You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
रूसी जासूस, जिसे मिली 'गद्दारी' की सज़ा?
'शॉपिंग सेंटर के पास एक बेंच पर वो अजीब हरकत कर रहे थे. आदमी ने अपने हाथ आसमान की तरफ हाथ किए हुए थे.'
'औरत को देखकर लग रहा था कि वो मर चुकी है. मुझे लगा कि मदद के लिए जाना चाहिए लेकिन...'
ब्रिटेन के सेल्सबरी में शॉपिंग सेंटर के पास ऐसी अजीब हरकत करने वाला शख़्स कोई आम इंसान नहीं है.
ये 66 साल के सर्गेई स्क्रिपल थे. जो कभी रूसी सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस में कर्नल थे. एक ऐसा पद जिसपर सेना में भर्ती हुए नए जवान पहुंचने का ख्वाब देखते थे.
लेकिन एक रूसी एजेंट होने के बाद सर्गेई स्क्रिपल जिस बात के लिए चर्चा में आए, वो जासूसी और गद्दारी से जुड़ी थी.
सर्गेई स्क्रिपल को साल 2006 में ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में 13 साल की सजा सुनाई गई थी.
साल 2010 में स्क्रिपल को 'जासूसों की अदला-बदली' के तहत ब्रिटेन में शरण मिली थी.
अब चर्चा में क्यों सर्गेई स्क्रिपल?
33 साल की एक महिला के साथ सर्गेई स्क्रिपल जिस शॉपिंग सेंटर के पास अजीब हरकतें करते हुए अचेत हालत में पाए गए हैं.
वहां मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी.
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों से मिली जानकारी के बाद इस बात की भी आशंका है कि कहीं इन लोगों को ज़हर तो नहीं दिया गया.
दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि दोनों किसी अज्ञात पदार्थ के संपर्क में आने से गंभीर रूप से बीमार हुए हैं.
ये घटना रविवार की है. दोनों के शरीर पर किसी तरह के ज़ख़्म का कोई निशान नहीं है. दोनों की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है.
पुलिस ने सावधानी बरतते हुए ज़िज़्ज़ी रेस्त्रां को बंद करवा दिया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों की इस हालत के लिए कौन ज़िम्मेदार है.
कौन हैं सर्गेई स्क्रिपल?
सर्गेई स्क्रिपल रूसी मिलिट्री के रिटायर्ड अफसर थे, तब 2006 में उनको जासूसी करने के लिए जेल भेजा गया.
सर्गेई स्क्रिपल को ब्रिटेन की ख़ुफिया एजेंसी एमआई-16 को रूस के यूरोप में मौजूद ख़ुफिया एजेंट्स की जानकारी मुहैया कराने का दोषी माना गया था.
रूस ने दावा किया था कि एमआई-16 ने सर्गेई स्क्रिपल को इस जासूसी के बदले एक लाख डॉलर रुपये चुकाए थे.
ये जानकारी सर्गेई साल 1990 से एमआई-16 को पहुंचा रहे थे. ऐसे में सवाल ये है कि सर्गेई जेल से बाहर कैसे आए?
दरअसल, साल 2010 में रूस और अमरीका के बीच चार जासूसों की अदला-बदली हुई थी. सर्गेई इन चार जासूसों में शामिल थे.
इसके बदले एफबीआई ने भी 10 रूसी जासूसों को रिहा किया था. माना जाता है कि इस बदली के कुछ वक्त बाद सर्गेई अमरीका से ब्रिटेन आ गए थे.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)