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केप टाउन जल संकटः टॉयलेट के नल बंद करने की सलाह
दक्षिण अफ़्रीका के केप टाउन शहर में लोगों से कहा गया है कि पानी को इस तरह बचाएं, जैसे जीवन ही उस पर निर्भर हो. यह नोटिस इसलिए जारी किया गया है ताकि पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद न हो.
भीषण सूखे की वजह से शहर के प्रशासन को प्रति व्यक्ति रोज़ाना पचास लीटर पानी की सीमा लागू करनी पड़ी है.
अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि वे टॉयलेट में फ्लश करने के लिए टंकी का इस्तेमाल न करें और कम से कम पानी बहाएं.
प्रांतीय सरकार की प्रमुख ने कहा है कि अगर पानी की आपूर्ति बंद हो गई तो ये सभी आपदाओं से बड़ी आपदा होगी.
हेलेन ज़िल ने कहा है कि अभी भी पानी की आपूर्ति को पूरी तरह बंद होने से रोकना मुमकिन है.
उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग रोज़ाना पचास लीटर या उससे कम पानी का इस्तेमाल करेंगे तो पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद होने की त्रासदी से बचा जा सकेगा.
उन्होंने कहा, "अगर हम सब लोग अपने घर पर और काम करने की जगह पर इस बात का ध्यान रखें तो ये नामुमकिन नहीं है."
उन्होंने लोगों को राय देते हुए कहा, "आपने टॉयलेट की फ्लश टंकी बंद कर दो और घर में धुलाई आदि में इस्तेमाल हो चुके पानी को सिस्टर्न में भरने के लिए इस्तेमाल करें."
"इस समय कोई भी सप्ताह में दो बार से अधिक न नहाए. पानी को इस तरह बचाना है मानो जीवन ही उस पर निर्भर हो."
बीते साल ज़िल ने बताया था कि वो तीन दिन में एक बार नहा रही हैं.
भयंकर सूखा
चर्चित पर्यटन स्थल केप टाउन बीते सौ सालों के सबसे भयंकर सूखे का सामना कर रहा है.
हालांकि दक्षिण अफ्रीका का अधिकतर हिस्सा गर्मियों में हुई भारी बारिश के बाद से सूखे से उबर रहा है.
लेकिन केप टाउन अभी भी सूखे का शिकार है और यहां बीते तीन सालों में बेहद कम बारिश हुई है.
बदली आदतें
केप टाउन में रह रहे बीबीसी न्यूज़ से जुड़े मोहम्मद एली बताते हैं कि उनकी पत्नी ने नहाना अब बंद कर दिया है. इसके बदले वो डेढ़ लीटर पानी उबालती हैं और उसमें एक लीटर टंकी का पानी मिला लेती हैं जिसे वो शरीर धोने के लिए इस्तेमाल करती हैं. टॉयलेट के सिस्टर्न में इस्तेमाल करने के लिए इसी पानी को इकट्ठा कर लिया जाता है.
केप टाउन के बाक़ी शहरियों की तरह ही चार लोगों के हमारे परिवार को भी अपनी आदतें बदलनी पड़ी हैं.
अली कहते हैं कि अब हम बाल्टी और मग से ही नहाते हैं
बीते सप्ताह एक प्रैस वार्ता में मेयर पैटरीसिया डे लीले ने कहा था, "अब लोगों से पानी बर्बाद न करने के लिए सिर्फ़ कहेंगे नहीं बल्कि उन्हें पानी बचाने के लिए मजबूर करेंगे."
दक्षिण अफ़्रीका में पानी बचाने के लिए अभियान चलाने वाली संस्था वॉटर वाइज़ के मुताबिक एक व्यक्ति एक मिनट के शॉवर में औसतन पंद्रह लीटर पानी का इस्तेमाल करता है और इतना ही पानी एक बार टॉयलेट फ्लश करने में इस्तेमाल होता है.
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