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हिलेरी ने एफबीआई जांच पर उठाए सवाल
अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रैटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने जांच एजेंसी एफ़बीआई की ओर से उनके ईमेल प्रकरण की दोबारा जांच को अभूतपूर्व और परेशान करने वाला बताया है.
जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टिगेशन (एफबीआई) के निदेशक जेम्स कूमी ने कहा है कि नई ईमेल और दोबारा जांच के बारे में उन्हें जानकारी इसलिए सार्वजनिक करनी पड़ी क्योंकि वो अमरीकी जनता को गुमराह नहीं करना चाहते थे.
अपनी एक चुनाव प्रचार रैली में हिलेरी ने कहा, 'इस बात पर थोड़ी हैरानी होती है कि इस जांच की घोषणा चुनाव से महज़ दो हफ्ते पहले की गई और वो भी इतनी कम सूचनाओं के आधार पर हुई है.'
हिलेरी ने एफबीआई से पूछा है कि वह बिना देरी किए बताए कि वह ईमेल मामले की नए सिरे से जाँच क्यों कर रही है. हिलेरी ने कहा, "अमरीकियों को तत्काल विस्तार से पूरे तथ्य जानने का हक़ है."
कूमी ने अमरीकी कांग्रेस को लिखे पत्र में शनिवार को ये जानकारी दी थी.
उन्होंने कहा है कि एफबीआई को नए ईमेल के बारे में पता चला है जो डेमोक्रैटिक उम्मीदवार के विदेश मंत्री रहते हुए निजी सर्वर के इस्तेमाल पर हुई जांच से संबंधित हो सकते हैं.
उन्होंने लिखा- "हम आम तौर पर कांग्रेस को चल रही जांच के बारे में नहीं बताते हैं. लेकिन मैंने ये बताना अपनी ज़िम्मेदारी समझी क्योंकि मैंने पहले बयान दिया था कि एफ़बीआई की जांच पूरी हो गई है."
रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप इस मुद्दे का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं.
ट्रंप का दावा है कि यह अमरीकी राजनीतिक इतिहास में वॉटरगेट के बाद का सबसे बड़ा राजनीतिक स्कैंडल है.
उन्होंने आरोप लगाया, "उनकी (हिलेरी के) आपराधिक कार्रवाई जानबूझ कर, किसी ख़ास मकसद से की गई."
1970 के दशक के दौरान हुए वॉटरगेट कांड की वजह से रिपब्लिकन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था.
अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए 8 नवंबर को मतदान होना है.