ट्रंप के दामाद ने की थी रूस से गोपनीय सिस्टम पर बात: अमरीकी मीडिया

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अमरीकी मीडिया की रिपोर्टों की मुताबिक राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कशनर ने रूस के साथ गोपनीय बातचीत की संभावनाओं की तलाश की थी.
वॉशिंगटन पोस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टों के अनुसार जैरेड कशनर ने दिसंबर में एक मुलाक़ात के दौरान बैकचैनल (गुपचुप) व्यवस्था बनाने को लेकर बात की थी.
इस मामले में हाल की रिपोर्टों पर व्हाइट हाउस के सीनियर अधिकारियों ने कोई टिप्पणी नहीं की है. ऐसा माना जा रहा है कि अमरीकी चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप की व्यापक जांच में एफ़बीआई ने कशनर को भी शामिल किया है.

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अमरीकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक जांचकर्ताओं का मानना है कि कशनर के पास ज़रूरी सूचनाएं हैं, लेकिन आवश्यक नहीं है कि वो अपराध में ज़रूरी संदिग्ध हों.
सबसे हाल की रिपोर्ट- जिसके स्रोत में अमरीकी अधिकारियों का हवाला दिया है- में कहा गया है कि कशनर ने अमरीका में रूसी राजदूत सर्गेइ किस्यलक से अमरीका में रूसी राजनयिकों की मदद से गुपचुप व्यवस्था बनाने को लेकर बात की थी. इसका इस्तेमाल शायद सीरिया और नीतिगत मुद्दों पर होना था.
दोनों रिपोर्टों के मुताबिक इस मुलाक़ात में ट्रंप के पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन भी मौजूद थे. कशनर, माइकल फ्लिन और सर्गेइ किस्यलक की मुलाकात न्यूयॉर्क के ट्रंप टावर में हुई थी. न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि यह सुविधा कभी स्थापित नहीं हो पाई.

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वॉशिंगटन पोस्ट में पहले ही रिपोर्ट छप गई थी कि एफ़बीआई जांचकार्ताओं की नज़र में पिछले साल कशनर, सर्गेइ किस्यलक और मॉस्को के बैंकर सर्गेइ गोर्कोव के साथ हुई बैठक पर है. सर्गेइ किस्यलक से मुलाकात के मामले में अमरीकी प्रशासन को गुमराह करने को लेकर फ़रवरी महीने में माइकल फ्लिन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

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अमरीकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि रूस ने पिछले साल नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप की मदद की थी, क्योंकि वह ट्रंप की प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन को हराना चाहता था. हालांकि इसे ट्रंप और रूस दोनों ख़ारिज करते रहे हैं.
ट्रंप ने इस मामले में कहा है कि अमरीकी इतिहास में बिना अपराध किए यह अब तक की सबसे बड़ी जांच है. हालांकि कशनर के वक़ील ने कहा है कि उनके क्लाइंट किसी भी जांच में मदद करने के लिए तैयार हैं.
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