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उर्दू प्रेस रिव्यू: पाकिस्तान में अमरीकी विदेश मंत्री से बेरुख़ी
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार के लोगों पर चल रहा मुक़दमा, अमरीकी विदेश मंत्री का एशियाई दौरा और भारत प्रशासित कश्मीर पर पाकिस्तानी क़बायली हमले की 70वीं बरसी सुर्ख़ियों में रहे.
सबसे पहले बात अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के दौरे की. रेक्स टिलरसन ने 20 से 27 अक्तूबर के बीच सऊदी अरब, क़तर, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान और भारत की यात्रा की.
अख़बार 'जंग' के मुताबिक़ अमरीकी विदेश मंत्री का पाकिस्तान में उस गर्म जोशी के साथ स्वागत नहीं हुआ जैसा कि आमतौर पर पाकिस्तान में किसी भी अमरीकी मेहमान का होता है. अख़बार 'जंग' ने सुर्ख़ी लगाई है, "अमरीकी विदेश मंत्री का ठंडा स्वागत, विदेश मंत्रालय के अधिकारी उन्हें एयरपोर्ट पर रिसीव करने गए."
भारत के नेतृत्व
अख़बार के अनुसार अमरीका ने पाकिस्तान पर ये आरोप लगाया है कि वो चरमपंथी संगठन तालिबान को अपने यहां सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराता है.
अमरीका के इस आरोप के कारण दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया है और अख़बार के मुताबिक़ यही कारण है कि पाकिस्तान पहुंचने पर अमरीकी विदेश मंत्री का स्वागत बहुत ही ठंडे तरीक़े से किया गया.
अख़बार लिखता है कि पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन सीनेट के चैयरमैन रज़ा हमदानी ने अमरीकी विदेश मंत्री के बयान और लहजे को वायसरॉय जैसा क़रार दिया.
पाकिस्तान आने से पहले अमरीकी विदेश मंत्री अफ़ग़ानिस्तान गए थे. काबुल में रेक्स टिलरसन ने कहा था कि पाकिस्तान को अपनी धरती पर तालिबान को शरण नहीं देनी चाहिए.
रज़ा हमदानी ने कहा कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ को इस बारे में सदन में आकर बयान देना चाहिए.
अमरीकी विदेश मंत्री के भारत दौरे का ज़िक्र करते हुए अख़बार 'जंग' कहता है कि अमरीकी विदेश मंत्री ने साफ़ शब्दों में कहा है कि इस क्षेत्र में भारत के नेतृत्व वाले किरदार का अमरीका समर्थन करता है.
इमरान का बयान
अख़बार के अनुसार भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाक़ात के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अमरीकी विदेश मंत्री का कहना था, "चरमपंथी संगठन पाकिस्तान के अस्तित्व के लिए बड़ा ख़तरा बन गए हैं. पाकिस्तान भारत, अफ़ग़ानिस्तान और ख़ुद अपने मुल्क में चरमपंथी गतिविधियों में शामिल संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे. इस मामले में अमरीका पाकिस्तान की मदद करना चाहता है और ये बात ख़ुद पाकिस्तान के अपने हित में है."
भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में पाकिस्तान की विशेष अदालत नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) में चल रहे मुक़दमे इस हफ़्ते भी सुर्ख़ियों में रहे.
पाकिस्तानी तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन आसिफ़ अली ज़रदारी दोनों ही भ्रष्ट हैं और नवाज़ शरीफ़ के बाद अब ज़रदारी की बारी है.
भारत और पाकिस्तान
अख़बार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक़ एक चुनावी जलसे को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान का कहना था, "सरकारी एजेंसियां छोटे चोर तो पकड़ लेती हैं लेकिन बड़े चोर और डाकुओं पर कोई हाथ नहीं डालता. उसे 40 गाड़ियों का प्रोटोकॉल दिया जाता है, तो फिर ये मुल्क तरक़्क़ी कैसे करेगा. नवाज़ शरीफ़ और आसिफ़ अली ज़रदारी सबसे बड़े डाकू और सबसे बड़े मुजरिम हैं."
15 अगस्त 1947 को जब भारत का विभाजन हुआ और भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र देश बन गए. उस समय कश्मीर एक स्वतंत्र रियासत थी जिसके मुखिया राजा हरि सिंह थे.
26 अक्तूबर को क़बायलियों ने कश्मीर पर हमला कर दिया और फिर 27 अक्तूबर कश्मीर के तत्कालीन राजा हरि सिंह ने भारत के साथ संधि करते हुए इसे भारत का हिस्सा मान लिया.
भारत प्रशासित कश्मीर में अलगाववादियों ने 27 अक्तूबर को काले दिवस के तौर पर मनाने का एलान किया था.
कश्मीर मुद्दा
पाकिस्तानी अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' लिखता है कि 70 साल से चले आ रहे 'भारतीय क़ब्ज़े' के ख़िलाफ़ कश्मीरियों ने काला दिवस मनाया.
अख़बार के अनुसार दुनिया भर में कश्मीरियों ने इसे काले दिवस के रूप में मनाया और पूरी घाटी में मुकम्मल हड़ताल रही. अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी संसद ने इस मामले में एक प्रस्ताव भी पास किया.
प्रस्ताव में भारत प्रशासित कश्मीर में भारतीय सेना की कथित ज़्यादतियों की निंदा की गई. इसके अलावा कश्मीर के मामले में अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की लगातार ख़ामोशी पर अफ़सोस का इज़हार किया गया. प्रस्ताव में इस बात को फिर दोहराया गया कि पाकिस्तान कश्मीरियों की नैतिक और राजनीतिक मदद करता रहेगा.
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