रूस-चीन की उत्तर कोरिया से टेस्ट बंद करने की अपील

रूस और चीन ने उत्तर कोरिया से मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम रोकने की अपील की है. उत्तर कोरिया ने मंगलवार को एक अंतरराष्ट्रीय महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण का दावा किया था.

दोनों देशों ने अमरीका और दक्षिण कोरिया के साझा सैन्य अभ्यास को भी रोकने की अपील की है.

उत्तर कोरिया ने कहा है कि उसकी ताज़ा मिसाइल दुनिया के किसी भी कोने में वार कर सकती है.

लेकिन प्योंगयांग के इस दावे पर विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया की ये मिसाइल अपने निशाने पर सटीक मार करने में सक्षम नहीं है.

वहीं उत्तर कोरिया के दावे पर अमरीका और रूस ने कहा है कि इस मिसाइल से उन्हें कोई ख़तरा नहीं है.

रूस और चीन ने उत्तर कोरिया के ताज़ा परीक्षण को अस्वीकार्य बताया है और अमरीका से दक्षिण कोरिया में थाड मिसाइल सिस्टम नहीं स्थापित करने की अपील की है.

अमरीकी सेना ने अपने विवादित थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम की दक्षिण कोरिया में तैनाती की है.

यह डिफेंस सिस्टम उत्तर कोरिया के मिसाइलों को रोकने में सक्षम होगा.

मॉस्को में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है.

क्या है आईसीबीएम?

  • लंबी दूरी की मिसाइल जो परमाणु बम ले जाने के लिए डिज़ाइन की जाती है.
  • इस मिसाइल की क्षमता कम से कम 5,500 किलोमीटर तक मार करने की होती है, इस तरह की ज़्यादातर मिसाइलें करीब 10,000 किलोमीटर या उससे ज़्यादा दूरी तय कर सकती हैं.
  • उत्तर कोरिया ने इससे पहले दो मौकों पर आईसीबीएम मिसाइल प्रदर्शित की हैं. केएन-01 जो 11,500 किलोमीटर और केएन-14 जो 10,000 किलोमीटर की दूरी तय करती सकती है.

पड़ोसियों की चिंता

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन संयुक्त राष्ट्र में उत्तर कोरिया के खिलाफ़ कद उठाने की अपील कर चुके हैं.

जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे भी उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने के लिए अमरीका और दक्षिण कोरिया का साथ देने की बात करते रहे हैं.

हाल ही में अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी थी कि अमरीका का सब्र टूटता जा रहा है.

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