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यूएन की नई पाबंदियां 'जंग छेड़ने जैसी': उत्तर कोरिया
उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के उस पर लगाए ताज़ा प्रतिबंधों को 'युद्ध छेड़ने जैसी हरकत' बताया है.
सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा है कि इन प्रतिबंधों के ज़रिए देश को आर्थिक रूप से तोड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है.
एजेंसी ने कहा कि सरकार के बयान के अनुसार उत्तर कोरिया का अपनी ताकत को बढ़ाते जाना अमरीका को हताश कर रहा है.
शुक्रवार को उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के जवाब में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे.
सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों ने अमरीकी प्रस्ताव का समर्थन किया है. इन प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया का पेट्रोलियम आयात 90 प्रतिशत तक घटा दिया जाएगा.
क्या कहता है उत्तर कोरिया?
उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र के ताज़ा प्रतिबंधों को युद्ध के लिए उकसावा बताया है और कहा, "ये हमारे गणराज्य की संप्रभुता का हिंसक उल्लंघन और युद्ध छेड़ने जैसी हरकत है जो कोरियाई प्रायद्वीप और एक व्यापक क्षेत्र की शांति और स्थिरता को तबाह करता है."
"अमरीका हमारे देश की परमाणु शक्ति को पूरा करने की महान और ऐतिहासिक उपलब्धि से बुरी तरह डरा हुआ है. वो ज़्यादा से ज़्यादा परेशान हो रहा है और हम पर दवाब बनाने के लिए हम पर अब तक से सबसे सख्त प्रतिबंध लगाने की दिशा में बढ़ रहा है."
"हम अपनी आत्म-रक्षात्मक परमाणु ताकत को और भी मज़बूत करेंगे ताकि हम अमरीका से परमाणु हमले, ब्लैकमेल और शत्रुतापूर्ण हरकतों के ख़तरे को पूरी तरह ख़त्म कर सकें और अमरीका के साथ एक व्यावहारिक संतुलन बना सकें."
अमरीका का कहना है कि वो इस मामले में कूटनीतिक समाधान चाहता था लेकिन जो ताज़ा प्रतिबंधों की सूची उसने तैयार की है उसके अनुसार-
- पेट्रोल उत्पादों के आयात की सीमा साल में पांच लाख बैरल और कच्चे तेल की सीमा 40 लाख बैरल प्रति साल कर दी गई है. पहले लगाए गए प्रतिबंधों में उत्तर कोरिया के लिए पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में 55 फ़ीसदी की कटौती की गई थी. इसे ताज़ा प्रतिबंधों के साथ और बढ़ा दिया है.
- विदेशों में काम करने वाले सभी उत्तरी कोरियाई नागरिकों को 24 महीनों के भीतर अपने देश वापिस लौटना होगा. और इस तरह विदेशी मुद्रा के आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
- उत्तर कोरियाई से मशीनरी और बिजली के उपकरण जैसी वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.
परमाणु हमला
उत्तर कोरिया पर पहले से ही अमरीका, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं.
28 नवंबर को उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था जिसके बाद लगाए गए इस प्रतिबंधों को अमरीका ने अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध कहा है.
इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा था कि परमाणु हमला करने की सूरत में वो उत्तर कोरिया को 'पूरी तरह नष्ट' कर देगा.
उत्तर कोरिया के सुप्रीम नेता किम जोंग-उन ने अमरीकी राष्ट्रपति की टिप्पणियों की तुलना 'कुत्ते के भौंकने' से की थी और कहा था 'मानसिक रूप से विक्षिप्त आग से खेलने के शौक़ीन अमरीकी बूढ़े को यक़ीनन वश में करूंगा.'
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