ्यासों को उत्तर कोरिया 'आग में घी डालने वाला' बताता रहा है और इसका कड़ा जवाब देने की चेतावनी भी देता रहा है.

अमरीका और दक्षिण कोरिया के बीच पहले हुए सैन्य अभ्यासों पर गुस्सा दिखाते हुए उत्तर कोरिया मिसाइलों का टेस्ट भी करता रहा है.

लेकिन ट्रंप को दिए बयान में उसने इस बार ऐसा कोई कदम कहीं उठाने का वादा किया.

'फ़ोल इगल/की रिसोल्व' नाम के सैन्य अभ्यास में ज़मीन, समुद्र और हवा में ड्रिल किया जाएगा.

इसके अलावा हाल के सालों में जिस तरह के चरमपंथी और रासायनिक हमले हुए हैं, उनसे निपटने के लिए भी अभ्यास किया जाएगा.

दोनों देशों का कहना है कि ये सैन्य अभ्यास इसलिए भी ज़रूरी है ताकि ख़ुद को बाहरी हमलों का मुकाबला करने के लिए मज़बूत बनाया जा सके.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)