डोकलाम: भारत और चीनी मीडिया का अलग-अलग राग

भारत, चीन

इमेज स्रोत, Getty Images

    • Author, तुलिका भटनागर
    • पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग

भारत और चीन के बीच डोकलाम पर बनी सहमति को लेकर दोनों देशों का मीडिया अलग-अलग सुर में बात रहे हैं.

भारत चीन और भूटान की सीमा से लगने वाले डोकलाम पर दोनों देशों के बीच पिछले कुछ महीनों से विवाद चल रहा था और अब समझौते के बाद भारत और चीन के मीडिया आउटलेट्स इसे अपने-अपने देशों की जीत बता रहे हैं.

भारत के मीडिया आउटलेट्स डोकलाम से सैनिकों की वापसी को 'नई दिल्ली की जीत' बता रहे हैं तो चीनी मीडिया ये कह रहा है कि 'अतिक्रमण हटाने के भारत के फैसले से चीन खुश है.'

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डोकलाम हिमालय क्षेत्र का वो पठारी इलाका है जिसे लेकर जून के महीने में उस समय विवाद खड़ा हो गया था जब सड़क निर्माण की चीन की कोशिश को भारत ने सैनिक भेजकर रोक दिया था.

चीन और भूटान के बीच इस इलाके को लेकर विवाद है और भारत डोकलाम पर भूटान के दावे का समर्थन करता है.

सोमवार को भारत और चीन ने इस बात की पुष्टि की कि डोकलाम पर जारी विवाद को ख़त्म करने पर उनके बीच सहमति बन गई है.

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भारतीय मीडिया: आख़िरकार झुक गया चीन

भारत में चल रही ख़बरों में ये कहा जा रहा है कि डोकलाम के मसले पर भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत हुई है और कुछ ने इसे चीन के लिए शर्मिंदगी बताया है.

हिंदी अख़बार अमर उजाला ने अपनी वेबसाइट पर सुर्खी लगाई, आख़िरकार भारत के सामने झुका चीन, डोकलाम से सैनिक हटाने पर हुआ तैयार.

अंग्रेजी अख़बार इकोनॉमिक टाइम्स ने लिखा, चीन गरजने वाला वो बादल है जो बरस नहीं सकता.

अख़बार कहता है, "चीन ने भारत को डराने की तमाम कोशिशें की, युद्ध छेड़ने की धमकी से लेकर विद्रोह भड़काने तक. छोटे देशों को इससे संदेश गया कि चीन अपनी धमकी को हकीकत में बदलने के लिए कोई ठोस कदम उठाने वाला नहीं है."

कुछ रिपोर्टों में इस ओर भी संकेत किया गया है कि ब्रिक्स देशों की बैठक 3 से 5 सितंबर के बीच चीन में होने वाली है और शायद इसी वजह से दोनों देश समझौते के लिए तैयार हुए हैं.

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अंग्रेज़ी ख़बरों की न्यूज़ वेबसाइट इंडिया टुडे ने लिखा है, ब्रिक्स सम्मेलन की वजह से चीन अपने रुख पर सोचने के लिए विवश हुआ. ब्रिक्स सम्मेलन की कामयाबी को लेकर सवाल खड़े होने शुरू हो गए थे.

हालांकि कुछ मीडिया आउटलेट्स ने चीन के दावे का भी जिक्र किया है. चीन ने बयान जारी कर कहा कि भारत ने विवादित इलाके से अपने सैनिक हटा लिए हैं.

इंग्लिश न्यूज़ वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है, एक ओर भारत कह रहा है कि सैनिकों की वापसी हो रही है जबकि चीन का कहना है कि वह उस इलाके में अपनी गश्त जारी रखेगा.

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चीनी मीडिया: भारत ने अतिक्रमण हटाया

चीन के सरकारी मीडिया आउटलेट्स अपने विदेश मंत्रालय के हवाले से इस बात को ख़ास तौर पर बता रहे हैं कि डोकलाम से सैनिकों की वापसी के भारत के फैसले से चीन खुश है.

सरकारी समाचार एजेंसी शिनहुआ के मुताबिक चीन ने मौके पर जाकर जायजा लिया और पुष्टि की कि भारत उस इलाके से अपने सैनिक और साज़ोसामान हटा रहा है.

चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि डोकलाम को लेकर शांतिपूर्ण समझौते तक पहुंचने में चीन ने एक जिम्मेदार ताकत के तौर पर बर्ताव किया.

अख़बार ने अपनी अंग्रेज़ी वेबसाइट पर लिखा है, डोकलाम पठार पर चीनी इलाके में अतिक्रमण करने वाले सैनिकों को भारत ने हटा लिया है.

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चीन की सोशल मीडिया वीबो पर भी डोकलाम का जिक्र जोर-शोर से है और हज़ारों लोग इस मुद्दे पर कॉमेंट्स कर रहे हैं.

एक वीबो यूजर ने लिखा है भारतीय सैनिकों को डोकलाम से हटाने का काम बिना युद्ध के पूरा हो गया है.

कुछ यूजर्स ने चीन से वहां सड़क निर्माण का काम जारी रखने की अपील की है.

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