उत्तर कोरिया को कहां से मिलता है इंटरनेट?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ से आर्थिक प्रतिबंध झेल रहे उत्तर कोरिया को इंटरनेट सेवाएं कहां से मिलती हैं?

वहां के लोग या सरकार किस तरह दुनिया के दूसरे हिस्सों से खुद को जोड़ पाते हैं? वे कौन से देश हैं जो उत्तर कोरिया को इंटरनेट सेवा उपलब्ध करवाते हैं?

ये सवाल हैं जो उत्तर कोरिया की ख़बरों पर नज़र रखने और इसे जानने-समझने में दिलचस्पी रखने वालों के मन में अक्सर कौंधते रहते हैं.

हाल ही में एक ख़बर सामने आई है कि उत्तर कोरिया को रूस के ज़रिए इंटरनेट का नया कनेक्शन मिला है. रूस की दूरसंचार कंपनी 'ट्रांस टेलीकॉम' ने उत्तर कोरिया के लिए यह सुविधा शुरू की है. साइबर सुरक्षा प्रदान करने वाली कंपनी फायर आई ने इसकी जानकारी दी.

फायर आई के अनुसार रूसी कंपनी ने रविवार से उत्तर कोरिया में इंटरनेट सेवा शुरू कर दी है.

अभी तक उत्तर कोरिया में चीन की कंपनी 'चाइना यूनाइटेड नेटवर्क कम्युनिकेशन लिमिटेड' ही एकमात्र कंपनी थी, जो इंटरनेट सेवा उपलब्ध करवाती थी.

रूस की पकड़ होगी मजबूत

रूस की ओर से उत्तर कोरिया को इंटरनेट सेवा उपलब्ध करवाने की ख़बर उस समय आई है जब वैश्विक ताकतें परमाणु शक्ति से संपन्न इस देश पर प्रतिबंधों के ज़रिए लगाम लगाने की कोशिशें कर रही हैं.

फायर आई कंपनी के एशिया प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख तकनीकी अधिकारी ब्रायस बोलैंड ने बताया, ''रूस के ज़रिए उत्तर कोरिया को इंटरनेट की अतिरिक्त सुविधा मिलने से उत्तर कोरिया तकनीक के क्षेत्र में अधिक मजबूत होगा और उसके सामने कई नए विकल्प उपलब्ध हो जाएंगे.''

वे बताते हैं, ''इसके ज़रिए रूस को उत्तर कोरिया के इंटरनेट ट्रैफिक पर नज़र रखने में मदद मिलेगी.''

संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर तेल और कपड़ों के आयात-निर्यात पर प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन इनमें इंटरनेट का प्रतिबंध शामिल नहीं था.

अमरीका का साइबर अटैक

वाशिंगटन पोस्ट में शनिवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी जिसमें यह बताया गया था कि अमरीकी साइबर कमान के जरिए उत्तर कोरिया की सैन्य गुप्तचर एजेंसी को हैक करने की कोशिश की जा रही है.

मार्टिन विलियम उत्तर कोरियाई तकनीक के विशेषज्ञ हैं. उन्होंने 38 नॉर्थ वेबसाइट में उत्तर कोरिया में मिलने वाले नए इंटरनेट कनेक्शन के बारे में लिखा है, ''अभी तक उत्तर कोरिया एक ही इंटरनेट कनेक्शन पर निर्भर था, यह उसके लिए एक अनिश्चित स्थिति थी. एक और इंटरनेट सेवा मिलने से उसके पास विकल्प पैदा हो गए हैं.''

इससे पहले साल 2014 में सोनी पिक्चर्स पर हुए साइबर अटैक का बड़ा असर उत्तर कोरिया पर हुआ था. सोनी पिक्चर्स ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की हत्या की साजिश पर आधारित एक हास्य फ़िल्म 'द इंटरव्यू' बनाई थी, जिसे लेकर काफ़ी विवाद पैदा हो गया था.

उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पिछले महीने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगा दिए थे. चीन और रूस ने भी नई बंदिशों पर सहमति जताई थी.

उत्तर कोरिया ने तीन सितंबर को छठा और अपना सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण किया था. इसी वजह से सुरक्षा परिषद ने उस पर नए प्रतिबंध लगाए थे.

उत्तर कोरिया का दावा है कि उसने परमाणु बम विकसित कर लिया है और इसे मिसाइल पर लोड किया जा सकता है.

नए प्रतिबंधों के जरिए उत्तर कोरिया के आय के स्रोत बंद करने की कोशिश की गई है.

उत्तर कोरिया से कपड़ों के निर्यात पर रोक को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा उत्तर कोरिया मौजूदा तय सीमा तक ही कच्चे तेल का आयात कर सकेगा.

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