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तो क्या ऐसे उत्तर कोरिया की मिसाइल गिराएगा अमरीका?
अमरीका ने अपनी विवादित मिसाइल विरोधी प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. अमरीका का कहना है कि कोरिया प्रायद्वीप पर बम गिराने वाले लड़ाकू विमान बी-1 ने भी उड़ान भरी है.
अमरीका के इस सैन्य अभ्यास को उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के सीधे जवाब के तौर पर देखा जा रहा है.
अमरीकी वायुसेना की ओर से फायर की मिसाइल को अलास्का में टर्मिनल हाई एटीट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) की यूनिट ने रोकने का काम किया.
दक्षिण कोरिया और जापानी विमानों के साथ मिलकर अमरीका ने बम गिराने वाले लड़ाकू विमान बी-1 के साथ अभ्यास किया.
उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अंतरमहाद्वीप बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था, जिसके बारे में दावा ये है कि इस मिसाइल से पूरे अमरीका को तबाह किया जा सकता है.
उत्तर कोरिया ने इससे ठीक तीन हफ्ते पहले ऐसी ही एक मिसाइल का पहली बार परीक्षण किया था.
चीन के विरोध के बावजूद ने अमरीकी सेना ने दक्षिण कोरिया में मिसाइल डिफेंस सिस्टम थाड की तैनाती की थी. इसका मकसद उत्तर कोरिया की ओर से फायर की किसी मिसाइल को नेस्तानाबूद करना है.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर चुप्पी बरतने को लेकर चीन की आलोचना की थी.
ट्रंप ने अपने ट्वीट में कहा था, ''मैं चीन से निराश हूं. अतीत में हमारे मूर्ख नेताओं की वजह से चीन ने हमसे व्यापार के ज़रिए अरबों रुपये कमाए. इसके बावजूद वो लोग उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम पर चुप रहे. मैं आगे ऐसा बिलकुल नहीं होने दूंगा.''
पूर्व डिप्लोमेट और चीनी सरकार के सलाहकार विक्टर गाओ ने कहा, ''ट्रंप का बयान बेफिजूल का है. अमरीका की हरकत एक चिड़चिड़े बच्चे की तरह है.''
चीन और उत्तर कोरिया की सीमा मिलती हैं. दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध भी हैं. पूर्व में चीन ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण की निंदा करते हुए संयम बरतने की बात कही थी.
ऐसे में अमरीका की ओर से किया ये सैन्य अभ्यास उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण को सीधे जवाब देने के तौर पर देखा जा रहा है.
क्या है थाड?
यह प्रणाली मध्यम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइलों को उड़ान के शुरुआती दौर में ही गिराने में सक्षम है.
इसकी टेक्नोलॉजी हिट टू किल है यानी सामने से आ रहे हथियार को रोकती नहीं बल्कि नष्ट कर देती है.
यह 200 किलोमीटर दूर तक और 150 किलोमीटर की ऊंचाई तक मार करने में सक्षम है.
अमरीका ने इससे पहले गुवाम और हैती में भी इसकी तैनाती की है ताकि उत्तर कोरिया के हमलों से इन इलाकों को बचाया जाए.
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