सैनिटरी पैड के विज्ञापन से नीले धब्बे की छुट्टी, पहली बार दिखाया गया ख़ून

इंसानी ख़ून का रंग कैसा होता है? जवाब सबको मालूम है- लाल.

तो फिर सैनिटरी पैड में के विज्ञापनों में लाल रंग के ख़ून की जगह नीला धब्बा क्यों दिखाया जाता है? शायद इसलिए क्योंकि समाज में पीरियड्स को लेकर सहजता और खुलापन नहीं है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

बॉडीफॉर्म ब्रिटेन का पहला ब्रांड बन गया है, जिसने अपने विज्ञापन में सैनिटरी पैड्स पर नीले के बजाय लाल धब्बे दिखाए हैं.

इसकी पेरेंट कंपनी एसिटी ने कहा है कि वह पीरियड्स से जुड़ी वर्जनाओं को चुनौती देना चाहती है.

कंपनी का कहना है कि एक शोध के मुताबिक, 74 फीसदी लोग चाहते थे कि विज्ञापनों में इसे असल तरीके से दिखाया जाए.

बॉडीफॉर्म के विज्ञापन #ब्लडनॉर्मल में एक नहाती हुई महिला के पांव से ख़ून बहता हुआ और एक पुरुष को सैनिटरी पैड ख़रीदता दिखाया गया है.

यह 2016 के उस विज्ञापन की अगली कड़ी है, जिसमें कुछ महिला खिलाड़ियों को बाइकसवारी, बॉक्सिंग और दौड़ते हुए कीचड़ और ख़ून में सना दिखाया गया था.

'ख़ून हमें नहीं रोक सकता' की पंचलाइन के साथ यह विज्ञापन टीवी पर दिखाया गया था.

सैनिटरी ब्रांड और विज्ञापनों में आम तौर पर यह दिखाने के लिए कि ये पैड कितनी तरलता सोख सकते हैं, ख़ून की जगह नीला धब्बा दिखाया जाता है.

इस नए विज्ञापन को सोशल मीडिया पर कई सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं.

तांजा ग्रूबना सोशल मीडिया पर लिखती हैं, 'हम मानते हैं कि किसी भी वर्जना की तरह, जितने ज़्यादा लोग इसे देखेंगे, यह उतना सामान्य विषय हो जाएगा.'

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)