सीरियाई विमान को गिराने के बाद अमरीकी गठबंधन को रूस की चेतावनी

सीरियाई लड़ाकू विमान को मार गिराए जाने के बाद रूस ने सीरिया में तैनात अमरीकी गठबंधन को चेतावनी दी है कि वो इस हमले को अपने विमानों पर हमले के रूप में देखेगा.

अमरीकी गठबंधन ने कहा है कि उसने रविवार को रक्का में अमरीकी समर्थित विद्रोहियों पर बमबारी करने पर सीरियाई सुखोई-22 विमान को मार गिराया.

सीरिया के प्रमुख सहयोगी रूस ने कहा कि हवाई दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वो अमरीका के साथ हुई सूचनाओं के आदान प्रदान के समझौते को रोक रहा है.

सीरिया ने इसे अमरीका की ओर से किया गया 'निंदनीय हमला' क़रार दिया है और कहा है कि इसके 'ख़तरनाक़ परिणाम' होंगे.

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है, "फ़रात नदी के पश्चिम में रूसी एंटी एयरक्राफ़्ट फ़ौजें अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के विमान और ड्रोन समेत हर विमान की निगरानी करेंगी और निशाना बनाएंगी."

मंत्रालय ने इस बात से इनकार किया कि अमरीका ने सुखोई-22 लड़ाकू विमान को मार गिराने से पहले सूचना तंत्र का इस्तेमाल किया था.

रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि हवाई दुर्घटनाओं को रोकने और हवाई सीमा को सुरक्षित रखने की गारंटी के लिए गठबंधन से जो समझौता हुआ था, वो सोमवार को ख़त्म हो गया.

ये समझौता अप्रैल में रोक दिया गया था जब अमरीका ने सीरिया के शायरात एयरबेस पर 59 टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल दागे थे.

अमरीका ने ये कार्रवाई विद्रोहियों के क़ब्जे वाले इदलिब प्रांत में रासायनिक हथियारों के हमले के संदेह में की थी.

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