उत्तर कोरिया मसले पर चीन की सलाह, अपने शब्दों का ख़्याल रखें ट्रंप

डोनल्ड ट्रंप और जिनपिंग

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इमेज कैप्शन, जुलाई में जी-20 सम्मेलन में हुई थी डोनल्ड ट्रंप और जिनपिंग की मुलाक़ात.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमरीकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया से आग्रह किया है कि वो ऐसे 'शब्दों और गतिविधियों' से बचें जिनसे तनाव बढ़ सकता हो. चीनी मीडिया ने यह ख़बर दी है.

अमरीका और उत्तर कोरिया के बीच तीख़ी बयानबाज़ी हो रही है, जिसमें अमरीकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया को 'आग और आक्रोश' झेलने की चेतावनी दी थी.

लेकिन उत्तर कोरिया का एकमात्र मित्र कहा जाने वाला चीन अमरीका से संयम बरतने का आग्रह कर रहा है.

प्रतिबंधों के बाद बढ़ी बयानबाज़ी

किम जोंग-उन

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इमेज कैप्शन, उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग-उन

व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक, अमरीका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि उत्तर कोरिया को अपने उकसावे वाले और माहौल बिगाड़ने वाले व्यवहार को बंद करना चाहिए.

उत्तर कोरिया संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियों के बावजूद अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहा है. जुलाई में दो इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था.

जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर नए व्यापारिक प्रतिबंध लगाए थे, जिससे उसके निर्यात राजस्व में एक तिहाई की कमी हो सकती है.

इन प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया नाराज़ है और इसके वह अमरीका के ख़िलाफ़ तीखे बयान दे रहा है.

'शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद'

डोनल्ड ट्रंप

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चीनी मीडिया के मुताबिक, शी जिनपिंग ने ट्रंप से फ़ोन पर कहा कि सभी संबंधित पक्षों को ऐसे 'शब्द और काम' से बचना नहीं चाहिए, जिनसे स्थिति और बिगड़े.

जिनपिंग ने यह भी कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु अप्रसार और शांति स्थापित करने में चीन और अमरीका के 'साझा हित' हैं.

हालांकि फ़ोन पर दिए गए व्हाइट हाउस के बयान में अमरीकी राष्ट्रपति से की गई इस अपील का ज़िक्र नहीं था.

बयान का ज़ोर इस पर था कि दोनों समकक्षों के बीच करीबी रिश्ते हैं, उम्मीद है कि इसका नतीजा उत्तर कोरिया की समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के रूप में सामने आएगा.

राष्ट्रपति ट्रंप इससे पहले यह भी कह चुके हैं कि उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने के लिए चीन और अधिक कर सकता है.

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