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जापान में क्यों पहुंच रही हैं उत्तर कोरिया की 'भुतहा' नावें?
उत्तर कोरिया अब अपने मिसाइल परीक्षणों से नहीं, कुछ नावों की वजह से चर्चा में है.
बीते दिनों उत्तर कोरिया से कुछ दर्जन नावें बहकर जापान के तटों पर पहुंचीं हैं.
इन्हें भुतहा नावें इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इनमें से ज़्यादातर नावें या तो खाली पहुंचीं या उनमें लाशें थीं.
हालांकि कई बार इन नावों में ज़िंदा नाविक भी सवार थे. नवंबर में यूरिहोंजो मरीना तट पर पहुंची एक नाव में आठ लोग सवार थे. उनका कहना था कि वे उत्तर कोरियाई मछुआरे हैं और समुद्री मुश्किलों ने उन्हें यहां तक पहुंचा दिया है.
स्थानीय मीडिया की मानें तो ये मछली पकड़ने वाली नावें हैं जो अवैध रूप से जापान में प्रवेश कर रही हैं.
लेकिन जापान और उत्तर कोरिया के बीच लंबी दूरी है.
उत्तर कोरिया की नावें घर से इतनी दूर क्यों?
विशेषज्ञों की मानें तो उत्तर कोरिया की नावों के इतना दूर तक पहुंचने के पीछे उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरियाई सरकार इन नावों के ज़रिये मछुआरों पर ज़्यादा से ज़्यादा मछलियां पकड़ने का दबाव बना रही है.
ऐसा माना जा रहा है कि वैश्विक प्रतिबंधों की वजह से उत्तर कोरिया में खाद्दान्न और विदेशी मुद्रा की कमी हो रही है.
इसी वजह से उत्तर कोरियाई मछुआरे ख़राब हालात में जोख़िम भरी यात्राएं करके मछली पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
इस साल नवंबर के महीने में पिछले साल के मुक़ाबले पांच गुना ज़्यादा नावें जापानी तटों तक पहुंची है.
क्या ये जासूसी की कोशिश है?
यह आशंका भी जताई गई है कि जापानी तटों पर पहुंचने वाली नावों में ज़िंदा बचे लोग उत्तर कोरिया से भागकर आए हुए लोग हो सकते हैं.
लेकिन ऐसे लोगों को वापस उत्तर कोरिया भेजे जाने को कहा गया है. इसके साथ ही दक्षिण कोरिया की जगह जापान तक की यात्रा काफी जोखिम भरी है.
हालांकि इन लोगों के जासूस होने से जुड़ी आशंका बहुत मज़बूत नहीं लगती. कुछ नावों में नाविकों को ज़िंदा पाया गया था लेकिन ज़्यादातर नावें खाली या लाशें ही मिली हैं.
आख़िर क्यों इतना जोख़िम उठाएंगे नाविक?
उत्तर कोरिया पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से उत्तर कोरियाई सरकार पर खेती और खाद्दान्न सामग्री को बढ़ाने का दवाब है.
जापानी मीडिया के मुताबिक़, उत्तर कोरियाई शासक नाविकों से ज़्यादा मछलियां पकड़ने की मांग कर रहे हैं.
दरअसल, उत्तर कोरिया ने बीते साल अपनी सीमा में आने वाले समुद्री क्षेत्र को चीन को बेच दिया था.
ऐसे में यह संभावना है कि मछुआरे जगह कम होने के बाद ज़्यादा लाभ कमाने के लिए दूर तक मछली पकड़ते हुए ये जोख़िम उठा रहे हों.
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