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उर्दू प्रेस रिव्यू: 'इमरान नॉट आउट, तरीन आजीवन आउट'
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते इमरान ख़ान से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा चर्चा में रहीं.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के चेयरमैन इमरान ख़ान को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ी राहत मिली है.
सत्तारुढ़ मुस्लिम लीग (नवाज़) के एक पूर्व सांसद हनीफ़ अब्बासी ने अदालत में अपील दायर की थी जिसमें उन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि इमरान ख़ान को किसी भी पब्लिक पोस्ट के लिए अयोग्य क़रार दिया जाए.
हनीफ़ अब्बासी का आरोप था कि पीटीआई को विदेशों से फ़ंडिंग होती है. उन्होंने कहा था कि इमरान ख़ान ने इस बारे में चुनाव आयोग को ग़लत हलफ़नामा दिया था और विदेशों से मिलने वाले पैसे का कोई ज़िक्र नहीं किया था.
हनीफ़ अब्बासी की दलील थी कि विदेशों से पैसे लेने और चुनाव आयोग से ग़लत बयानी करने के कारण इमरान ख़ान किसी भी पब्लिक पोस्ट के योग्य नहीं हैं इसलिए अदालत उनकी संसद सदस्यता को फ़ौरन रद्द करे.
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हनीफ़ अब्बासी की अपील को ख़ारिज कर दिया. हालांकि इमरान ख़ान की पार्टी के महासचिव जहांगीर तरीन को अदालत ने किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य क़रार दिया है.
अख़बार जंग के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि शिकायतकर्ता किसी भी तरह से इस मामले में कोई पार्टी हैं ही नहीं, इसलिए उन्हें इस तरह की अपील करने का कोई हक़ नहीं है.
अदालत ने कहा कि विदेशों से मिलने वाले चंदे की जांच करने का अधिकार चुनाव आयोग को है.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने इमरान ख़ान को क्लीन चिट मिलने पर सख़्त नाराज़गी का इज़हार किया है.
लंदन में पत्रकारों से बात करते हुए नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि अदालत के फ़ैसले ने उनकी कही हर बात को सच साबित कर दिया है.
उनका कहना था, "मेरे और इमरान के मामले में इंसाफ़ के दो तराज़ू नहीं चलेंगे. हम इस तरह के इंसाफ़ के ख़िलाफ़ आंदोलन करेंगे.''
एक्सप्रेस अख़बार ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर जगह देते हुए सुर्ख़ी लगाई है, "इमरान नॉट आउट, तरीन आजीवन आउट.''
इमरान ख़ान ने अदालत के फ़ैसले का स्वागत किया है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार, इमरान ख़ान ने कहा कि अगर अदालत उन्हें अयोग्य क़रार देती तब भी वो नवाज़ शरीफ़ का पीछा नहीं छोड़ते.
इमरान ख़ान का कहना था, "मुझे ख़ुशी है कि सबसे बड़ी अदालत ने मुझे तलाशी के बाद बरी किया. ड्रग्स का कारोबार करने वाले एक व्यक्ति ने मेरे ख़िलाफ़ केस किया था. मैंने विदेश में जो भी पैसा कमाया वो सब जायज़ पैसा है."
अख़बार दुनिया के मुताबिक़ इमरान ख़ान ने अपने समर्थकों से कहा कि वो आम चुनाव की तैयारी करें, अगली सरकार उन्हीं की पार्टी की होगी.
इमरान का कहना था, "नवाज़ शरीफ़ की पार्टी के भ्रष्ट दरबारी मुझे और मेरे शौकत ख़ानम अस्पताल को बुरा-भला कहते थे. आज उन्हें मुंहकी खानी पड़ी.''
शरीफ़ परिवार को भी राहत
इमरान ख़ान के अलावा सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ़ परिवार को भी एक बड़ी राहत दी.
सुप्रीम कोर्ट ने शरीफ़ परिवार के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के एक दूसरे मामले में केस को दोबारा खोलने की अपील को ख़ारिज कर दिया.
हुदैबिया पेपर्स के नाम से मशहूर भ्रष्टाचार के एक मामले में नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) ने अदालत में अपील दायर की थी कि उसे इस केस को दोबारा खोलने की इजाज़त दी जाए.
लेकिन अदालत ने नैब की अपील ठुकरा दी.
अख़बार एक्सप्रेस के मुताबिक़ इमरान ख़ान ने अदालत के इस फ़ैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नैब ने शरीफ़ परिवार को बचा लिया.
अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान का कहना था, "हुदैबिया केस का फ़ैसला मेरिट के आधार पर नहीं हुआ. नवाज़ शरीफ़ तीन सौ अरब रुपए देश से बाहर लेकर गए. उन्हें पैसे बाहर ले जाने का जवाब देना होगा. नैब के पूर्व चेयरमैन शरीफ़ परिवार से मिले हुए हैं.''
कुलभूषण जाधव भी अख़बारों में
इन सबके के अलावा पाकिस्तान में सज़ा काट रहे भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से जुड़ी ख़बरें भी इस हफ़्ते सुर्खियों में रहीं.
पाकिस्तानी अख़बारों के अनुसार कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी को उनसे मिलवाया जा रहा है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार मानवीय आधार पर पाकिस्तान कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी को पाकिस्तान का वीज़ा दे रहा है.
साथ ही साथ इस मामले से जुड़े तमाम दस्तावेज़ पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय न्यायिक अदालत में जमा करा दिए हैं.
अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार पाकिस्तान का कहना है कि कुलभूषण जाधव भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के एजेंट थे, जिन्होंने पाकिस्तान में चरमपंथी कार्रवाइयों में शामिल होने का जुर्म स्वयं क़ुबूल किया है.
अख़बार के अनुसार पाकिस्तान का कहना है कि तमाम क़ानूनी कार्रवाइयों के बाद अदालत ने उन्हें दहशतगर्द क़रार देते हुए फांसी की सज़ा सुनाई है और एक चरमपंथी का मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायिक अदालत में नहीं चलाया जा सकता है.
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