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डोनल्ड ट्रंप के कानों में गूंज रहे हैं ये शब्द
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का कहना है कि इस पूरे हफ़्ते वो 'अमरीकी इतिहास में पहली बार ऐसी राजनीति के शिकार रहे जिसमें सब उनके पीछे पड़े थे.
उनके आसपास गेट, फ्लिन जैसे कई शब्द गूंजते रहे. इन दिनों राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने के संकेत दिए जा रहे हैं. यहां तक कि रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सीनेटर तक ट्रंप के ख़िलाफ़ दिख रहे हैं.
फ्लिन से जुड़े फैक्ट
दरअसल पिछले कुछ दिनों में डोनल्ड ट्रंप पर कई आरोप लगे हैं. कुछ दिन पहले उन्होंने एफबीआई के निदेशक जेम्स कोमी को बर्ख़ास्त कर दिया था. अमरीकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस साल फ़रवरी में तत्कालीन एफ़बीआई प्रमुख जेम्स कोमी को रूस और उनके पूर्व सुरक्षा सलाहकार माइकल फ़्लिन के बीच संबंधों की जाँच ख़त्म करने को कहा था.
फ्लिन रूसी अफसरों से संबंधों के लेकर घेरे में थे और उन्हें इस्तीफा भी देना पड़ा था.
हाल ही में ट्रंप ने एफ़बीआई के निदेशक जेम्स कोमी को पद से हटा दिया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक पत्र लिखकर जेम्स कोमी से कहा है कि वो प्रभावी तरीके से एफ़बीआई की अगुआई नहीं कर रहे हैं.
क्यों आ रहा है वॉटरगेट का नाम?
इस बीच ट्रंप पर कथित इस्लामिक स्टेट ग्रुप के बारे में रूस के साथ गोपनीय ख़ुफ़िया जानकारी साझा करने का भी आरोप लगा. ये जानकारी अमरीका को इसराइली ख़ुफ़िया तंत्र से मिली थी.
अमरीकी अख़बार 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने दावा किया था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले दिनों व्हाइट हाउस में एक मीटिंग के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्जेई लावरोफ़ और रूसी राजदूत के साथ ये जानकारी साझा की. ये वो जानकारी थी जिसे साझा करने के लिए ट्रंप अधिकृत नहीं थे.
हालांकि ख़ुद राष्ट्रपति ट्रंप और अमरीका के कई शीर्ष अधिकारियों ने इस ख़बर को ग़लत बताया और दावा किया कि जो भी बातचीत हुई है उसमें ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है.
इसे 1972 में हुए वॉटरगेट कांड से जोड़ दिया गया जो अमरीका का पहला ऐसा स्कैंडल था जो अपने झूठ-फ़रेब और सच्चाई को छिपाने के लिए सुर्ख़ियों में आया था. ये सभी आरोप 1972 में वॉटरगेट परिसर स्थित नेशनल डेमोक्रेटिक कमेटी के दफ़्तर में जबरन घुसने से संबंधित थे.
तब तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने वॉटरगेट कांड में पड़ रहे दबाव और संभावित महाभियोग के ख़तरे को देखते हुए पद छोड़ा था.
क्यों हो रही है महाभियोग की चर्चा?
तो ट्रंप के मामले में गेट शब्द से मतलब उस संवेदनशील जानकारी से है, जो क़ानूनन केवल कुछ लोगों के लिए ही है. इस तरह के दस्तावेज़ों के लिए सुरक्षा जांच से गुज़रने की ज़रूरत होती है.
इन्हीं आरोपों की बुनियाद पर ट्रंप के आसपास 'महाभियोग' शब्द गूंजने लगा.
इसका ये मतलब नहीं होता कि राष्ट्रपति को हटा दिया जाएगा लेकिन उन्हें हटाए जाने की ओर ये पहला क़दम होता है.
जब किसी राष्ट्रपति पर गंभीर आरोप लगते हैं तो उस पर महाभियोग लगाया जाता है. महाभियोग के बाद राष्ट्रपति को पद छोड़ना पड़ता है.
अमरीकी संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति को देशद्रोह, रिश्वत और दूसरे संगीन अपराधों में महाभियोग का सामना करना पड़ता है.
अमरीका में महाभियोग की प्रक्रिया हाउस ऑफ रिप्रेज़ेंटेटिव्स से शुरू होती है और इसे पास करने के लिए साधारण बहुमत की ज़रूरत पड़ती है. इस पर एक सुनवाई सीनेट में होती है लेकिन यहां महाभियोग को मंजूरी देने के लिए दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत पड़ती है. अमरीकी इतिहास में इस मील के पत्थर तक अभी तक पहुंचा नहीं जा सका है.
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