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उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ युद्ध नहीं छेड़ा हैः अमरीका
अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच धमकियों और ज़ुबानी जंग में एक नया मोड़ आ गया है.
युद्ध छेड़ने के उत्तर कोरिया के आरोपों से अमरीका ने इनकार करते हुए फिर चेतावनी दी है.
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग-हो ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर उनके देश के ख़िलाफ़ जंग छेड़ने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा है कि उनके देश के पास तब भी अमरीकी फ़ाइटर विमानों को मार गिराने का अधिकार है, जबकि वो उसकी वायु सीमा न हों.
दुनिया को ये 'साफ़-साफ़ याद रखना चाहिए' कि युद्ध की घोषणा अमरीका ने पहले की है.
अमरीकी विमानों की उड़ान पर विवाद
अभी हाल ही में अमरीकी युद्धक बीए1-बी विमान उत्तर कोरिया के समुद्री इलाके की वायु सीमा से होकर गुज़रा था.
इनके साथ एफ़-15 लड़ाकू विमान भी उड़े थे.
व्हाइट हाउस से उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री के बयान को बेबुनियाद बताया है और पेंटागन ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया को इस तरह की उकसावे वाले व्यवहार से बाज़ आना चाहिए.
पिछले सप्ताहांत अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया था कि 'अगर तनाव जारी रहा तो प्योंयांग का नेतृत्व बहुत दिन तक नहीं रहेगा.'
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा है कि दोनों देशों के बीच चल रही आक्रामक बातचीत से नुक़सानदेह ग़लतफहमियां हो सकती हैं.
बच नहीं पाएंगे
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा था कि 'लिटिल रॉकेटमैन ज़्यादा दिनों तक नहीं रहेंगे.'
ट्रंप ने लिखा, "उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री का संयुक्त राष्ट्र में दिया भाषण सुना. अगर वो लिटिल रॉकेटमैन के विचारों को प्रतिबिंबित करना जारी रखते हैं तो बहुत ज़्यादा दिनों तक बच नहीं पाएंगे."
ट्रंप के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर कोरिया मंत्री ने कहा, "बहुत जल्द ही उनका देश इस बात का जवाब दे देगा कि कौन ज़्यादा दिनों तक नहीं बचा रहेगा."
उत्तर कोरिया मंत्री के बयान के बाद पेंटागन के प्रवक्ता कर्नल रॉबर्ट मैनिंग ने कहा, "अगर उत्तर कोरिया अपनी आक्रामक गतिविधयां नहीं रोकता है तो आप जानते हैं कि हम सुनिश्चित करेंगे कि राष्ट्रपति के पास उत्तर कोरिया से निबटने के सभी विकल्प मौजूद रहें."
वहीं संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इस संकट का समाधान सिर्फ़ कूटनीतिक तरीके से ही हो सकता है.
सीधे संघर्ष की आशंका नहीं
पिछले कुछ समय से अमरीका और उत्तर कोरिया एक-दूसरे पर जुबानी हमले कर रहे हैं.
हालाँकि विशेषज्ञों का मानना है कि तीखी होती जुबानी जंग के बावजूद दोनों देशों के बीच आमने-सामने का संघर्ष होने की संभावना बहुत कम है.
भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव और तमाम पाबंदियों के बावजूद उत्तर कोरिया ने पिछले हफ्तों में बैलेस्टिक मिसाइलों का परीक्षण जारी रखा था.
उत्तर कोरिया के नेताओं का कहना है कि उनके परमाणु हथियार केवल सुरक्षा के लिए हैं और उन ताक़तों के ख़िलाफ़ हैं, जो उसे बर्बाद करने की नीयत रखते हैं.
इसी महीने की शुरुआत में ताक़तवर परमाणु परीक्षण करने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ नई पाबंदियों का ऐलान किया था.
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