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तस्वीरेंः क्या आपने देखी है अफ़्रीका में चीन की ये रेल?
केन्या में राजधानी नैरोबी से लेकर बंदरगाह शहर मोम्बासा तक नई रेलवे लाइन की शुरुआत की गई है. ये देश में बीते सौ साल में बनी सबसे प्रमुख रेलवे सेवा है.
चीन के 3.2 अरब डॉलर निवेश से बनी ये रेल सेवा देश में आज़ादी के बाद का सबसे बड़ा निर्माण है. इस रेलवे का निर्माण एक चीनी कंपनी ने किया है और शुरुआत में अधिकतर ड्राइवर और इंजीनियर भी चीनी ही होंगे. केन्या के लोगों को काम सिखाया जा रहा है ताकि बाद में वो पूरी तरह इसकी ज़िम्मेदारी संभाल सकें. नई रेल सेवा से नैरौबी से मोम्बासा तक की दूरी साढ़े चार घंटे में पूरी की जा सकेगी. बस से इस यात्रा में 9 घंटे लगते हैं जबकि पुरानी रेलवे लाइन ये दूरी बाहर घंटे में तय करती है.
फिलहाल ये लाइन 472 किलोमीटर लंबी है. लेकिन इसे अगले 25 सालों में चारों ओर ज़मीन से घिरे हुए दक्षिणी सूडान, रवांडा, बुरूंडी, इथियोपिया और पूर्वी डोमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो तक ले जाने का मास्टर प्लान है. चीन की रेलवे लाइन बिछाने वाली तकनीक के इस्तेमाल से बनी इस लाइन को बिछाने में साढ़े तीन साल का समय लगा है. इस पर 79 पुल हैं, दो बड़े स्टेशन हैं और सात मझोले स्टेशन हैं और 23 पासिंग स्टेशन हैं.
इस रेलवे लाइन को मडारका एक्सप्रेस का नाम दिया गया है. सभी स्टेशनों को इस तरह बनाया गया है कि वो पर्यावरण को प्रतिबिंबित करें. आथी रिवर स्टेशन में पास के पहाड़ों की छलक दिखती है जबकि लाइनों वाला मियासेन्यी स्टेशन ज़ेबरा से प्रेरणा लेकर बना है.
दिखने में बेहद शानदार मोम्बासा स्टेशन की डिज़ाइन में लहरों और तरंगों से प्रेरणा ली गई है. ऐसा लगता है जैसे स्टेशन के मुख्य टावर से तरंगें निकल रही हों.
जबकि प्लेटफॉर्म और ट्रैक लाइनें समुद्र के तट का सा अहसास देती हैं.
नैरोबी मुख्य स्टेशन और पैसेंजर टर्मिनल है. ये इंजनों और डिब्बों की देखभाल का डीपो भी है. इसे ऐसे बनाया गया है जैसे दो इंजन एक-दूसरे की ओर आ रहे हों.
सभी तस्वीरें माइकल खातेली ने ली हैं.
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