उत्तर कोरिया की और मिसाइल टेस्ट की तैयारी: दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया का कहना है कि उसे संकेत मिले हैं कि उत्तर कोरिया और अधिक मिसाइलें लांच करने की तैयारी कर रहा है जो संभवत अंतरमहाद्वीपीय मिसाइल हैं.

उत्तर कोरिया के छठे परमाणु परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया के रक्षा अधिकारी सियोल में संसद को जानकारी दे रहे हैं.

उत्तर कोरिया के छठे परमाणु परीक्षण के जवाब में दक्षिण कोरिया ने मिसाइल दागने का अभ्यास किया है.

इसमें उत्तर कोरिया के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने का अभ्यास किया गया है.

इस अभ्यास के दौरान दक्षिण कोरिया के लड़ाकू विमानों से रॉकेट दागे और ज़मीन से मिसाइलें छोड़ी गईं.

उत्तर कोरिया की ओर से पैदा ताज़ा ख़तरे के मद्देनज़र दक्षिण कोरिया अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता दोगुनी करने पर भी विचार कर रहा है.

इसी बीच अमरीका ने कहा है कि उसे या उसके सहयोगियों के लिए होने वाले किसी भी ख़तरे का 'विशाल सैन्य जवाब' दिया जाएगा.

रविवार को उत्तर कोरिया ने हाइड्रोज़न बम का कामयाब परीक्षण करने का दावा किया था.

उत्तर कोरिया अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम पर लगे संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को धता बताता रहा है.

आपात बैठक

उत्तर कोरिया पर कई तरह के आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध भी लागू हैं लेकिन बावजूद इसके उत्तर कोरिया अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है.

पिछले दो महीनों में उत्तर कोरिया ने अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों और परमाणु बम का परीक्षण कर लिया है और जापान के ऊपर से मिसाइल दाग दी है.

संयुक्त राष्ट्र और अमरीका की चेतावनियों के बावजूद उत्तर कोरिया का उग्र रवैया जारी है.

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद सोमवार को उत्तर कोरिया के मुद्दे पर आपात बैठक भी करेगी.

सुरक्षा परिषद ने अगस्त में ही उत्तर कोरिया के निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे.

अमरीका का रुख़

इसी बीच अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा है कि अमरीका किसी भी ख़तरे का कड़ा सैन्य जवाब देगा जो प्रभावशाली और अपरिहार्य होगा.

हालांकि पत्रकारों के सवालों के जवाब में मैटिस ने ये भी कहा कि अमरीका का उत्तर कोरिया को पूरी तरह बर्बाद करने का इरादा नहीं है.

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण को 'ख़तरनाक' और 'शत्रुतापूर्ण' बताया था.

चीन ने भी उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की आलोचना की है और कहा है कि उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भारी विरोध को नज़रअंदाज़ किया है.

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