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उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच वार्ता के आसार
दक्षिण कोरिया ने इस हफ़्ते के अंत में होने वाली क्षेत्रीय मामलों से जुड़ी बैठक में उत्तर कोरिया के साथ बातचीत होने की संभावना की घोषणा की है.
दक्षिण कोरिया की विदेश मंत्री गेंग ग्युंग ह्वा ने कहा है कि अगर उत्तर कोरियाई विदेश मंत्री के साथ बातचीत करने का मौक़ा आता तो वह इसके लिए इच्छुक थीं.
उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल और परमाणु परीक्षणों की उसके पड़ोसी देशों ने निंदा की है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद शनिवार को अलग-थलग पड़े हुए इस देश पर नए प्रतिबंधों को लगाने पर वोटिंग करने जा रहा है.
आसियान देशों के विदेश मंत्री भी फ़िलीपींस के मनीला शहर में बैठक कर रहे हैं.
दक्षिण कोरिया की यॉनहेप न्यूज़ एजेंसी की ख़बर के मुताबिक, इस बैठक के दौरान गेंग ग्युंग ह्वा और उत्तर कोरिया के री यंग हो के बीच अलग से मुलाक़ात होने की संभावना है.
गेंग ने एजेंसी से कहा, "अगर ऐसा अवसर अपने आप पैदा होता है तो हमें बात करनी चाहिए."
उन्होंने कहा, "मैं उत्तर कोरिया के मामले में अपनी इच्छा को बताना चाहती हूं कि वह भड़काऊ कार्रवाइयों को बंद करके हमारे शांति कायम करने के उद्देश्यों वाले बातचीत के प्रस्तावों पर सकारात्मक अंदाज में जवाब दे."
अमरीका का पक्ष
अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलर्सन भी हफ़्ते के अंत में होने वाली इस बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं जिसमें उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम मुख्य एजेंडा हो सकता है.
बैठक शुरू होने के बाद आसियान सदस्यों ने एक साझा बयान जारी किया है जो कहता है कि वह उत्तर कोरिया के मामले पर वे बेहद चिंतित हैं और ये शांति को गंभीर रूप से ख़तरा पैदा करता है.
उत्तर कोरिया ने जुलाई महीने में दो अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था.
इसके साथ ही दावा किया है कि अब उत्तर कोरिया पूरे अमरीका को निशाने पर ले सकता है.
हालांकि, विशेषज्ञों को इन मिसाइलों के लक्ष्य तक पहुंचने की क्षमता को लेकर संदेह है.
उत्तर कोरिया के इन मिसाइल परीक्षणों की निंदा दक्षिण कोरिया, जापान समेत अमरीका ने भी की थी.
अंतरराष्ट्रीय निंदा
इसके तुरंत बाद सयुंक्त राष्ट्र की ओर से नए प्रतिबंध लगाए जाने की तैयारी शुरू हो गई थी.
उत्तर कोरिया के अकेले अंतरराष्ट्रीय सहयोगी चीन ने भी इन परीक्षणों की निंदा की थी.
हालांकि, चीन अपनी वीटो लगाने की क्षमता से कई बार उत्तर कोरिया को हानिकारक सयुंक्त राष्ट्र प्रस्तावों से बचाता आया है.
ख़बरों की मानें तो इस बार चीन शनिवार को आने वाले प्रस्तावों का समर्थन कर सकता है जो उत्तर कोरिया के निर्यात को प्रभावित करने के साथ-साथ निवेश पर भी प्रतिबंध लगाएगा.
उत्तर कोरिया की कमाई के सीमित ज़रियों में चीन को कोयला, अयस्क और अन्य कच्चा माल का निर्यात शामिल है.
ऐसे में इन प्रतिबंधों से उत्तर कोरिया के तीन बिलियन डॉलर के निर्यात व्यापार में एक बिलियन डॉलर का नुक़सान हो सकता है.
इसी साल की शुरुआत में चीन ने उत्तर कोरिया पर दबाव बढ़ाने के लिए कोयला आयात को बंद कर दिया है.
हालांक, ये प्रतिबंध उत्तर कोरिया को इसके मिसाइल विकास कार्यक्रम को आगे बढ़ाने से रोकने में अब तक असफल साबित हुए हैं.
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