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किम जोंग उन ने दिए बड़े पैमाने पर नई उ. कोरियाई मिसाइल बनाने के आदेश
उत्तर कोरिया ने मध्यम दूरी तक मार करने वाली नई बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण की पुष्टि कर दी है. वहां की सरकारी एजेंसी केसीएनए ने इसे 'कामयाब' और 'सैन्य उपयोग के लिए तैयार' बताया है.
केसीएनए के मुताबिक, रविवार को हुआ मिसाइल टेस्ट देखने के लिए उत्तर कोरिया के प्रशासक किम जोंग-उन भी मौजूद थे और उन्होंने इन मिसाइलों को बड़े पैमाने पर बनाने के आदेश दिए हैं.
इस मिसाइल को 'पुकगुसॉन्ग-2' नाम दिया गया है. इस परीक्षण की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है क्योंकि उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों पर संयुक्त राष्ट्र ने पाबंदी लगा रखी है.
केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग-उन ने कहा, 'इसका सामरिक और तकनीकी पक्ष सेना की ज़रूरतों के मुफ़ीद है. कोरियाई सेना को मज़बूत करने के लिए इस तरह की मिसाइलों को तेज़ गति से बड़े पैमाने पर बनाना चाहिए.'
अमरीका ने कहा कि इस मिसाइल की क्षमता पिछले तीन परीक्षणों के मुक़ाबले कम थी. इसे दक्षिणी प्योंगन प्रांत के पुकचैंग से छोड़ा गया और क़रीब 500 किलोमीटर सफ़र के बाद यह जापान के सागर में जाकर गिरी.
पिछले हफ़्ते उत्तर कोरिया ने जो रॉकेट छोड़ा था, वह 700 किलोमीटर तक गया था.
उत्तर कोरिया ने हफ़्ते भर पहले ही ऐसी मिसाइल टेस्ट करने का दावा किया था जो परमाणु हथियार ले जा सकती हैं.
15 मई को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया को भविष्य के परीक्षणों के लिए चेताया था.
23 मई को सुरक्षा परिषद फिर उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों पर चर्चा करेगा. अमरीका, जापान और दक्षिण कोरिया के निवेदन पर यह बैठक बुलाई गई है.
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