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रिपब्लिकन नेता ही हुए डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़
इसराइल का कहना है कि अमरीका को इसराइली ख़ुफ़िया तंत्र से मिली जानकारी रूस के साथ साझा करने के आरोपों की वजह से अमरीका के साथ उसके संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
अमरीका के लिए इसराइली दूत रॉन डरमर ने कहा है कि अमरीका के साथ साझा की जा रही गोपनीय सूचनाओं के मामले में उनके देश को अमरीका पर पूरा भरोसा है.
मंगलवार को अमरीकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट में ये ख़बर छपी कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूस को गोपनीय ख़ुफ़िया जानकारी लीक की है. उसके बाद से ही अमरीका की राजनीति गरमा गई है.
हालांकि ख़ुद राष्ट्रपति ट्रंप और अमरीका के कई शीर्ष अधिकारी इस ख़बर को ग़लत बता रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि जो भी बातचीत हुई है उसमें ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है.
ख़ुफ़िया अभियानों की सुरक्षा
मुद्दे ने तूल पकड़ा तो ट्रंप ने ट्वीट करके कहा कि कथित इस्लामिक स्टेट समूह के ख़िलाफ़ लड़ाई मज़बूत करने के लिए रूस के साथ जानकारी साझा करने का उन्हें पूरा अधिकार है.
लेकिन इस मुद्दे पर बहस जारी है और डेमोक्रेटिक पार्टी और कई रिपब्लिकन नेता ट्रंप से सफ़ाई मांग रहे हैं.
डेमोक्रेट नेता चक शूमर ने मांग की है कि व्हाइट हाउस बैठक का पूरा ब्यौरा सामने रखे.
उनका कहना है, "सभी डेमोक्रेट नेता मानते हैं कि राष्ट्रपति को उस बैठक में हुई बातचीत का ब्योरा सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी को देना चाहिए."
वो कहते हैं, "कोई किंतु-परंतु नहीं, राष्ट्रपति को बिना किसी संशोधन के बातचीत का ट्रांसक्रिप्ट दे देना चाहिए. कांग्रेस को ये जानने का अधिकार है कि कहीं उन्होंने हमारे देश की सुरक्षा और ख़ुफ़िया अभियानों की सुरक्षा को किसी तरह के ख़तरे में तो नहीं डाला."
अमरीका और इसराइल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिस जानकारी को रूस के साथ साझा करने के आरोप लगाए जा रहे हैं वो अमरीका को इसराइल से मिली थी और उसे ये जानकारी साझा करने का अधिकार नहीं था.
हालांकि ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एचआर मैकमास्टर ने इससे इनकार किया है और कहा है बैठक में ख़ुफ़िया जानकारी के स्रोत या तरीक़े के बारे में कोई बात साझा नहीं की गई.
इस मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी के नेता भी दो खेमों में बँटे दिखते हैं.
रिपब्लिकन पार्टी के नेता मिच मैक्कोनेल का कहना है कि इस मुद्दे को बिना वजह तूल दिया जा रहा है.
व्हाइट हाउस
मिच मैक्कोनेल ने ब्लूमबर्ग टीवी से बातचीत में कहा "मुझे लगता है कि व्हाइट हाउस में क्या हुआ उसको लेकर ड्रामा करने की बजाय हम और भी बेहद ज़रूरी मुद्दों पर अपना ध्यान लगा सकते हैं जैसे कि कर सुधार और ओबामाकेयर की जगह कौन सी नई नीति लाई जाए इस पर."
पार्टी के एक अन्य नेता जॉन मैक्केन अनुसार, "ये अमरीका के सहयोगियों और दोस्तों के लिए एक चेतावनी है. वो भविष्य में अमरीका के साथ ख़ुफ़िया जानकारी साझा करना चाहेंगे या नहीं - ये उस पर भी असर डाल सकता है."
इस मुद्दे पर रूस ने किनारा कर लिया है.
रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्रि मैककोनेल का कहना है "इस तरह के नॉन सेंस (यानी फ़ालतू बातों) से हमारा कोई लेना-देना नहीं होता.''
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